8 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि से हड़कंप
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हरियाणा में स्वाइन फ्लू के अब तक आठ मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। रविवार को विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि राज्य के सभी सिविल सर्जनों को अपने-अपने जिले में एक हेल्पलाइन नंबर भी स्थापित करने के लिए कहा गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि सभी सिविल सर्जनों को अपने-अपने जिले की अस्पतालों में आइसोलेशन (अलग से एक वार्ड) वार्ड स्थापित करने केदिशा निर्देश भी दिए गए हैं और वेंटीलेटर स्थापित करने के लिए कहा गया है, क्योंकि स्वाईन-फ्लू के मरीज को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि टेमीफ्लू दवा का पर्याप्त भंडार होने, अपने-अपने जिले में डाक्टरों की एसोसिएशन जैसे कि आईएमए से संपर्क साधने के साथ-साथ निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।
विभाग ने स्कूलों में प्रधानाचार्यों के साथ बैठक करने के लिए कहा गया है। उन्हें कहा जाएगा कि अगर कोई बच्चा संक्रमित हैं तो उसे स्कूल से छुट्टी दी जाए और उस पर निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में मरीज
वीडियो कांफ्रेसिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों के सिविल सर्जन से स्वाइन-फ़्लू के संबंध में तैयारियों व उससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रंबंधों की जानकारी ली।
इस दौरान फरीदाबाद के सिविल सर्जन ने बताया कि फरीदाबाद में दो मरीज स्वाइन-फ्लू के पाए गए जिनमें एक मरीज नीलम पाठक को छुट्टी दे दी गई है और वह अब ठीक है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में हैं। वहीं एक अन्य मरीज, जिसकी रिपोर्ट पोजिटिव पाई गई थी, का उपचार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है, परंतु राज्य की स्वास्थ्य टीम इस मरीज के रिश्तेदारों व परिजनों के संपर्क में हैं और पूरी निगरानी रखी जा रही है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास ने बताया कि यह बीमारी ड्रापलेटस के माध्यम से फैलती है और सक्रंमण की संभावना बढ जाती है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए किसी से हाथ न मिलाएं और गले भी न मिलें।
उन्होंने बताया कि स्वाइन-फ्लू के गंभीर मामलों से निपटने के लिए राज्य के चार अस्पतालों को शामिल किया गया है, जिसमें हिसार के अग्रोहा का मेडिकल कालेज, सोनीपत के खानपुर कलां का मेडिकल कालेज, मेवात का मेडिकल कालेज और रोहतक का पीजीआईएमएस शामिल हैं।