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Hindi News ›   Chandigarh ›   Swachh Survekshan 2019, Mayor Rajesh Kalia Told Reasons Behind 20th Rank of Chandigarh

स्वच्छ सर्वेक्षण: 20वीं रैंक के साथ साफ-सफाई में चंडीगढ़ चारों खाने चित, मेयर बता रहे वजह जानिए

Thu, 07 Mar 2019 10:22 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 07 Mar 2019 10:22 AM IST
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Swachh Survekshan 2019, Mayor Rajesh Kalia Told Reasons Behind 20th Rank of Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में चंडीगढ़ तीसरे नंबर से 20वें नंबर पर पहुंच गया। पंजाब को सफाई के मामले में देश का बेस्ट परफॉर्मिंग सूबा चुना गया है। हरियाणा में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 9वें स्थान पर जगह बनाई।
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केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से 4237 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया। 31 जनवरी 2019 को सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी हुई। देश भर से 64 लाख लोगों से फीडबैक लिए गए थे। सोशल मीडिया के जरिए चार करोड़ लोगों को जोड़ा गया था। ओवरऑल रैकिंग में इस बार भी इंदौर को सबसे साफ सुथरे शहर का दर्जा दिया गया।
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चंडीगढ़ की रैंक ऐसे फिसली
2018 में चंडीगढ़ को स्वच्छता सर्वेक्षण में तीसरा स्थान मिला था। 2017 में चंडीगढ़ रैंकिंग में 11वें नंबर पर था। उस समय नगर निगम की जमकर किरकिरी हुई थी, तो रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम के साथ-साथ शहरवासियों ने योगदान देना शुरू किया। नगर निगम ने शहरवासियों को स्वच्छता एप के जरिए कनेक्ट किया।
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मेयर ने ली जिम्मेवारी, बताई रैंक फिसलने की वजह

स्वच्छ सर्वेक्षण में तीसरे स्थान से 20वें नंबर पर फिसलने की जिम्मेवारी नैतिकता के आधार पर मेयर होने के नाते मैं लेता हूं। अब अपने अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक करके समीक्षा करूंगा कि किस कारण से हम पिछड़ गए। शहर की जनता को भी इसमें भागीदार बनाएंगे, ताकि पहले नंबर पर आएं। आर्थिक मोर्चे पर भी हम पिछड़ गए। पैसे के अभाव में कई काम नहीं हो सके। तीन से पांच करोड़ रुपये रुपये सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए आने थे, जो नहीं आए।
- राजेश कुमार कालिया, मेयर नगर निगम चंडीगढ़

ये रही दूसरी वजह
घरों से गीले और सूखे कूड़े को अलग करने की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी और उसके विरोध में गारबेज इकट्ठा करने वाले हड़ताल पर चले गए थे। इस साल रैंकिंग में पिछड़ने की सबसे बड़ी वजह यही मानी जा रही है।

राजनीति की भेंट चढ़ी योजना
अव्वल आने के लिए नगर निगम को जो तैयारी करनी थी, वह पार्षदों की राजनीति की भेंट चढ़ गई। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी और डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के लिए जो प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनी थी, वह अब तक नगर निगम सदन की बैठक में पेश नहीं हो पाई है। जब तक यह पास नहीं होगी, तब तक सूखे और गीले कचरे का सेग्रीगेशन शुरू नहीं होगा।

इस तरह तय होती है रेटिंग

अगर सूखा और गीला कचरा 25 प्रतिशत अलग-अलग इकट्ठा हो रहा है तो वन स्टार, 50 प्रतिशत एकत्र होने पर टू स्टार, 80 प्रतिशत होने पर 3 स्टार और शत प्रतिशत होने पर 5 स्टार रेटिंग मिलती है। अगर रिहायशी, सार्वजनिक स्थानों और बाजारों की सफाई प्रतिदिन एक बार होगी तो एक से चार स्टार की रेटिंग मिलेगी। 5 स्टार रेटिंग के लिए इन इलाकों में सुबह और रात में दो बार सफाई होनी चाहिए। वर्तमान में केवल एक बार ही सफाई हो रही है। इस तरह के कुल 21 मापदंड हैं, जिनमें प्रथम आने पर चंडीगढ़ को 5 स्टार रेटिंग मिलती।

हमने काफी सुधार किया है: कमिश्नर
नगर निगम ने पिछले साल में सफाई में काफी सुधार किया है। आने वाले समय में इसमें तेजी से सुधार होगा। इससे शहर में कचरे का सही तरीके से निस्तारण की व्यवस्था हो, इस पर कार्यप्रणाली में परिवर्तन होगा। अगली रैंकिंग अच्छी रहेगी। यह मुझे पूरा विश्वास है।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम चंडीगढ़
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