निलंबित डीएसपी अतुल सोनी ने 43 दिन बाद अदालत में किया आत्मसमर्पण, पटियाला जेल भेजा गया
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करीब 43 दिनों मोहाली पुलिस से आंख मिचौली खेल रहे पंजाब पुलिस के निलंबित डीएसपी अतुल सोनी ने सोमवार को जिला अदालत में सरेंडर कर दिया। जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब पटियाला जेल में रहेंगे। हालांकि इस दौरान कहा कि उन्हें इस केस में झूठ फंसाया गया है। उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है।
जानकारी के मुताबिक सोमवार को निलंबित डीएसपी अतुल सोनी ने एडिशिनल सिसिल जज सीनियर डिवीजन रुचि स्वपन शर्मा की अदालत में सरेंडर कर दिया। इस दौरान वह चुपके से अपने वकील सहित अदालत में पेश हुए। इसके बाद अदालत ने उन्हें पटियाला जेल भेज दिया। इस मामले पर उन्होंने ज्यादा बोलने से मना कर दिया। साथ ही कहा कि उनके साथ जो भी हुआ है, वह गलत हुआ है।
जिक्रयोग है कि हाईकोर्ट से राहत न मिलने और पुलिस की सख्ती ने अतुल सोनी को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया था। पुलिस द्वारा उनके जानकारों और रिश्तेदारों तक के यहां दबिश दी जा रही थी। इसके अलावा उनके अरेस्ट वारंट और लुकआउट नोटिस तक जारी हो चुके थे। उनके सोशल साइट्स अकाउंट पर भी प्रशासन की नजर थी। इस संबंध में इंस्टाग्राम को भी पत्र लिखा गया था। बता दें कि अतुल सोनी कई फिल्मों व वीडियो एलबम में काम कर चुके हैं। उन्हें अपनी फिटनेस के लिए 'सिंघम' के नाम से जाना जाता है।
पत्नी ने लगाया था आरोप फिर दर्ज हुआ केस
18 जनवरी को डीएसपी अतुल सोनी और उनकी पत्नी सुनीता सोनी चंडीगढ़ के एक डिस्क में गए थे। वहां पर उनका किसी बात को लेकर विवाद हुआ और दोनों में बहसबाजी और धक्का मुक्की तक हुई। इसके बाद दोनों मोहाली स्थित अपने घर पहुंच गए। पत्नी ने आरोप लगाया था कि घर पहुंचकर पति ने उनके साथ मारपीट की और उस पर गोली तक चलाने की कोशिश की।
पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने अतुल सोनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (हमला), 307 (हत्या का प्रयास), 498-ए (घरेलू हिंसा) और आर्म्स एक्ट के तहत फेज-8 थाने में केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के अगले दिन ही पत्नी ने एफिडेविट जारी करके आरोप लगाया था कि पुलिस ने खुद ही फायरिंग वाली बात एफआईआर में दर्ज कर ली थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि सोनी की पत्नी ने खुद लिखित में शिकायत दी थी और उनके पास हथियार को सुपुर्द करने के समय का वीडियो भी है। वहीं उक्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
ऐसे जारी हुए थे वारंट
इसके बाद मोहाली डीएसपी ने उक्त केस में जमानत के लिए मोहाली अदालत में अर्जी लगाई थी। अदालत ने उसे रद्द कर दिया था। इसके बाद डीएसपी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी पर वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी थी। इस बीच पुलिस विभाग की सिफारिश के बाद उन्हें सस्पेंड करने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी थी। फिर उनके अरेस्ट वारंट व लुक आउट नोटिस जारी हुए थे