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सर्जिकल स्ट्राइक: सरहद पर फिर लौटने लगी जिंदगी, पाकिस्तान का डर नहीं

Thu, 06 Oct 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर Updated Thu, 06 Oct 2016 01:53 AM IST
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Surgical strike people are back to their homes, with no fear of Pakistan
सरहद पर फिर लौटने लगी जिंदगी - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के सरहदी जिले फिरोजपुर में भारत-पाक सीमा से सटे गांवों में रौनक लौटने लगी है। तनाव कम होते ही गांव के लोग अपने घर वापस आ रहे हैं। स्कूल खुल गए हैं और राहत कैंपों में लोगों की संख्या कम हो रही है।
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कैंप प्रबंधकों का मानना है कि अगले एक दो दिन में सभी लोग वापस लौट जाएंगे। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 29 सितंबर की शाम को प्रशासन ने भारत-पाक सीमा के दस किमी के दायरे में बसे गांव खाली कराने का आदेश दिया था। अब हालात पहले से बेहतर हैं इसलिए लोग वापस लौटना शुरू हो गए हैं।
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खाली हुए राहत शिविर, सीमांत गांवों में रौनक बढ़ी

Surgical strike people are back to their homes, with no fear of Pakistan
सरहद पर फिर लौटने लगी जिंदगी - फोटो : अमर उजाला
बीएसएफ की गजनीवाला पोस्ट के पास सतलुज नदी पार कर जीरो लाइन की तरफ अपनी फसल देखने रेहड़े पर जा रहे गांव दोना मत्तड़ के किसान रमेश सिंह ने बताया कि अब तनाव कम हो गया है और वह अपनी फसल का ध्यान रख रहे हैं।

रमेश अपने परिवार के साथ बैलगाड़ी के जरिए सतलुज नदी में तीन फुट पानी से निकलकर फसल देखने जाते हैं। उनका कहना है कि उनके और पाकिस्तानी किसानों के खेतों में एक सड़क एवं कंटीली तारों का ही फासला है। वहीं किसान गुरदीप सिंह का कहना है कि उनको पाकिस्तानियों से डर नहीं लगता।  

कंटीली तारों से सटे एक घर के मालिक भगवान सिंह ने बताया कि प्रशासन ने जगह खाली करने को कहा था लेकिन पशु और खेती छोड़कर जाना संभव नहीं है। ऐसे मे महिलाओं और बच्चों को रिश्तेदारों के पास भेजा था लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं। 

फिर से स्कूल खुले, बच्चों ने की पढ़ाई शुरू

Surgical strike people are back to their homes, with no fear of Pakistan
फिर से स्कूल खुले - फोटो : अमर उजाला
गांव दोना मत्तड़ के सरकारी प्राइमरी स्कूल में भी बुधवार को छह दिन बाद रौनक लौट आई। स्कूल में कुल 221 बच्चे शिक्षा हासिल करते हैं उनमें से बुधवार को चालीस फीसदी स्कूल पहुंचे। अध्यापक अश्वनी कुमार ने बताया कि गांव के धार्मिक स्थलों से अनाउंसमेंट करवा दिया गया है। उम्मीद है कि वीरवार तक सभी बच्चे स्कूल आ जाएंगे। 

अश्वनी ने बताया कि फिलहाल किसी भी तरह का तनाव नहीं है। दो अक्तूबर को सर्वे कराया गया था, इसमें यह पता चला कि 172 बच्चे गांव में ही थे जबकि 49 बच्चे गांव से बाहर अपने रिश्तेदारों के पास गए थे।  गांव कोहर सिंह वाला के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लगे राहत शिविर से भी लोग अपने घरों को जाने लगे हैं।

शिविर के नोडल अफसर विनेश गल्होत्रा ने बताया कि शिविर में कुल 216 लोग आए थे लेकिन अब केवल 148 रह गए हैं। बुधवार शाम तक केवल 40-50 लोग ही रह जाएंगे। शिविर में गांव चक्क मादी के, मत्तड़ हिठाड, दोना मत्तड़, चक्क शिकारगाह, गट्टी मत्तड़, मत्तड़ उताड़, खुंदल उताड़ के लोग आए थे। उन्होंने कहा कि वीरवार से स्कूल में भी बच्चों की पढ़ाई शुरू हो गई है।
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