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अब हरियाणा में सुपर ब्रेन योग पद्धति से होगा स्कूली बच्चों का विकास, पायलट प्रोजक्ट से होगी शुरूआत
Thu, 04 Jul 2019 10:23 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 04 Jul 2019 10:23 PM IST
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड स्थित डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल के कुछ बच्चों को चुनकर प्रयोगात्मक रूप से सुपर ब्रेन योग पद्धति द्वारा उनके मस्तिष्क की असीमित क्षमताओं को जागृत किया जाएगा।
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प्रदेश के अन्य स्कूलों में भी इसे लागू करने के बारे में प्रस्ताव शिक्षा विभाग, हरियाणा को भेजा जाएगा। यह बात हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ जगबीर सिंह एवं सचिव राजीव प्रसाद ने कही।
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उन्होंने सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल में नियुक्त सभी शिक्षकों को सुपर ब्रेन योग की विशेषता के बारे अवगत करवाया और ग्रीष्मावकाश के पश्चात आठ जुलाई से छात्र/छात्राओं की टीमें निर्धारित कर प्रतिदिन सुपर ब्रेन योग करवाकर अवलोकन करने बारे निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त शिक्षकों को भी स्वयं इस योग का भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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इस प्राचीन पद्धति से बच्चों में एकाग्रता बढ़ाने में लाभ पहुंचेगा। यह पद्धति बच्चों के दिमाग को विकसित करने में सरल व सुलभ प्रणाली है, जिसका कोई भी दुष्परिणाम नहीं है। उन्होंने कहा कि लगभग दो किलोग्राम के वजन वाले मानव मस्तिष्क में बहुत अधिक क्षमताएं हैं।
सुपर ब्रेन योग की उपयोगिता बारे जानकारी देते हुए बोर्ड सचिव ने बताया कि वैज्ञानिकों के अनुसार अभी तक मानव मस्तिष्क के कुछ प्रतिशत भाग को ही समझा और उपयोग में लाया जा सका है।
अधिकतर प्रतिशत भाग जानकारी के अभाव में निष्क्रिय अवस्था में अनुपयोगी पड़ा रहता है। हमारी यह पद्धति प्राचीन काल से अपनाई जा रही है, जिसको वैज्ञानिकों एवं पाश्चात्य समाज ने भी काफी सराहा है।