अब जाखड़ बोले- कैप्टन अपने हाथ में लें सरकार की कमान, लोगों तक नहीं पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
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अफसरशाही के खिलाफ विधायकों की लगातार शिकायतों के बीच गुरुवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ ने भी पंजाब की ब्यूरोक्रेसी पर लगाम कसने की मांग उठा दी। एक ओर जहां उन्होंने विधायकों की इस बाबत शिकायतों पर मूक सहमति दी, वहीं उन्होंने यह भी कहा कि करप्शन और लालफीताशाही के चलते ग्रामीण इलाकों में आम लोगों तक सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच रहा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अब ब्यूरोक्रेसी की बजाय सरकार की कमान अपने हाथ में ले लेनी चाहिए। हालांकि जाखड़ ने जनता से किए वादे पूरे करने के लिए कैप्टन सरकार की तारीफ भी की। पंजाब भवन में गुरुवार को जलालाबाद हलके में पार्टी की चुनाव प्रचार मुहिम में अहम योगदान देने वाले पार्टी वर्करों और नेताओं का आभार व्यक्त करने के लिए बुलाई बैठक में अनौपचारिक बातचीत में जाखड़ ने माना कि समय आ गया है, अब कैप्टन साहब को कमान अपने हाथ में ले लेनी चाहिए।
अफसरशाही के प्रति विधायकों की शिकायतों को लेकर पूछे गए प्रश्नों पर जाखड़ ने पानीपत के युद्ध के ऐतिहासिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि बाबर ने लोधी की सेना से लाए गए हाथी पर बैठने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि हाथी को वह खुद नहीं बल्कि महावत द्वारा चलाया जाना था। जाखड़ ने कहा-‘कैप्टन साहब को भी महावत (अफसरशाही) की बजाए सरकार की कमान अपने हाथ में लेनी होगी।’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के जनता की अपेक्षाएं बहुत अधिक हैं और कहीं न कहीं उन अपेक्षाओं के अनुरूप जनता तक सहूलियतें नहीं पहुंच रहीं। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं और उन्हें पूरा करने के बीच बनी खाई को पूरा किया जाना चाहिए। मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में पूछे गए सवाल पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।
उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने तीन साल के कार्यकाल में जनता के किए वादे पूरे किए हैं लेकिन जो कुछ भी कमी रह गई है, उसे भी पूरा करना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि दरअसल कैप्टन सरकार से जनता की अपेक्षाएं बहुत अधिक हैं, जिनका अंदाजा खुद कांग्रेस सरकार को भी नहीं था। सरकार पूरी ताकत के साथ जनता से किए वादे पूरे करने में जुटी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार पार्टी विधायकों से फीडबैक लेते रहते हैं, जिसके आधार पर फैसले भी लिए जाते हैं। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि सरकार और कांग्रेस पार्टी के बीच किसी तरह के मतभेद हैं। राज्य की वित्तीय स्थिति को भी एक बड़ी समस्या मानते हुए जाखड़ ने कहा कि जनता के काम होने में देरी का ठीकरा भी अफसरशाही की सिर ही फूटता है, क्योंकि उन्हें ही योजनाओं का क्रियान्वयन करना होता है।
उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार की राजनीतिक दूरदर्शिता ही है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सत्ता संभालने के साथ ही योजनाएं लागू करने का काम शुरू कर दिया, जिसमें कर्जमाफी जैसा बड़ा वादा भी था। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को अपना कार्यक्रम मौजूदा सेटअप के जरिये ही लागू करना होता है लेकिन देखा गया है कि जनता तक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच रहा है।
सिंगला की अध्यापकों बारे में टिप्पणी से जाखड़ खफा
शिक्षा मंत्री विजयइंदर सिंगला को बीते दिनों अध्यापकों के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी दलों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में न ही मुख्यमंत्री और न ही प्रदेश कांग्रेस की ओर से सिंगला से जवाबतलबी की गई है।
गुरुवार को पंजाब भवन में प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ से जब इस विषय पर पूछा गया तो उन्होंने शिक्षा मंत्री की अध्यापकों के प्रति भद्दी टिप्पणी और भाषा की निंदा की। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि पार्टी ने इस संबंध में शिक्षा मंत्री से कोई जवाबतलबी की है।
जाखड़ ने कहा कि उन्होंने अभी तक वह वायरल वीडियो नहीं देखा है लेकिन जैसा सुनने में आया है, ऐसी भाषा का प्रयोग करना किसी भी मंत्री को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा और टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है और इसे किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों अध्यापकों द्वारा रास्ता रोके जाने से नाराज शिक्षा मंत्री सिंगला ने एक पुलिस अधिकारी को अध्यापकों को हटाने का आदेश देते हुए एक भद्दी टिप्पणी की थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।