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पानी किया बर्बाद तो हो गई जेब ढीली, आप भी रहें सावधान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 02 Apr 2017 09:20 AM IST
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पानी
- फोटो : Demo Pic
गर्मी आते ही पानी की किल्लत की टेंशन बढ़ गई है। प्रशासन बार-बार पानी को बचाने की अपील कर रहा है, फिर भी कई ऐसे लोग हैं जो पानी को दिल खोल कर बर्बाद करने में लगे हैं। अब ऐसे लोगों के लिए जेब ढीली करने का वक्त आ गया है। नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार से पानी बर्बाद करने वालों के चालान काटने शुरू कर दिए हैं। पहले दिन 12 लोगों को दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि 41 लोगों को सिर्फ नोटिस जारी किया गया है।
चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि अभी अभियान और तेज किया जाएगा। इस बार शहर मेें कहीं पर भी पानी बर्बाद नहीं करने दिया जाएगा। मालूम हो कि निगम ने पानी बर्बादी करने वालों पर नजर रखने को 12 से ज्यादा टीमों का गठन किया है। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि वह खुद भी सुबह पानी बर्बाद करने वालों और टीमों की कारगुजारी को चेक करेंगे। मालूम हो कि एक अप्रैल से शहर में पेयजल से गाड़ियां धोने के साथ-साथ बगीचों में सिंचाई पर भी पाबंदी का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय 30 जून तक लागू रहेगा।
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चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि अभी अभियान और तेज किया जाएगा। इस बार शहर मेें कहीं पर भी पानी बर्बाद नहीं करने दिया जाएगा। मालूम हो कि निगम ने पानी बर्बादी करने वालों पर नजर रखने को 12 से ज्यादा टीमों का गठन किया है। चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि वह खुद भी सुबह पानी बर्बाद करने वालों और टीमों की कारगुजारी को चेक करेंगे। मालूम हो कि एक अप्रैल से शहर में पेयजल से गाड़ियां धोने के साथ-साथ बगीचों में सिंचाई पर भी पाबंदी का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय 30 जून तक लागू रहेगा।
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चालान के बाद दोबारा पकड़े गए तो कनेक्शन कटेगा
पानी की बर्बादी
चालान के बाद फिर से पकड़े जाने पर जुर्माने के नोटिस के साथ ही पानी का कनेक्शन भी काट दिया जाएगा। मालूम हो कि पेयजल की सबसे ज्यादा बर्बादी वीआईपी इलाकों में होती है, क्योंकि यहां पर ही लोगों के बगीचे हैं। शहर में जिन घरों की छतों की टंकियों से पानी बहता है उनका भी चालान काटने का प्रावधान है। वाटर बायलाज में हुए संशोधन के अनुसार अब एक कनाल से ऊपर तक के मकानों में टर्शरी वाटर की सप्लाई का कनेक्शन भी जरूरी है।
पानी की लीकेज पर भी चालान
अगर किसी के घर के आगे पानी की लीकेज हो रही है या फिर मीटर, कूलर में से पानी बह रहा है तो भी दो हजार रुपये का चालान काटा जाएगा। अगर कोई जुर्माने की राशि अदा नहीं करेगा तो पानी के बिल में यह राशि जुड़कर आ जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बूस्टर पंप और पानी चढ़ाने के लिए मोटर का इस्तेमाल करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।
बाल्टी का प्रयोग कर सकते हैं
अगर कोई बाल्टी में से कम पानी का प्रयोग करके गाड़ी साफ करता है या फिर सिंचाई करता है तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गर्मी में 116 एमजीडी हो जाती है पानी की मांग
शहर में इस समय 87 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है, जबकि गर्मी में यह मांग बढ़कर 116 एमजीडी हो जाती है। 67 एमजीडी की सप्लाई कजौली वाटर वर्क्स से और 20 एमजीडी की सप्लाई ट्यूबवेल से हो रही है।
पानी की लीकेज पर भी चालान
अगर किसी के घर के आगे पानी की लीकेज हो रही है या फिर मीटर, कूलर में से पानी बह रहा है तो भी दो हजार रुपये का चालान काटा जाएगा। अगर कोई जुर्माने की राशि अदा नहीं करेगा तो पानी के बिल में यह राशि जुड़कर आ जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बूस्टर पंप और पानी चढ़ाने के लिए मोटर का इस्तेमाल करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।
बाल्टी का प्रयोग कर सकते हैं
अगर कोई बाल्टी में से कम पानी का प्रयोग करके गाड़ी साफ करता है या फिर सिंचाई करता है तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गर्मी में 116 एमजीडी हो जाती है पानी की मांग
शहर में इस समय 87 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है, जबकि गर्मी में यह मांग बढ़कर 116 एमजीडी हो जाती है। 67 एमजीडी की सप्लाई कजौली वाटर वर्क्स से और 20 एमजीडी की सप्लाई ट्यूबवेल से हो रही है।