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पंजाब में कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान 3 किसानों ने दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा/संगरूर(पंजाब)
Updated Sat, 25 Jun 2016 09:43 AM IST
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आत्महत्या
- फोटो : Getty
कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान होकर पंजाब में सुसाइड करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तीन और किसानों ने जान दे दी। एक ने जहर खाया, एक ने फंदा लगाया तो एक ने नहर में छलांग लगा दी। मानसा के कस्बा बरेटा में पड़ते गांव दयालपुरा के किसान महेंद्र सिंह उर्फ लीला सिंह (55) पुत्र जोरा सिंह के सर करीब 1 लाख रुपये का कर्ज था।
वह एक एकड़ जमीन का मालिक व बकरियां पाल कर अपना गुजारा करता था। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां बुढलाडा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह दयालपुरा ने बताया कि जमीन में अधिक फसल न होने व कर्ज बढने केकारण महेंद्र सिंह परेशान रहता था। उसने अपने खेत में जाकर कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिस कारण उसकी मौत हो गई।
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वह एक एकड़ जमीन का मालिक व बकरियां पाल कर अपना गुजारा करता था। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां बुढलाडा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह दयालपुरा ने बताया कि जमीन में अधिक फसल न होने व कर्ज बढने केकारण महेंद्र सिंह परेशान रहता था। उसने अपने खेत में जाकर कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिस कारण उसकी मौत हो गई।
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किसान ने रजवाहे में कूदकर खुदकुशी की
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मानसा के ही गांव किशनगढ़ सेढा सिंह वाला के किसान लाल सिंह 58 पुत्र चानण सिंह साढ़े तीन एकड़ जमीन का मालिक था। उसके पुत्र जगतार सिंह ने बताया कि उनके सिर 3 लाख रुपये बैंक, 65 हजार रुपये सोसायटी का कर्ज था व एक एकड़ जमीन गहने लेकर खेती करता था।
इसके अलावा उसके सिर अन्य सामान का कर्ज था। उसने सुनाम-किशनगढ़ में पड़ती रजवाहे में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के नेता कुलवंत सिंह किशनगढ़ व एकता उगराहा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह दयालपुरा ने सरकार से किसानों का कर्ज मुआफ करने व उनको मुआवजा देने की मांग की है।
इसके अलावा उसके सिर अन्य सामान का कर्ज था। उसने सुनाम-किशनगढ़ में पड़ती रजवाहे में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के नेता कुलवंत सिंह किशनगढ़ व एकता उगराहा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह दयालपुरा ने सरकार से किसानों का कर्ज मुआफ करने व उनको मुआवजा देने की मांग की है।
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संगरूर में किसान ने फंदा लगाकर दी जान
डेमो पिक: आत्म हत्या
संगरूर के गांव राजोमाजरा के एक किसान ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। गांव राजोमाजरा के किसान नेता किरपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव के किसान कुलवंत सिंह (25) के पास सत्रह बीघा जमीन थी। कुछ वह ठेके पर लेकर खेती करता था।
उन्होंने बताया कि किसान कुलवंत पर सरकारी व गैर सरकारी करीब सात लाख रुपये का कर्ज था। आर्थिक तंगी के चलते किसान कर्ज लौटा नहीं पा रहा था जिसकी वजह से वह पिछले कुछ समय से परेशान रहने लगा। इसी परेशानी के चलते शुक्रवार सुबह करीब सात बजे उसने अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
किसान नेता किरपाल सिंह का कहना है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण रोजाना ही आर्थिक संकट में घिरे किसान आत्महत्या करने के लिए विवश हैं। थाना सदर के इंस्पेक्टर भरपूर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उन्होंने बताया कि किसान कुलवंत पर सरकारी व गैर सरकारी करीब सात लाख रुपये का कर्ज था। आर्थिक तंगी के चलते किसान कर्ज लौटा नहीं पा रहा था जिसकी वजह से वह पिछले कुछ समय से परेशान रहने लगा। इसी परेशानी के चलते शुक्रवार सुबह करीब सात बजे उसने अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
किसान नेता किरपाल सिंह का कहना है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण रोजाना ही आर्थिक संकट में घिरे किसान आत्महत्या करने के लिए विवश हैं। थाना सदर के इंस्पेक्टर भरपूर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।