{"_id":"63c5b0a21e4c7e415522cf4c","slug":"sugarcane-farmers-in-haryana-have-an-ultimatum-to-lock-sugar-mills-from-january-20-2023-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: गन्ना किसानों का 20 जनवरी से चीनी मिलों पर तालाबंदी का अल्टीमेटम, 17 से बंद करेंगे गन्ने की छिलाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: गन्ना किसानों का 20 जनवरी से चीनी मिलों पर तालाबंदी का अल्टीमेटम, 17 से बंद करेंगे गन्ने की छिलाई
Tue, 17 Jan 2023 01:46 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 17 Jan 2023 01:46 AM IST
सार
किसान 17 जनवरी से गन्ने की छिलाई बंद करेंगे। किसान कृषि मंत्री से वार्ता न कराने पर भड़के हैं। बातचीत को दो अधिकारियों के साथ कृषि निदेशक पहुंचे, उधर भाकियू ने नारेबाजी की।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर, गन्ना।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में गन्ने का भाव न बढ़ाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कृषि मंत्री जेपी दलाल से सोमवार को वार्ता न कराने पर गन्ना किसानों ने 20 जनवरी से चीनी मिलों पर तालाबंदी का अल्टीमेटम दिया है। 17 जनवरी से किसान गन्ने की छिलाई बंद करेंगे, इसके तीन दिन बाद मिलों में पिराई का काम बंद करा दिया जाएगा। किसान गन्ने के भाव में बढ़ोतरी चाह रहे हैं। सरकार ने भाव बढ़ाने को लेकर कृषि मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी गठित की हुई है।
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूूनी) का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार दोपहर 12.30 बजे यहां कृषि मंत्री के साथ वार्ता के लिए पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल में शामिल किसान नेताओं को उम्मीद थी कि कृषि मंत्री दलाल से उनकी वार्ता कराई जाएगी, लेकिन कृषि विभाग के महानिदेशक नरहरि सिंह बांगड़ के दो अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए पहुंचने पर भाकियू नेता बिफर गए।
विज्ञापन
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूूनी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने इससे नाराज होकर कृषि महानिदेशक के पंचकूला के सेक्टर-21 स्थित कार्यालय के बाहर ही नारेबाजी शुरू कर दी। एक घंटे तक उन्होंने सांकेतिक धरना भी दिया।
विज्ञापन
चढ़ूूनी ने कहा कि दस जनवरी को करनाल में गन्ने का भाव न बढ़ाने के विरोध में किसानों की महापंचायत हुई थी। उसमें जिला प्रशासन ने 16 जनवरी को भाव बढ़ाने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष कृषि मंत्री जेपी दलाल से वार्ता की कही थी। मगर, प्रतिनिधिमंडल को यहां पहुंचने पर निराशा हाथ लगी।
सरकार वोट की राजनीति कर रही है। 2024 में विधानसभा चुनाव होने के कारण 2023 में सरकार गन्ने का ज्यादा भाव बढ़ाकर किसानों के वोट बटोरना चाहती है, जो संभव होने वाला नहीं। प्रदेश में इस समय गन्ने का भाव 362 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि गन्ने की खोई ही 400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। सरकार गन्ने का भाव बढ़ाकर 450 रुपये करे। प्रदेश में 14 चीनी मिलें हैं, इनमें साढ़े चार लाख क्विंटल गन्ना अभी प्रतिदिन पिराई के लिए आता है, जिसे अब रोक दिया जाएगा।