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सूफियाना सुरों के 'सरताज', पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाएंगे पाकिस्तान की शाहमुखी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 26 Mar 2018 09:57 AM IST
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Satinder Sartaj
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मशहूर इंटरनेशनल सूफी गायक डॉ. सतिंदर सरताज को पंजाब यूनिवर्सिटी में पाकिस्तान की शाहमुखी पढ़ाने का ऑफर मिला है। यह ऑफर पीयू के वाइस चांसलर प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने उन्हें दिया। इस पर सरताज ने भी हामी भर दी है। बुधवार को सरताज पीयू में प्रस्तुति देने के लिए आए थे। वीसी से एक मुलाकात के दौरान उन्हें यह ऑफर मिला। डॉ. सतिंदर सरताज पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट भी रहे हैं और उन्होंने यहां पढ़ाया भी है।
वीसी ने डॉ. सरताज को कहा कि वे उन्हें पीयू में टैगोर प्रोफेसर के तौर पर देखना चाहते हैं। मशहूर गीतकार गुलजार भी पीयू में टैगोर प्रोफेसर की उपाधि से सम्मानित हैं। इसके तहत गेस्ट फैकल्टी के तौर पर कभी-कभार छात्रों से रूबरू होने के लिए आते हैं। बता दें कि वीसी ने पिछले दिनों सरताज को पीयू का ब्रांड एंबेस्डर भी बनाया था। पंजाब यूनिवर्सिटी में शाहमुखी की पढ़ाई शुरू करने की योजना है। जिस तरह से पंजाब में बोली जाने वाली पंजाबी की लिपी गुरमुखी है, उसी तरह पाकिस्तान में बोली जाने वाली पंजाबी की लिपि को शाहमुखी कहते हैं।
चूंकि पीयू आजादी से पहले लाहौर में थी और आज भी वहां पंजाब यूनिवर्सिटी का कैंपस है। वैसे भी पंजाब में काफी लोग शाहमुखी के लहजे में बोलते हैं। आज की युवा पीढ़ी शाहमुखी को जान सके, इसके लिए पीयू इसका कोर्स शुरू करना चाहती है, जोकि पीयू के मौजूदा उर्दू विभाग में पढ़ाया जाएगा।
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प्रस्तुति से पहले वीसी से मिले सरताज
तय कार्यक्रम के तहत सतिंदर सरताज नाइट पीयू में हुई, लेकिन वीसी ने सरताज से कहा था कि मंच पर जाने से पहले उन्हें मिलें। सरताज ने ऐसा ही किया और वीसी दफ्तर में प्रो. ग्रोवर से मुलाकात की। इस दौरान वीसी ने सरताज से कहा कि पीयू में शाहमुखी शुरू करना चाहते हैं। इस पर सरताज ने कहा कि उन्हें शाहमुखी आती है। बस फिर क्या, वीसी ने पीयू में शाहमुखी पढ़ाने का ऑफर दे दिया। हालांकि सरताज ने इस पर सहमति जताई, लेकिन अधिकारिक मंजूरी के लिए प्रस्ताव पीयू की गवर्निंग बॉडी को भेजा जाएगा।
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वीसी ने डॉ. सरताज को कहा कि वे उन्हें पीयू में टैगोर प्रोफेसर के तौर पर देखना चाहते हैं। मशहूर गीतकार गुलजार भी पीयू में टैगोर प्रोफेसर की उपाधि से सम्मानित हैं। इसके तहत गेस्ट फैकल्टी के तौर पर कभी-कभार छात्रों से रूबरू होने के लिए आते हैं। बता दें कि वीसी ने पिछले दिनों सरताज को पीयू का ब्रांड एंबेस्डर भी बनाया था। पंजाब यूनिवर्सिटी में शाहमुखी की पढ़ाई शुरू करने की योजना है। जिस तरह से पंजाब में बोली जाने वाली पंजाबी की लिपी गुरमुखी है, उसी तरह पाकिस्तान में बोली जाने वाली पंजाबी की लिपि को शाहमुखी कहते हैं।
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चूंकि पीयू आजादी से पहले लाहौर में थी और आज भी वहां पंजाब यूनिवर्सिटी का कैंपस है। वैसे भी पंजाब में काफी लोग शाहमुखी के लहजे में बोलते हैं। आज की युवा पीढ़ी शाहमुखी को जान सके, इसके लिए पीयू इसका कोर्स शुरू करना चाहती है, जोकि पीयू के मौजूदा उर्दू विभाग में पढ़ाया जाएगा।
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प्रस्तुति से पहले वीसी से मिले सरताज
तय कार्यक्रम के तहत सतिंदर सरताज नाइट पीयू में हुई, लेकिन वीसी ने सरताज से कहा था कि मंच पर जाने से पहले उन्हें मिलें। सरताज ने ऐसा ही किया और वीसी दफ्तर में प्रो. ग्रोवर से मुलाकात की। इस दौरान वीसी ने सरताज से कहा कि पीयू में शाहमुखी शुरू करना चाहते हैं। इस पर सरताज ने कहा कि उन्हें शाहमुखी आती है। बस फिर क्या, वीसी ने पीयू में शाहमुखी पढ़ाने का ऑफर दे दिया। हालांकि सरताज ने इस पर सहमति जताई, लेकिन अधिकारिक मंजूरी के लिए प्रस्ताव पीयू की गवर्निंग बॉडी को भेजा जाएगा।