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एक युद्ध...पटाखों के विरुद्ध: दीवाली पर पटाखों की जगह छात्रों ने लिया पुस्तक लेने का संकल्प
Fri, 30 Oct 2020 12:48 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 30 Oct 2020 12:48 PM IST
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छात्रों ने लिया संकल्प।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली-एनसीआर में सबसे प्रदूषित शहरों में पानीपत का नाम भी शुमार है। हर बार दीवाली में पानीपत में प्रदूषण से बदतर हालात होते हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 अंक तक पहुंच जाता है। ऐसे में शहर के छात्रों ने ठाना है कि पटाखों का धमाका नहीं बल्कि ज्ञान का उजाला करेंगे। छात्रों ने पटाखों की बजाए इस दीवाली पुस्तक लेने का संकल्प लिया। पटाखें नहीं जलाने का संकल्प लेने के साथ कहा कि वह आसपड़ोस में भी लोगों को पटाखे नहीं जलाने के लिए जागरूक करेंगे।
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हम हर साल पटाखे जलाकर अपने अभिभावक के हजारों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन इस बार पटाखें नहीं जलाएंगे, जिससे कि पिछले साल की तरह प्रदूषण न हो। लोगों को सांस लेने में दिक्तत न हो। अपने दोस्तों को भी पटाखें नहीं जलाने के लिए प्रेरित करूंगा। -अंगद यादव
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हमें बचपन से ही सिखाया गया है कि पटाखे जलाने से ही दीवाली मनाई जाती है लेकिन हम युवाओं को इसे बदलना होगा। हमें दीवाली पर अपने पैसे पटाखे पर बर्बाद करने की बजाय पुस्तक लेनी चाहिए, जिससे हमें शिक्षा मिल सके। - केशव यादव
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विज्ञान के अनुसार जैसा कि हम पढ़ रहे है कि पटाखे जलाने से प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी होती है। जिसे अब समझने का भी समय आ गया है और लागू करने का भी समय आ गया है। -अमन रूहल
छात्र होने के नाते हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और अपने घर के पास रहने वाले लोगों को जागरूक करना होगा। हमारे आस पास कई युवा कम पढ़े लिखे होते है, उन्हें जागरूक करना होगा। यदि हम छात्र ही जागरूक नहीं हुए तो प्रदूषण में कमी नहीं आ सकती। -शिवम रूहल