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शर्मनाक : प्रदर्शनकारी छात्राओं ने की शौचालय खुलवाने की मांग, प्रोफेसर की सलाह-लड़कों का बाथरूम इस्तेमाल कीजिए

Mon, 29 Mar 2021 02:07 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 29 Mar 2021 02:07 AM IST
सार

  • चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में पुस्तकालय खुलवाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं विद्यार्थी
  • प्रदर्शनकारियों से बात करने आई प्रोफेसर से लड़कियों ने की पुस्तकालय का शौचालय खुलवाने की मांग 
  • भूगोल की एक प्रोफेसर ने लड़कियों को दी सलाह, लड़कों का बाथरूम इस्तेमाल कर लीजिए।

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Professor advised to protestor girls to use boys toilet at Panjab University of Chandigarh
चंडीगढ़ में प्रदर्शन कर रही छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में एसी जोशी पुस्तकालय को खुलवाने की मांग कर रहे विद्यार्थियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। वहीं रविवार को धरने में लड़कियों के लिए शौचालय की व्यवस्था करवाने की मांग पर विद्यार्थी और शिक्षक आमने सामने आ गए।

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शौचालय न होने से लड़कियों को परेशानी हो रही है। विद्यार्थी पिछले दिनों से लड़कियों के लिए पुस्तकालय का शौचालय खुलवाने की मांग कर रहे हैं। रविवार को भूगोल की एक प्रोफेसर विद्यार्थियों से मिलने आईं। जब लड़कियों ने अपनी परेशानी बताई तो प्रोफेसर ने कहा कि आप लड़कों का बाथरूम इस्तेमाल कर लीजिए।
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इस पर प्रदर्शनकारी विद्यार्थी भड़क गए। भूगोल की प्रोफेसर के साथ दो तीन अन्य विभाग के प्रोफेसर भी आए थे। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों को उग्र होता देख वे वापस चले गए। उन्होंने अपनी कार गणित विभाग के पास खड़ी की थी। मांगें न सुनने पर विद्यार्थियों ने प्रोफेसर की कार का घेराव कर लिया।
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विद्यार्थियों ने दबाव बढ़ाते हुए कहा कि आपने प्रेस संदेश जारी कर कहा था कि विद्यार्थियों के साथ वार्तालाप करेंगे तो अब हमारी बात सुनी जाए। लेकिन प्रोफेसर बिना बात सुने ही पीयू प्रशासनिक ब्लॉक चले गए। इस दौरान विद्यार्थियों ने गल सुन के जाओ, डीएसडब्ल्यू वापस आओ के नारे लगाए। विद्यार्थियों ने बताया कि लाइब्रेरी के साथ विभाग भी खुलने चाहिए और ऑनलाइन में सुविधा के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

पढ़ाते हैं महिला सशक्तीकरण का पाठ, समस्या समझ नहीं रहे

यूनिवर्सिटी के शिक्षक हमारे लड़कों के साथ बैठने, खाना खाने आदि पर भी आपत्ति जताते हैं। अब बोल रहे हैं कि रात को आप लड़कों का बाथरूम इस्तेमाल कर लीजिए। यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के दौरान रात को लड़कों के साथ लड़कियां भी होती हैं। ऐसे में उन्हें रात को समस्या आती है। छात्रावास 8-10 बजे तक बंद कर देते हैं। प्रोफेसर कक्षा में हमें महिला सशक्तीकरण के पाठ पढ़ाते हैं और अभी हमारी सैनेटाइजेशन की समस्या भी नहीं समझ रहे। -मनप्रीत

लड़के कहां जाएंगे
पीयू प्रशासन ने लड़के और लड़कियों का पुस्तकालय के बाहर एक ही शौचालय बना दिया है। इसे अब लड़कियां इस्तेमाल करेंगी। ऐसे में लड़के कहां जाएंगे। पीयू प्रशासन लड़कियों के लिए शौचालय खुलवाए।  -संदीप

फैसला समझ से बाहर
लड़कियों का बोर्ड लगाने से कई बार अनजाने में लड़के चले जाते हैं। ऐसे में लड़कियों को परेशानी होती है। रात को स्टूडेंट सेंटर का शौचालय भी बंद होता है। ऐसे में अब लड़के कहां जाएंगे। फैसला समझ से बाहर है। - अमन

लड़कों का शौचालय लड़कियों के लिए करवाया है उपलब्ध
पुस्तकालय बंद होने के कारण हम अंदर का शौचालय नहीं खुलवा सकते थे। इसलिए हमने पुस्तकालय के बाहर बना लड़कों के शौचालय पर महिला का साइन लगवाकर कुछ समय के लिए उसे उपलब्ध करवाया है। लड़के कहीं ओर शौचालय इस्तेमाल कर लेंगे। पुस्तकालय के पास ही गणित विभाग का भी शौचालय विद्यार्थियों के लिए खुलवा दिया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन का आदेश है कि 31 मार्च तक पुस्तकालय बंद रखा जाए। हम उनके आदेशों का पालन कर रहे हैं। - प्रो. सुखबीर कौर, डीएसडब्ल्यू महिला, पीयू

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