Stubble Burning: पंजाब में 1000 के पार पहुंचे पराली जलाने के मामले, पटियाला जिले में सबसे अधिक जली
लुधियाना में सबसे कम केवल एक मामला और फिरोजपुर व कपूरथला में तीन-तीन, एसएएस नगर, फतेहगढ़ साहिब व फरीदकोट में दो-दो मामले और जिला संगरूर में पराली जलाने के चार मामले सामने आए हैं।
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पंजाब में सोमवार को पराली जलाने के 58 नए मामलों के साथ कुल संख्या बढ़कर 1027 पहुंच गई है। इस सीजन में लगातार रोजाना टॉप पर चल रहे अमृतसर को पीछे छोड़कर सोमवार को पटियाला में सबसे अधिक 15 मामले रिपोर्ट किए गए हैं जबकि अमृतसर में पराली जलाने के आठ मामले आए।
लुधियाना में सबसे कम केवल एक मामला और फिरोजपुर व कपूरथला में तीन-तीन, एसएएस नगर, फतेहगढ़ साहिब व फरीदकोट में दो-दो मामले और जिला संगरूर में चार मामले सामने आए। वहीं 2022 में आज के ही दिन यानी नौ अक्तूबर को पराली जलाने के केवल तीन मामले रिपोर्ट हुए थे। जिससे साफ है कि सरकार के आदेश को ताक पर रख पराली जलाई जा रही है। साल 2021 में 15 सितंबर से लेकर नौ अक्तूबर तक पराली जलाने के 614 और साल 2022 में 714 मामले ही सामने आए थे।
दमा व ह्रदय रोगियों को सांस लेने में हो सकती है तकलीफ
पंजाब के विभिन्न प्रमुख शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) स्तर बढ़ रहा है। सोमवार को पटियाला का एक्यूआई 113, बठिंडा का 155, जालंधर का 108, खन्ना का 113, लुधियाना का 123 और मंडी गोबिंदगढ़ का 110 दर्ज किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक भले ही एक्यूआई स्तर अभी 200 के पार नहीं गया लेकिन खास तौर से फेफड़ों, दमा व ह्रदय रोगियों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। ऐसे में इन मरीजों को ज्यादा बाहर निकलने से गुरेज करना चाहिए।