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पंचकूलाः सैर कर रहे डीसीपी पर झपटे तीन कुत्ते, पैर में हुआ फ्रैक्चर, कराना पड़ सकता है ऑपरेशन
Wed, 10 Jul 2019 09:12 AM IST
खुशबू गोयल
अवधेश शुक्ला/अमर उजाला, पंचकूला
अवधेश शुक्ला/अमर उजाला, पंचकूला
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 10 Jul 2019 09:12 AM IST
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डीसीपी कमलदीप गोयल
- फोटो : फाइल फोटो
जनसाधारण की बात तो दूर अब अफसर भी लावारिस कुत्तों से सुरक्षित नहीं हैं। अब एक हादसा पंचकूला के डीसीपी के साथ हुआ है। मामला मंगलवार को तब सामने आया जब पंचकूला के डीसीपी कमलदीप गोयल को भी तीन स्ट्रे डॉग्स ने उस समय घेर लिया जब वे सेक्टर-14 में अपने सरकारी आवास के बाहर रात में सैर कर रहे थे।
जिस वक्त डॉग्स ने हमला किया वह निहत्थे थे। लेकिन डॉग बाइट से बचने के दौरान बैलेंस बिगड़ने पर उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद उनके सुरक्षा कर्मी उन्हें पंचकूला सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने कहा है कि यदि रेस्ट से भी लिगामेंट सेट न हुआ तो ऑपरेशन करना पड़ेगा।
भगवान का शुक्र है परिवार साथ नहीं था
डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि भगवान का शुक्र है कि घटना के दौरान परिवार साथ नहीं था। यदि परिवार साथ होता तो स्ट्रे डॉग्स जरूर काट लेते। ऐसे में परेशानी बढ़ सकती थी। उन्होंने बताया कि दाहिना पैर भले ही फ्रैक्चर हो गया है, लेकिन वह डॉग बाइट्स का शिकार होने से बच गए।
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उन्होंने कहा कि जब वीआईपी क्षेत्र में स्ट्रे डॉग्स के आतंक का ये हाल है तो शहर के अन्य सेक्टरों में रहने वाले जनसाधारण की क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
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जिस वक्त डॉग्स ने हमला किया वह निहत्थे थे। लेकिन डॉग बाइट से बचने के दौरान बैलेंस बिगड़ने पर उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद उनके सुरक्षा कर्मी उन्हें पंचकूला सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने कहा है कि यदि रेस्ट से भी लिगामेंट सेट न हुआ तो ऑपरेशन करना पड़ेगा।
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भगवान का शुक्र है परिवार साथ नहीं था
डीसीपी कमलदीप गोयल ने बताया कि भगवान का शुक्र है कि घटना के दौरान परिवार साथ नहीं था। यदि परिवार साथ होता तो स्ट्रे डॉग्स जरूर काट लेते। ऐसे में परेशानी बढ़ सकती थी। उन्होंने बताया कि दाहिना पैर भले ही फ्रैक्चर हो गया है, लेकिन वह डॉग बाइट्स का शिकार होने से बच गए।
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उन्होंने कहा कि जब वीआईपी क्षेत्र में स्ट्रे डॉग्स के आतंक का ये हाल है तो शहर के अन्य सेक्टरों में रहने वाले जनसाधारण की क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
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पुलिस से भी कड़ी डॉग्स ने की घेराबंदी
डीसीपी ने बताया कि स्ट्रे डॉग्स ने पुलिस से भी कड़ी घेराबंदी की। पुलिस के सुरक्षा घेरे से तो बचकर निकलना आसान होता है, लेकिन स्ट्रे डॉग्स से नहीं बचा जा सकता है। डीसीपी ने बताया कि घटना करीब एक सप्ताह पहले की है। वह रात में करीब साढ़े 10 बजे खाना खाने के बाद घर के बाहर सैर कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें तीन डॉग्स ने घेर लिया। इतना ही नहीं उनके साथ न तो सुरक्षा कर्मी थे और न ही परिवार का कोई सदस्य था।
स्ट्रे डॉग्स से घिरे डीसीपी ने बचने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन डॉग्स ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। पहले तो उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन डॉग्स ने पीछा कर लिया। ऐसे में वह छलांग लगाकर फुटपाथ पर चढ़ गए। लेकिन बॉडी का बैलेंस बिगड़ गया और पैर फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना उन्होंने सुरक्षा कर्मियों और परिवार के सदस्यों को दी। जो उन्हें लेकर सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल पहुंचे।
यहां रात में ही डॉक्टरों ने उनके पैर का एक्सरे किया, लेकिन फ्रैक्चर नहीं आया। अगले ही दिन उन्होंने एमआरआई करवाया तो पता चला कि लिगामेंट फ्रैक्चर है। फिलहाल डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि यदि ऑपरेशन हुआ तो परेशानी बढ़ सकती है। क्योंकि लंबी छुट्टी लेनी पड़ेगी।
स्ट्रे डॉग्स से घिरे डीसीपी ने बचने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन डॉग्स ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। पहले तो उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन डॉग्स ने पीछा कर लिया। ऐसे में वह छलांग लगाकर फुटपाथ पर चढ़ गए। लेकिन बॉडी का बैलेंस बिगड़ गया और पैर फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना उन्होंने सुरक्षा कर्मियों और परिवार के सदस्यों को दी। जो उन्हें लेकर सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल पहुंचे।
यहां रात में ही डॉक्टरों ने उनके पैर का एक्सरे किया, लेकिन फ्रैक्चर नहीं आया। अगले ही दिन उन्होंने एमआरआई करवाया तो पता चला कि लिगामेंट फ्रैक्चर है। फिलहाल डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि यदि ऑपरेशन हुआ तो परेशानी बढ़ सकती है। क्योंकि लंबी छुट्टी लेनी पड़ेगी।
स्ट्रे डॉग्स को क्या पता कि मैं डीसीपी हूं
डीसीपी कमलदीप गोयल से शहर में स्ट्रे डॉग्स के आतंक पर बात करते हुए कहा कि शहर में हर जगह पर स्ट्रे डॉग्स की भरमार है। शहर का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र व गली होगी जिसमें आप खुद या परिवार सहित रात में भोजन करने के बाद सैर कर सकें। उन्होंने कहा कि सैर करते वक्त व्यक्ति अपने साथ डंडा या लाठी तो रख सकता है, लेकिन हथियार नहीं रख सकता है।
अगर डंडा या लाठी भी हो तो डॉग्स की संख्या इतनी होती है कि अकेला व्यक्ति निपट नहीं सकता है। उन से जब पूछा गया कि शहर का वीपीआई क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं है तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि डॉग्स को क्या पता था कि वह पंचकूला शहर के डीसीपी हैं।
सेक्टर-14 वीआईपी आवास में रहते हैं मजिस्ट्रेट
शहर के जितने भी वीआईपी और वीवीआईपी हैं सभी सेक्टर-14 सरकारी आवास में ही रहते हैं। यहां पुलिस के आलाधिकारियों के अलावा मजिस्ट्रेट भी रहते हैं। ऐसे में यदि किसी दिन स्ट्रे डॉग्स ने किसी मजिस्ट्रेट को घेर लिया तो नगर निगम अधिकारियों के लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी। इसलिए निगम अधिकारियों को स्ट्रे डॉग्स के खिलाफ अभियान चलाने की सख्त जरूरत है।
अगर डंडा या लाठी भी हो तो डॉग्स की संख्या इतनी होती है कि अकेला व्यक्ति निपट नहीं सकता है। उन से जब पूछा गया कि शहर का वीपीआई क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं है तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि डॉग्स को क्या पता था कि वह पंचकूला शहर के डीसीपी हैं।
सेक्टर-14 वीआईपी आवास में रहते हैं मजिस्ट्रेट
शहर के जितने भी वीआईपी और वीवीआईपी हैं सभी सेक्टर-14 सरकारी आवास में ही रहते हैं। यहां पुलिस के आलाधिकारियों के अलावा मजिस्ट्रेट भी रहते हैं। ऐसे में यदि किसी दिन स्ट्रे डॉग्स ने किसी मजिस्ट्रेट को घेर लिया तो नगर निगम अधिकारियों के लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी। इसलिए निगम अधिकारियों को स्ट्रे डॉग्स के खिलाफ अभियान चलाने की सख्त जरूरत है।