अजब फैसला: शादी से इंकार करने पर 75 पैसे जुर्माना
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शादी की तारीख तय थी, कार्ड बंट गए थे। ऐन मौके पर वर पक्ष ने इंकार कर दिया। पंचायत बैठी तो अजब फैसला सुना दिया। मामला, हरियाणा के फतेहाबाद जिले का है।
यहां की लड़की के हाथों पर मेहंदी लगनी थी, लेकिन 18 दिन पहले वर पक्ष ने दहेज में गाड़ी मांग ली। वधु पक्ष ने गाड़ी देने में असमर्थता जताई। जिसके बाद पंचायतों का दौर शुरू हुआ लेकिन बात नहीं बनी। मामला पुलिस के पास पहुंचा जहां पर सोमवार को दोनों पक्षों में हुई पंचायत में अजब फैसला सुनाया गया। वर पक्ष पर पंचायत ने मात्र 75 पैसे का दंड लगाया जो कि गोशाला को दिया गया।
जानकारी के अनुसार रतिया निवासी युवती की सगाई 20 जनवरी 2014 को पंजाब के मानसा के गांव गैला निवासी युवक के साथ हुई थी। जिसमें कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसके बाद दोनों पक्षों ने 22 अप्रैल 2015 की शादी तय कर दी।
शादी तय होने के बाद लड़की पक्ष की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं। लड़की पक्ष की ओर से शादी के कार्ड छपवाकर बांट दिए गए। जैसे-जैसे समय नजदीक आने लगा घर में खुशी का माहौल भी बनने लगा।
दहेज लोभियों को शर्मिंदा करने को लगाया 75 पैसे का दंड
इसी बीच लड़की पक्ष ने आरोप लगाया कि वर पक्ष की ओर से गाड़ी की डिमांड की गई जो वह नहीं दे सकते। इसके बाद वर पक्ष की ओर से मैसेज कर दिया गया कि वह शादी नहीं करेंगे और रिश्ता तोड़ रहे हैं। जिसके बाद दोनों पक्षों में पंचायतें शुरू हो गईं लेकिन बात नहीं बनी।
इसके बाद लड़की पक्ष की ओर से डीएसपी हेडक्वार्टर विजय कक्कड़ को शिकायत दी गई। डीएसपी ने मामला नोडल सैल में भेज दिया। जहां पर सोमवार को दोनों पक्षों में पंचायत हुई। पंचायत ने वर पक्ष पर 75 पैसे का जुर्माना लगाया। जिसके बाद वर पक्ष ने लगाए गए दंड के 75 पैसे हरियाणा गोशाला में दिए। यह फैसला कोर्ट परिसर में दिन भर चर्चा का विषय बना रहा।
लड़की पक्ष की ओर से आए मामुपुर निवासी उसके मामा ने बताया कि दहेज मांगने वालों को शर्मिंदा करने के लिए 75 पैसे का दंड लगाया गया है। उन्होंने सगाई में काफी पैसा खर्च किया था, लेकिन उसका हमने जिक्र तक नहीं किया और न ही खर्च किए गए पैसे वापस मांगे।
केस के डर से किया समझौता
वर पक्ष की ओर से मानसा से आए पंचायती ने बताया कि सगाई के बाद लड़का और लड़की के बीच बातचीत हुई। जिसके बाद दोनों में कहासुनी होने लगी और बात रिश्ता तोड़ने तक पहुंच गई।
गाड़ी मांगने का कोई मामला नहीं है। सोमवार को हुई पंचायत में दहेज के केस से बचने के लिए समझौता किया और दंड के तौर पर 75 पैसे का जुर्माना दिया। हमने समझौता इसलिए किया क्योंकि लड़की के लिए कानून ज्यादा है और उनकी सुनवाई ज्यादा होती है।