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पंजाब: दलित परिवार को गुरुद्वारे में भोग डालने से रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 21 Jan 2018 09:32 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Demo Pics
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संगरूर जिले की तहसील धूरी के अंतर्गत गांव मानवाला में कुछ लोगों द्वारा गांव के गुरुद्वारा साहिब में एक दलित परिवार को अपनी मां का अंतिम अरदास भोग करने से रोका गया। इस घटना पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्री व पंजाब भाजपा के अध्यक्ष विजय सांपला ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल से बातचीत कर उन्हें इस मसले को सुलझाने का निवेदन किया।
गांव मानवाला निवासी रंजीत कौर व उसके पति काका सिंह, जिन्हें अपनी माता का भोग गांव के गुरुद्वारा साहिब में नहीं डालने दिया गया। उन्होंने सांपला को बताया कि जब उन्होंने भोग से एक दिन पहले भोग का सामान गुरुद्वारा साहिब में रखा तो वहां हलचल शुरू हो गई और गुरुद्वारा साहिब में मौजूद लोगों में से ईशर सिंह व पंचायत सदस्य सैबी सिंह ने उन्हें कहा कि ‘तुहाडा आपदा गुरुद्वारा ए, तुसीं आपदे गुरद्वारे विच क्यों नी पांदे भोग’। उन्हें न सिर्फ भोग डालने से मना किया गया बल्कि गुरुद्वारा साहिब के बर्तन देने से भी मना कर दिया गया।
सांपला ने कहा कि सांझी वार्ता का संदेश देने वाली गुरुओं की धरती पर इस तरह की घटनाएं होना बहुत ही दुखदायी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसजीपीसी के अध्यक्ष लौंगोवाल न सिर्फ इस मसले को सुलझाएंगे, बल्कि आगे से ऐसी घटनाएं न हों, इसे सुनिश्चित करेंगे।
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गांव मानवाला निवासी रंजीत कौर व उसके पति काका सिंह, जिन्हें अपनी माता का भोग गांव के गुरुद्वारा साहिब में नहीं डालने दिया गया। उन्होंने सांपला को बताया कि जब उन्होंने भोग से एक दिन पहले भोग का सामान गुरुद्वारा साहिब में रखा तो वहां हलचल शुरू हो गई और गुरुद्वारा साहिब में मौजूद लोगों में से ईशर सिंह व पंचायत सदस्य सैबी सिंह ने उन्हें कहा कि ‘तुहाडा आपदा गुरुद्वारा ए, तुसीं आपदे गुरद्वारे विच क्यों नी पांदे भोग’। उन्हें न सिर्फ भोग डालने से मना किया गया बल्कि गुरुद्वारा साहिब के बर्तन देने से भी मना कर दिया गया।
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सांपला ने कहा कि सांझी वार्ता का संदेश देने वाली गुरुओं की धरती पर इस तरह की घटनाएं होना बहुत ही दुखदायी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसजीपीसी के अध्यक्ष लौंगोवाल न सिर्फ इस मसले को सुलझाएंगे, बल्कि आगे से ऐसी घटनाएं न हों, इसे सुनिश्चित करेंगे।
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