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खुदा को याद किया और शुरू कर दी बल्लेबाजी
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मैंने बुधवार सुबह बल्लेबाजी छोर संभालने से पहले खुदा का नाम लिया और बल्लेबाजी शुरू कर दी। मेरे ऊपर न तो कोई दबाव था और न ही कोई जल्दी। यह जरूर था कि टीम को एक बड़े स्कोर तक ले जाया जाए और ऐसा किया भी। एक-दो रन लेकर मैंने अपना दोहरा शतक पूरा किया। इस दौरान ज्यादा कोशिश यह भी रही कि मनन वोहरा को स्ट्राइक दी जाए। जब मैंने दोहरा शतक पूरा किया तो आसमान की ओर देखकर खुदा को याद किया और दोबारा शुरू हो गया। यह कहना है मोहम्मद अर्सलान खान का।
मैच देखने भाई आए, पिता नहीं पहुंचे
मोहम्मद अर्सलान खान ने कहा कि उनके भाई थोड़े समय के लिए मैच देखने जरूर आए, लेकिन पिता नहीं पहुंचे। अर्सलान ने कहा कि पिता उनका कोई मैच देखने नहीं आते हैं। क्योंकि वह सोचते हैं कि वह मैदान में आएंगे तो अर्सलान आउट हो जाएगा।
गौरतलब है कि मोहम्मद अर्सलान खान ने मैच के पहले दिन ही अपना शतक पूरा होते ही दोहरे शतक के इरादे जाहिर कर दिए थे। बीसीसीआई के फॉरमेट अंडर-23 वन डे में अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी से विरोधी टीमों के लिए खौफ बने मोहम्मद अर्सलान खान ने अपने रणजी डेब्यू मैच में ताबड़तोड़ दोहरा शतक जमाकर दिखा दिया कि उनमें क्रिकेट का कितना जुनून है। 233 रन बनाकर नाबाद रहे अर्सलान ने विकेट के बारे में बताया कि पिच में गेंद थोड़ा टर्न हो रही थी तो कभी लो हो रही थी। ऐसे में शॉट सिलेक्शन से ही उन्होंने मोर्चा मारा। खान ने कहा कि वे कभी प्लान करके मैदान में खेलने के लिए नहीं जाते हैं।
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अर्सलान की पहचान
15 सितंबर 1999 को जन्मे अर्सलान खान ने अंडर-23 में 5 शतक और 2 अर्ध शतक जड़े थे। अर्सलान पहले हिमाचल की तरफ से खेलते थे। चंडीगढ़ को रणजी में मान्यता मिलने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ टीम से खेलना ठीक समझा। अर्सलान के पिता की सेक्टर 17 में टेलरिंग की दुकान है।
डेब्यू मैच में ही रच डाला इतिहास
चंडीगढ़ के युवा खिलाड़ियों ने बीसीसीआई की ओर से चंडीगढ़ की टीम को रणजी में मान्यता प्राप्त करने के बाद पहली बार ‘रण’ के लिए उतरी यूटी क्रिकेट टीम ने पहले डेब्यू मैच में ही एक नया इतिहास बना डाला। मैच में जहां अर्सलान खान ने दोहरा शतक ठोक कर अपने इरादे जता दिए, वहीं, शिवम भांबरी ने भी शतकीय प्रहार कर सिटी के क्रिकेट की धार को सामने रख दिया। याद रहे कि यह वही क्रिकेट स्टेडियम है, जिसने इतिहास रचने वाले क्रिकेटरों को जन्म दिया है। इसमें कपिल देव, युवराज सिंह, चेतन शर्मा जैसे नामी गिरामी क्रिकेटर शामिल हैं।
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मैच देखने भाई आए, पिता नहीं पहुंचे
मोहम्मद अर्सलान खान ने कहा कि उनके भाई थोड़े समय के लिए मैच देखने जरूर आए, लेकिन पिता नहीं पहुंचे। अर्सलान ने कहा कि पिता उनका कोई मैच देखने नहीं आते हैं। क्योंकि वह सोचते हैं कि वह मैदान में आएंगे तो अर्सलान आउट हो जाएगा।
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गौरतलब है कि मोहम्मद अर्सलान खान ने मैच के पहले दिन ही अपना शतक पूरा होते ही दोहरे शतक के इरादे जाहिर कर दिए थे। बीसीसीआई के फॉरमेट अंडर-23 वन डे में अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी से विरोधी टीमों के लिए खौफ बने मोहम्मद अर्सलान खान ने अपने रणजी डेब्यू मैच में ताबड़तोड़ दोहरा शतक जमाकर दिखा दिया कि उनमें क्रिकेट का कितना जुनून है। 233 रन बनाकर नाबाद रहे अर्सलान ने विकेट के बारे में बताया कि पिच में गेंद थोड़ा टर्न हो रही थी तो कभी लो हो रही थी। ऐसे में शॉट सिलेक्शन से ही उन्होंने मोर्चा मारा। खान ने कहा कि वे कभी प्लान करके मैदान में खेलने के लिए नहीं जाते हैं।
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अर्सलान की पहचान
15 सितंबर 1999 को जन्मे अर्सलान खान ने अंडर-23 में 5 शतक और 2 अर्ध शतक जड़े थे। अर्सलान पहले हिमाचल की तरफ से खेलते थे। चंडीगढ़ को रणजी में मान्यता मिलने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ टीम से खेलना ठीक समझा। अर्सलान के पिता की सेक्टर 17 में टेलरिंग की दुकान है।
डेब्यू मैच में ही रच डाला इतिहास
चंडीगढ़ के युवा खिलाड़ियों ने बीसीसीआई की ओर से चंडीगढ़ की टीम को रणजी में मान्यता प्राप्त करने के बाद पहली बार ‘रण’ के लिए उतरी यूटी क्रिकेट टीम ने पहले डेब्यू मैच में ही एक नया इतिहास बना डाला। मैच में जहां अर्सलान खान ने दोहरा शतक ठोक कर अपने इरादे जता दिए, वहीं, शिवम भांबरी ने भी शतकीय प्रहार कर सिटी के क्रिकेट की धार को सामने रख दिया। याद रहे कि यह वही क्रिकेट स्टेडियम है, जिसने इतिहास रचने वाले क्रिकेटरों को जन्म दिया है। इसमें कपिल देव, युवराज सिंह, चेतन शर्मा जैसे नामी गिरामी क्रिकेटर शामिल हैं।