550वां प्रकाश पर्वः अंतरराष्ट्रीय नगर कीर्तन के लिए विशेष जत्था पाकिस्तान रवाना
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श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से निकाले जाने वाले इंटरनेशनल नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए 508 श्रद्धालुओं का जत्था अटारी सड़क सीमा के रास्ते पाकिस्तान रवाना हो गया। एक अगस्त से गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से शुरू होने वाले इस नगर कीर्तन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए दोनों देशों के सीमा रक्षक बलों ने इंटरनेशनल बॉर्डर पर स्थापित गेट खोल दिए।
पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आईसीपी पर कस्टम और इमीग्रेशन विभाग ने विशेष काउंटर स्थापित किए थे। पासपोर्ट, वीजा और अन्य सामान की जांच के बाद श्रद्धालुओं को आईसीपी से अटारी सड़क सीमा पर स्थित स्वर्ण द्वार तक चलने वाली बसों में लाया गया। वहां से तीन सौ मीटर पैदल चलकर श्रद्धालु छोटी-छोटी टुकड़ियों में इंटरनेशनल बॉर्डर क्रास कर पाकिस्तान के वाघा पहुंचे।
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष भाई जसवंत सिंह और अकाफ बोर्ड के चेयरमैन डॉ आमिर अहमद ने वाघा सीमा पर एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, श्री अकाल तख्त के जत्थेदार हरप्रीत सिंह, श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह और अन्य का हार डालकर उनका स्वागत किया।
पीएसजीपीसी ने श्रद्धालुओं के लिए लाहौर स्थित गुरुद्वारा डेरा साहिब से लंगर-पानी तैयार करवाकर वाघा सीमा पर पहुंचा दिया गया था। लाहौर से आए कुछ सिखों ने वाघा सीमा पर पहुंचे भारतीय श्रद्धालुओं को लंगर छकाया। शामियाने का प्रबंध न होने के कारण श्रद्धालु धूप में ही बैठ कर लंगर-पानी छकते रहे।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह धूप भी अच्छी लग रही है। देश विभाजन के बाद यह पहली बार था कि पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए वाघा सीमा पर लंगर-पानी की व्यवस्था की गई थी। लगभग पौने तीन बजे श्रद्धालुओं को एसी बसों में बैठा कर श्री ननकाना साहिब के लिए रवाना कर दिया गया।
देरी से पहुंचे भाई लौंगोवाल और सिंह साहिबान
पाकिस्तान जाने वाले सभी श्रद्धालु, जिसमें दिल्ली कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा, श्री पटना साहिब प्रबंधकीय बोर्ड के प्रधान अवतार सिंह हित, तख्त श्री हजूर साहिब के पूर्व प्रधान एचएस पसरीचा सहित कई निहंग संगठनों के मुखिया, एसजीपीसी सदस्य सहित कई सिख संगठनों के पदाधिकारी दोपहर साढ़े बारह बजे ही वाघा पहुंच गए थे।
एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्यग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह सहित कई सिंह साहिब अटारी सड़क सीमा पर दो बजे तक नहीं पहुंचे। इस पर बीएसएफ ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी क्योंकि पाकिस्तान वाघा सीमा पर श्रद्धालुओं को श्री ननकाना साहिब ले जाने के लिए बसें तैयार खड़ी थी।
श्रद्धालुओं के न पहुंचने के कारण पाकिस्तानी अधिकारियों ने बीएसएफ से इस बारे में बात की थी। लगभग सवा दो बजे भाई लौंगोवाल जत्थेदार श्री अकाल तख्त के साथ अटारी सड़क सीमा पर पहुंचे। 15 मिनट बाद श्री हरमंदिर के मुख्यग्रंथी अपने सहयोगियों के साथ बॉर्डर पहुंचे।
नगर कीर्तन निर्धारित समय अनुसार निकलेगा: भाई लौंगोवाल
अटारी सड़क सीमा पर जब पत्रकारों ने भाई लौंगोवाल से पूछा कि इस बात की जानकारी मिल रही है कि पाकिस्तान सरकार ने नगर कीर्तन निकालने की स्वीकृति नहीं दी है। भाई लौंगोवाल ने कहा कि इंटरनेशनल नगर कीर्तन अपने निर्धारित समय के अनुसार निकाला जाएगा।
गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ
इंटरनेशनल नगर कीर्तन निकालने से पहले मंगलवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में श्री अखंड साहिब साहिब के पाठ का शुभारंभ किया गया। एसजीपीसी के प्रबंधक राजिंदर सिंह ने पाकिस्तान से भेजे एक संदेश में बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश अस्थान गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब में सुबह साढ़े सात बजे श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ किए गए।
एक अगस्त को पाठ के भोग डाले जाएंगे। श्री अखंड पाठ साहिब की आरंभता की अरदास गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के ग्रंथी दया सिंह ने की। श्री हुकमनामा हेड ग्रंथी भाई प्रेम सिंह ने लिया। श्री ननकाना साहिब के सिख बच्चों के जत्थे द्वारा गुरबाणी कीर्तन किया गया। इस अवसर पर नगर कीर्तन के आगामी प्रबंध करने गए वफद के सदस्य भाई राजिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह बुह और डॉ रूप सिंह मौजूद थे।
एसजीपीसी ने भेजे केसरी झंडे
550वें प्रकाश पर्व पर निकाले जाने वाले नगर कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं के हाथों में पंथक केसरी झंडा पकड़ने के लिए एसजीपीसी ने सैकड़ों केसरी झंडे पाकिस्तान भेजे हैं। एसजीपीसी ने सिख परंपराओं के अनुसार नगर कीर्तन की अगुवाई करने वाला नगाड़ा भी पाकिस्तान भेजा है। पाकिस्तान के अलग-अलग गुरुद्वारा साहिब में श्री गुटका साहिब भी भेजे गए हैं।
लाठियों के ऊपर सुशोभित खंडा साहिब भी पाकिस्तान भेजे गए हैं। पीएसजीपीसी ने श्रद्धालुओं के लिए पुलाव, पीले रंग के मीठे चावल, पीली दाल, प्रसादा, चाय और ठंडे मीठे पानी का प्रबंध किया हुआ था।
पीएसजीपीसी ने जहां श्रद्धालुओं को एसी बसों में ननकाना साहिब पहुंचाया वहीं भाई लौंगोवाल, ज्ञानी हरप्रीत सिंह, ज्ञानी जगतार सिंह सहित सिंह साहिब के लिए बड़ी गाड़ियों का प्रबंध किया हुआ था। श्रद्धालुओं को लंगर छकाने के लिए लाहौर से मुस्लिम भाईचारे के नौजवान भी वाघा सीमा पर पहुंचे हुए थे।