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नशेड़ियों को दबोचते हैं ये डॉग्स, सिपाही पद पर हैं तैनात, प्रमोशन के लिए मंत्री को लिखा पत्र

Sat, 18 Aug 2018 10:16 AM IST
महेश कुमार, अमर उजाला, कपूरथला (पंजाब)
महेश कुमार, अमर उजाला, कपूरथला (पंजाब) Updated Sat, 18 Aug 2018 10:16 AM IST
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Special Dogs catch Drug addicts posted in Kapurthala jail
पीटर एंड टॉमी
पीटर एंड टॉमी। माडर्न जेल के दो ऐसे नाम, जिनकी जांच से तो कैदी थर-थर कांपते हैं। अरे यह कोई इंसान नहीं, बल्कि वफादारी में अव्वल लेब्रा नस्ल के दो डॉग हैं, जिनके आगे तो डोप टेस्ट भी फेल है। बाहर से आने वाले नए या फिर पेशी भुगतकर नशा करके लौटे कैदियों की मैन्युअल तलाशी के दौरान ये दोनों ही उन्हें धर दबोचते हैं। इनकी खास बात यह है कि ये दोनों नशा लेकर अंदर आने वाले कैदियों के इर्द-गिर्द घूमकर उन्हें नजरबंद कर लेते हैं।
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चेकिंग के लिए अन्य जेलों में भी जाते हैं
इनकी तलाशी में किसी कैदी का बचकर निकलना नामुमकिन है। इन दोनों सिपहसलारों को एडीजीपी जेल पंजाब आईपीएस सहोता के निर्देश पर सूबे की अन्य जेलों में भी चेकिंग के लिए ले जाया जाता है। जल्द ही इन्हें रिफ्रेशर कोर्स करवाने के लिए फिल्लौर पुलिस अकादमी भी भेजा जाएगा, ताकि इनकी कार्यशैली में और निखार आ सके।
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सिपाही के रैंक पर हैं दोनों डॉग
माडर्न जेल कपूरथला के सुरक्षा दस्ते में करीब ढाई साल पहले शुमार हुए टॉमी और पीटर अभी केवल सिपाही के रैंक पर हैं, लेकिन इनकी काबिलियत ऐसी है कि जेल में कैदियों के नारकोटिक्स और मोबाइल लाने को पकड़ने में इनका सबसे अहम योगदान है। जेल की बैरकों में बंद करीब तीन हजार कैदियों की रुटीन चेकिंग में डॉग स्क्वायड के दोनों सिपाही टॉमी एंड पीटर भी शामिल रहते हैं। एआईजी-कम-एसपी जेल एसपी खन्ना बताते हैं कि इन्हें प्रमोशन देकर असिस्टेंट बनाने के लिए जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा व एडीजीपी जेल पंजाब आईपीएस सहोता को लिखा जा रहा है।
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सहूलियतें भी मिली हैं पूरी

Special Dogs catch Drug addicts posted in Kapurthala jail
पीटर एंड टॉमी
डॉग स्क्वायड इंचार्ज-कम-सहायक सुपरिंटेंडेंट सलिंदर सिंह, हवलदार जोगिंदर पाल और वार्डर सतीश कुमार की देखरेख में दोनों डॉग का खास ख्याल रखा जाता है। इन दोनों डॉग की खुराक पर भी जेल प्रशासन की ओर से खास तवज्जो दी जाती हैं। इन्हें दिन में दूध, अंडे, न्यूट्री, पनीर, मटन के साथ पैडीग्री भी खिलाई जाती है। इनके रहने की जगह पर हवा के लिए कूलरों का प्रबंध किया गया है। हर तीन माह बाद वेटरिनरी विभाग के तीन डाक्टरों का बोर्ड इनका हेल्थ चेकअप करता है। इन दोनों डॉग की बदौलत जेल प्रशासन अब तक 55 मामले नारकोटिक्स, मोबाइल व अन्य प्रतिबंधित सामग्री की बरामदगी कर चुका है। इनकी सेहत का पूरा ध्यान रखा जाता है।

नशे की गंध से पकड़ लेते हैं
एसपी खन्ना के अनुसार इनकी कार्यशैली बहुत ही विलक्षण हैं। जेल में प्रवेश करने पर कैदियों को लाइन में खड़ा करके इन्हें पास से गुजारा जाता है, जो कैदी या हवालाती किसी भी तरह का नशा करके आए हों, उनके पास नशे की गंध आने से इन्हें पकड़ लेते हैं और उसके आगे बैठकर घेर लेते हैं। फिर उस कैदी से पूछताछ की जाती है। अगर कैदी ने सच बता दिया तो ठीक नहीं तो उसका यूरिन टेस्ट करवाया जाता है। इन डॉग्स की ओर से पकड़े गए कैदी टेस्ट करवाने पर पॉजीटिव पाए गए हैं।

एडीजीपी जेल पंजाब आईपीएस सहोता ने कहा कि जेल में किसी भी तरह की प्रतिबंधित वस्तु के प्रवेश को रोकना जेल प्रशासन का पहला ध्येय है। पीटर और टॉमी की काबिलियत को देखते हुए इन्हें और प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही सूबे की अन्य जेलों भी ऐसे सिपाहियों को जेल स्टाफ के बेड़े में शामिल किया जाएगा। उन्होंने माडर्न जेल कपूरथला में दोनों के कार्यों की सराहना की।
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