फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   special analysis on bsp performance in punjab assembly elections

विश्लेषणः पंजाब की राजनीति में लगातार गिरता रहा है BSP बसपा का ग्राफ

Sun, 22 Jan 2017 03:38 PM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 22 Jan 2017 03:38 PM IST
विज्ञापन
special analysis on bsp performance in punjab assembly elections
बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
पंजाब के दलित वोट बैंक में जबरदस्त पैठ रखनी वाली बसपा इस बार के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से भाग्य आजमा रही है। पार्टी ने इन चुनावों में 117 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का एलान किया है। बसपा ने 1997 के पंजाब विधानसभा चुनाव में 60 के आसपास (67) सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे तो उसे एक सीट पर सफलता मिली लेकिन नौ सीटों पर बसपा प्रत्याशी रनरअप रहे थे।
विज्ञापन


बसपा को पंजाब में मिली यह अंतिम सफलता भी साबित हुई जब उसका एक विधायक विधानसभा में पहुंचा था। उसके बाद 2012 तक किसी भी विधानसभा चुनाव में बसपा को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हो सकी। अब 2017 के चुनाव में पार्टी ने फिर से दस्तक दी है लेकिन बीते तीन चुनाव से पिछड़ रही यह पार्टी पंजाब की राजनीति में खुद को दोबारा स्थापित करने की पुरजोर कोशिश कर रही है।
विज्ञापन


पंजाब में बसपा के प्रमुख नेताओं का कहना है कि इन चुनावों में बसपा को प्रदेश के दलित वोट ही नहीं बल्कि ऊंची जातियों के लोगों के वोट भी मिलेंगे। 2011 की जातीय जनगणना के अनुसार, पंजाब में दलित वर्ग की आबादी 34 फीसदी है, जोकि देश के किसी भी राज्य में दलित आबादी से ज्यादा है। वहीं, स्व. कांशीराम द्वारा दलित उत्थान के उद्देश्य से स्थापित की गई बसपा की पहचान भी दलितों की राष्ट्रीय पार्टी के रूप में ही होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले कई चुनावों से पार्टी के हाथ नहीं लगी एक भी सीट

special analysis on bsp performance in punjab assembly elections
मायावती
1997 के पंजाब विधानसभा चुनाव में बसपा ने 67 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे लेकिन उसे केवल गढ़शंकर सीट पर जीत हासिल हुई जब बसपा प्रत्याशी शिंगारा राम ने भाजपा के अविनाश को 801 वोट के अंतर से हरा दिया। शिंगारा राम को 21291 और अविनाश को 20490 वोट मिले थे। इस जीत के अलावा तब बसपा के 45 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।

हालांकि तब नौ सीटें ऐसी भी रहीं, जहां बसपा के प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे। बंगा रिजर्व सीट पर सतनाम सिंह कैंथ (27148 वोट) शिअद के मोहनलाल (27757 वोट) से मात्र 609 वोट के अंतर से हारे। नकोदर सीट पर बसपा के गुरबचन सिंह धीमान (22881) कांग्रेस प्रत्याशी अमरजीत सिंह सामरा (33729) से पराजित हुए जबकि बलाचौर में शिअद के नंदलाल (42403) ने बसपा के हरगोपाल सिंह (21881) को काफी बड़े अंतर से हराया।

महलपुर सीट पर भी बसपा के अवतार सिंह करीमपुरी (20667) शिअद के सोहन सिंह (29400) से पराजित हुए। होशियारपुर में बसपा प्रत्याशी मोहिंदर पाल भाजपा के तीक्ष्ण सूद से हार वहीं शाम चौरासी में बसपा के गुरपाल चंद (19243) शिअद के अर्जुन सिंह जोश (32736) से हार गए। खरड़ सीट पर भी बसपा के मान सिंह (21643) को शिअद की दलजीत कौर (56394) से और फिरोजपुर में बसपा के मुख्तयार सिंह (21151) को भाजपा के गिरधर सिंह (45020) से बड़ी शिकस्त मिली। शेरपुर रिजर्व सीट पर बसपा के राज सिंह (27947) शिअद के गोबिंद सिंह (31149) से 3202 वोट के अंतर से हारे थे।

 

प्रदेश में सर्वाधिक 34 फीसदी हैं दलित वोट, फिर भी सफलता नहीं

special analysis on bsp performance in punjab assembly elections
मायावती - फोटो : amar ujala
वर्ष 1997 के चुनाव के बाद, बसपा ने 2002, 2007 और 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा लिया लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली। 2002 के चुनाव में बसपा ने 100 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे, जिनमें से 89 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।

वर्ष 2007 में बसपा के 115 प्रत्याशियों में से 113 अपनी जमानत नहीं बचा सके। यही हाल 2012 में हुआ जब प्रदेश विधानसभा की सभी 117 सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बाद भी बसपा को न तो किसी सीट पर जीत हासिल हुई, उलटे 109 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।

बसपा की वोटों की संख्या में उतार-चढ़ाव
वर्ष ---------------------- कुल वोटों में बसपा को मिले
1997 ------------------- 769675
2002 ------------------- 585579
2007 ------------------- 521972
2012 ------------------- 597020

‘बसपा इन चुनावों में बेहतरीन प्रदर्शन करने जा रही है। पार्टी को प्रदेश में सिर्फ दलित वर्ग ही नहीं, ब्राह्मणों का समर्थन भी मिल रहा है। इस बार बसपा पंजाब में सरकार बनाएगी।’
- अवतार सिंह करीमपुरी, अध्यक्ष, बसपा, पंजाब
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed