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बीमा राशि हड़पने के लिए कैंसर रोगियों को खुद ही हादसे में मार देते थे, तीन गिरफ्तार आठ नामजद
Sun, 21 Apr 2019 11:35 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 21 Apr 2019 11:35 AM IST
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गिरोह के सदस्य
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एसटीएफ ने कैंसर पीड़ितों का बीमा कराकर मौत के बाद गाड़ी से कुचलकर हादसा दिखाकर क्लेम राशि हड़पने का मामले का खुलासा किया है। हरियाणा के सोनीपत में यह मामल सामने आया। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के आठ गुर्गों को शनिवार को नामजद किया है। वहीं इनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू कर दी है।
एसटीएफ को यह आशंका है कि गिरोह कैंसर रोगियों को 'जिंदा' ही हादसे में मारकर बीमे की राशि हड़पता लेता था। इसकी आशंका बीमा कंपनी ने एक हफ्ते पहले डीजीपी क्राइम को दी शिकायत में भी जताई है। वहीं, मामले में कुछ डॉक्टरों और कई पुलिसकर्मियों के फंसने की आशंका भी बढ़ गई है।
पीजीआई रोहतक के कई अधिकारी, डॉक्टर और कर्मचारी भी इस मामले में फंसते नजर आ रहे हैं। एसटीएफ को गिरोह से जुड़े पुलिसकर्मियों की भी तलाश है।
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एसटीएफ को यह आशंका है कि गिरोह कैंसर रोगियों को 'जिंदा' ही हादसे में मारकर बीमे की राशि हड़पता लेता था। इसकी आशंका बीमा कंपनी ने एक हफ्ते पहले डीजीपी क्राइम को दी शिकायत में भी जताई है। वहीं, मामले में कुछ डॉक्टरों और कई पुलिसकर्मियों के फंसने की आशंका भी बढ़ गई है।
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पीजीआई रोहतक के कई अधिकारी, डॉक्टर और कर्मचारी भी इस मामले में फंसते नजर आ रहे हैं। एसटीएफ को गिरोह से जुड़े पुलिसकर्मियों की भी तलाश है।
मामला सामने आने के बाद मच गया हड़कंप
एसटीएफ का कहना है कि जांच होने का पता चलने पर मामले को रफादफा कराने और डीएसपी का तबादला कराने तक की बातें की जा रही हैं। उधर, पुलिस ने एक दिन पहले गिरफ्तार गांव सेवली निवासी पवन, रिढ़ाना निवासी मोहित व गुमाना निवासी विकास खर्ब को शनिवार को अदालत में पेश करके छह दिन के रिमांड पर लिया है।
बता दें कि भारती एक्सा बीमा कंपनी की फ्रॉड ऐंड इनवेटिगेशन यूनिट के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट अमन बेदी ने करीब एक हफ्ते पहले डीजीपी क्राइम को शिकायत दी थी। इसमें बताया गया था कि कुछ लोग कैंसर के मरीजों का बीमा कराने के बाद उनकी मौत को हादसा दिखाकर क्लेम राशि हड़प रहे हैं।
मामले की जांच शिकायत के अगले ही दिन ही सोनीपत एसटीएफ को सौंप दी गई थी। एसटीएफ की टीम ने शुक्रवार को गिरोह के सरगना पवन, मोहित और विकास को रोहतक से तब दबोच लिया था, जब वह उन कैंसर पीड़ितों का रिकार्ड नष्ट करने पीजीआई जा रहे थे, जिनकी हादसे में मौत दिखा चुके थे।
बता दें कि भारती एक्सा बीमा कंपनी की फ्रॉड ऐंड इनवेटिगेशन यूनिट के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट अमन बेदी ने करीब एक हफ्ते पहले डीजीपी क्राइम को शिकायत दी थी। इसमें बताया गया था कि कुछ लोग कैंसर के मरीजों का बीमा कराने के बाद उनकी मौत को हादसा दिखाकर क्लेम राशि हड़प रहे हैं।
मामले की जांच शिकायत के अगले ही दिन ही सोनीपत एसटीएफ को सौंप दी गई थी। एसटीएफ की टीम ने शुक्रवार को गिरोह के सरगना पवन, मोहित और विकास को रोहतक से तब दबोच लिया था, जब वह उन कैंसर पीड़ितों का रिकार्ड नष्ट करने पीजीआई जा रहे थे, जिनकी हादसे में मौत दिखा चुके थे।
कोई करता था मिलीभगत तो कोई करता था गाड़ी की व्यवस्था
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने सभी सदस्यों की अलग-अलग जिम्मेदारी लगा रखी थी। कोई पुलिसकर्मियों और डॉक्टरों से मिलीभगत करता था तो किसी का काम दुर्घटना दिखाने के लिए गाड़ी का इंतजाम करना था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के साथ ही आठ अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है।
इसलिए कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शनिवार को मामले में लिवासपुर निवासी जोनी सरोहा, रोहट निवासी प्रदीप, गांव तिहाड़ निवासी सचिन, गांव राई निवासी राजेश, रोहतक के सेक्टर-2 निवासी पदम खर्ब, पानीपत के उग्राखेड़ी निवासी राकेश, दिल्ली के नरेला के गौतम नगर निवासी रवींद्र को भी नामजद कर लिया।
इन बीमा कंपनियों के साथ की धोखाधड़ी
डीजीपी क्राइम को दी गई शिकायत में भारती एक्सा के साथ ही इफको टोक्यो, पीएनबी मेट लाइफ, एलआईसी, आईसीआईसीआई लाम्बर्ट, एचडीएफसी एग्रो, इडलवाइस टोक्यो, एएक्सए, केनरा, कोटक, एचएसबीसी, मैक्स लाइफ, फ्यूचर जेन, बजाज फाइनेंस, एलवाईएफ, अपोलो मुनिच व बिरला सन लाइफ आदि के साथ धोखाधड़ी का आरोप था।
इसलिए कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शनिवार को मामले में लिवासपुर निवासी जोनी सरोहा, रोहट निवासी प्रदीप, गांव तिहाड़ निवासी सचिन, गांव राई निवासी राजेश, रोहतक के सेक्टर-2 निवासी पदम खर्ब, पानीपत के उग्राखेड़ी निवासी राकेश, दिल्ली के नरेला के गौतम नगर निवासी रवींद्र को भी नामजद कर लिया।
इन बीमा कंपनियों के साथ की धोखाधड़ी
डीजीपी क्राइम को दी गई शिकायत में भारती एक्सा के साथ ही इफको टोक्यो, पीएनबी मेट लाइफ, एलआईसी, आईसीआईसीआई लाम्बर्ट, एचडीएफसी एग्रो, इडलवाइस टोक्यो, एएक्सए, केनरा, कोटक, एचएसबीसी, मैक्स लाइफ, फ्यूचर जेन, बजाज फाइनेंस, एलवाईएफ, अपोलो मुनिच व बिरला सन लाइफ आदि के साथ धोखाधड़ी का आरोप था।
मृतकों के परिजन भी हैं पुलिस के रडार पर
एसटीएफ की जांच में मृतकों के परिजन भी रडार पर हैं। उनकी भूमिका की जांच भी की जा रही है, ताकि सबूत जुटाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। पुलिस के पास आरोपियों की बातचीत के प्रमाण मौजूद हैं। पुलिस कोड वर्ड में भी बात किए जाने की बातें कह रही है।
कई राज्यों तक फैला है गिरोह का जाल
पुलिस का दावा है कि आरोपियों का नेटवर्क हरियाणा के सोनीपत, रोहतक, पानीपत, झज्जर के अलावा दिल्ली के नरेला तक फैला है। उत्तराखंड के देहरादून और राजस्थान के उदयपुर तक भी इनके तार जुड़े हैं।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली
गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद एसटीएफ जिस तरह से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संलिप्तता की बात कर रही है, उससे दोनों विभागों में खलबली मची हुई है। एसटीएफ के अधिकारी की मानें तो मामले में कई पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। इनके नाम पुलिस के पास हैं, जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी। मामले में कथित हादसों के बाद पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक और कार्रवाई करने वाले पुलिस कर्मियों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है।
कई राज्यों तक फैला है गिरोह का जाल
पुलिस का दावा है कि आरोपियों का नेटवर्क हरियाणा के सोनीपत, रोहतक, पानीपत, झज्जर के अलावा दिल्ली के नरेला तक फैला है। उत्तराखंड के देहरादून और राजस्थान के उदयपुर तक भी इनके तार जुड़े हैं।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में मची खलबली
गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद एसटीएफ जिस तरह से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संलिप्तता की बात कर रही है, उससे दोनों विभागों में खलबली मची हुई है। एसटीएफ के अधिकारी की मानें तो मामले में कई पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। इनके नाम पुलिस के पास हैं, जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी। मामले में कथित हादसों के बाद पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक और कार्रवाई करने वाले पुलिस कर्मियों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है।
पीजीआई रोहतक के कई कर्मचारी संदेह के दायरे में
मामले में पीजीआई रोहतक के कई कर्मचारी एसटीएफ की जांच में फंसते दिख रहे हैं। इन कर्मियों पर कैंसर पीड़ितों की फाइल को नष्ट करने के आरोप हैं। इस संबंध में पुलिस गिरोह के सरगना पवन से गहनता से पूछताछ करने की बात कह रही है।
साला-भांजा भी गिरोह में शामिल
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपी पवन अपने साले की आईडी पर लिया गया मोबाइल नंबर प्रयोग करता था। गिरोह में उसका एक साला, भांजा और अन्य रिश्तेदार भी जुड़े थे। तीनों को मामले में नामजद किया गया है। पुलिस ने कई नंबरों की कॉल डिटेल निकाली है।
आरोपी मोहित की कार का हुआ प्रयोग
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में इस माह दर्ज हुए हादसे में मोहित की कार का प्रयोग किया गया। मोहित को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। सिविल लाइन थाने की सिक्का कालोनी चौकी क्षेत्र में नवंबर-2018 में हुए दो हादसों की जांच भी संदिग्ध है। इसमें अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत होने की बात कही है, लेकिन उनके साथ बैठे लोगों को चोट तक नहीं लगी। साथ ही दोनों शवों को खुद ही शव गृह में भिजवाने की बात कही गई है।
साला-भांजा भी गिरोह में शामिल
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपी पवन अपने साले की आईडी पर लिया गया मोबाइल नंबर प्रयोग करता था। गिरोह में उसका एक साला, भांजा और अन्य रिश्तेदार भी जुड़े थे। तीनों को मामले में नामजद किया गया है। पुलिस ने कई नंबरों की कॉल डिटेल निकाली है।
आरोपी मोहित की कार का हुआ प्रयोग
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में इस माह दर्ज हुए हादसे में मोहित की कार का प्रयोग किया गया। मोहित को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। सिविल लाइन थाने की सिक्का कालोनी चौकी क्षेत्र में नवंबर-2018 में हुए दो हादसों की जांच भी संदिग्ध है। इसमें अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत होने की बात कही है, लेकिन उनके साथ बैठे लोगों को चोट तक नहीं लगी। साथ ही दोनों शवों को खुद ही शव गृह में भिजवाने की बात कही गई है।
इन कैंसर पीड़ित लोगों को बीमा कराकर मरा दिखाया
- अजीत निवासी भगवतीपुर रोहतक, एक अप्रैल-2018 को सदर थाना हिसार में हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया।
- धर्मबीर निवासी धनाना, 13 सितंबर-2018 को मोहाना थाने में हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया।
- कृष्ण निवासी बला करनाल, गन्नौर थाना में 174सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कराई।
- राजपती निवासी बेरी, झज्जर, 3 मई-2018 को थाना सदर हिसार में हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया गया।
- लीलाराम निवासी अहरी, झज्जर, 25 सितंबर-2017 को 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कराई।
- योगेंद्र निवासी जाटल रोड पानीपत, एक जनवरी को बहादुरगढ़ की सेक्टर-6 चौकी में 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कराई।
- अनूप सिंह निवासी फफडाना करनाल, 25 फरवरी को गन्नौर थाना में हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया।
- संदीप निवासी उत्तम विहार रोहतक 26 नवंबर-2018 को थाना सिविल लाइन में सड़क हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया।
गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को अदालत में पेश करके छह दिन के रिमांड पर लिया गया है। वहीं, गिरोह के आठ और सदस्यों के नाम एसटीएफ के पास हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल पकड़े आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
- राहुल देव, डीएसपी एसटीएफ
- धर्मबीर निवासी धनाना, 13 सितंबर-2018 को मोहाना थाने में हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया।
- कृष्ण निवासी बला करनाल, गन्नौर थाना में 174सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कराई।
- राजपती निवासी बेरी, झज्जर, 3 मई-2018 को थाना सदर हिसार में हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया गया।
- लीलाराम निवासी अहरी, झज्जर, 25 सितंबर-2017 को 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कराई।
- योगेंद्र निवासी जाटल रोड पानीपत, एक जनवरी को बहादुरगढ़ की सेक्टर-6 चौकी में 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कराई।
- अनूप सिंह निवासी फफडाना करनाल, 25 फरवरी को गन्नौर थाना में हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया।
- संदीप निवासी उत्तम विहार रोहतक 26 नवंबर-2018 को थाना सिविल लाइन में सड़क हादसे में मौत का मामला दर्ज कराया।
गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को अदालत में पेश करके छह दिन के रिमांड पर लिया गया है। वहीं, गिरोह के आठ और सदस्यों के नाम एसटीएफ के पास हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल पकड़े आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
- राहुल देव, डीएसपी एसटीएफ