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पिता के अंतिम संस्कार में बेटे बने रोड़ा तो बेटियों ने निभाया आखिरी फर्ज

Tue, 08 Nov 2016 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेरी(झज्जर)
ब्यूरो/अमर उजाला, बेरी(झज्जर) Updated Tue, 08 Nov 2016 09:11 AM IST
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son refused for cremation of father, daughters came forward for funeral in beri of haryana
अंतिम संस्कार
एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार में कोई और नहीं, बल्कि खुद उसके अपने ही बेटे राह में रोड़े बन गए तो आखिरी फर्ज बेटियों ने ही निभाया। मामला, हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी कस्बे का है। मामले की गंभीरता को भांपकर बुजुर्ग के अंतिम संस्कार कराने को लेकर पुलिस को ही हस्तक्षेप करना पड़ा।
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इसके बाद पुलिस के पहरे में ही इस बुजुर्ग का अंतिम संस्कार हो पाया। गांव दूबलधन का इंद्र पुत्र रतन सिंह करीब छह वर्ष पहले रोहतक चला गया था और वहीं पर जाकर अपना कामकाज करने तथा रहने लगा था। गांव में उसके दो बेटे संदीप और दीपक रहते थे।
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बताया जाता है कि करीब 15 रोज पूर्व इंद्र सिंह अपने साले के यहां गांव बराहना आ गया। यहां गत दिवस देर शाम उसकी बीमारी के चलते मौत हो गई। चूंकि इंद्र सिंह ने अपने साले और बेटियों के सामने पहले से ही उसका अंतिम संस्कार कराने की इच्छा गांव दूबलधन में जता रखी थी।
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पुलिस ने दखल दिया, तब भी नहीं माने बेटे

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अंतिम संस्कार
इसी के चलते जब शनिवार को इंद्र सिंह की बेटियों, दामाद, उसके साले ने इंद्र सिंह का अंतिम संस्कार कराने के लिए गांव दूबलधन में उसके बेटों से संपर्क किया तो उन्होंने इस संस्कार में भाग न लेने और इंद्र सिंह का अंतिम संस्कार गांव में न किए जाने की चेतावनी दे डाली।

इसके के बाद मामले की शिकायत बेरी पुलिस से की गई। शिकायत मिलने के बाद बेरी थाना प्रभारी कुलबीर सिंह गांव दूबलधन पहुंचे और इंद्र सिंह के बेटों को अपने पिता की अंतिम क्रिया में भाग लेने और उसका दाह संस्कार गांव में ही किए जाने की बात कही, लेकिन इसके बावजूद बेटों का दिल नहीं पसीजा।

बाद में थाना प्रभारी ने मृतक इंद्र सिंह का अंतिम संस्कार गांव दूबलधन में करवाने के लिए पुलिस की टीम को भेजा गया। बाद में पुलिस पहरे में ही बुजुर्ग इंद्र सिंह का उसके गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बेटे नहीं हुए अंतिम संस्कार में शामिल

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अंतिम संस्कार
मृतक इंद्र सिंह का उसके पैतृक गांव दूबलधन में बेशक पुलिस पहरे में अंतिम संस्कार कर दिया गया हो, लेकिन उसके अंतिम संस्कार में उसके दोनों बेटों को पुलिस सम्मिलित कराने में असफल रही। हालांकि पुलिस के अलावा अन्य रिश्तेदारों, सगे संबंधियों ने इंद्र सिंह के बेटों को अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए खूब मनाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।

यह बोले थाना प्रभारी
गांव दूबलधन निवासी इंद्र सिंह का अंतिम संस्कार उसके ही गांव में उसके बेटों द्वारा न कराए जाने को लेकर नाराजगी जताने की शिकायत उन्हें मिली थीं। उसी शिकायत पर वह स्वयं इंद्र सिंह के बेटों को समझाने के लिए गए थे, लेकिन बाद में जब वह नहीं माने तो फिर उसके बाद ही इंद्र सिंह की अंतिम क्रिया में कोई विघ्न पैदा न हो, इसके लिए पुलिस का इंतजाम किया गया था।
- कुलबीर सिंह, बेरी थाना प्रभारी
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