न्यूजीलैंड से 8 दिन बाद आया बेटे का शव, मां बेहोश
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न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में हुई हत्या के आठ दिन बाद मंजीत का शव जैसे ही करनाल के गांव दरड़ में पहुंचा तो मां बेहोश हो गई। ऑकलैंड में ही रह रहे नवनीत ने बताया कि मंजीत पर छह माह पहले भी हमला हुआ था, लेकिन वहां की पुलिस ने कुछ नहीं किया।
नम आंखों से पूरे गांव ने मंजीत को अंतिम विदाई दी। इस दौरान शहर की सामाजिक संस्थाओं समेत सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। सुबह करीब दस बजे जैसे ही ऑकलैंड से मंजीत का शव गांव में पहुंचा तो परिवार के हर सदस्य की आंखें नम हो गईं।
हर कोई मंजीत को देखना चाहता था। माता कुलदीप कौर व पिता जीत सिंह ने जैसे ही बेटे का चेहरा देखा तो बदहवाश हो गए। जैसे ही ग्रामीणों को शव पहुंचने की सूचना मिली तो सारा गांव मौके पर एकजुट हो गया। इसके बाद नम आंखों से युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हर लब पर आ रही बेटे की यादें
गांव दरड़ वासी मंजीत सिंह वर्ष 2013 में 12वीं कक्षा पास करके बिजनेस मैनेजमेंट के कोर्स के लिए न्यूजीलैंड गया। यहां पर पहले से ताऊ का लड़के नवनीत सिंह भी रहता है। 12 मई को मंजीत सिंह की परिवार के लोगों के साथ पूरी बातचीत हुई। 13 मई सुबह ही मंजीत की मौत की खबर की सूचना उनके पास पहुंची। उसी दिन से परिवार के लोगों के आंसू नहीं रोक पा रहे हैं।
उसकी पुरानी यादों को याद करते हुए बिलखते रहते हैं। मंजीत परिवार में इकलौता था और अब उसके माता-पिता और छोटी बहन रह गई है। मंजीत के अंतिम संस्कार में काफी भीड़ रही और परिवार को दुख सहने की हिम्मत जुटाते रहे। पिता जीत सिंह ने रोते हुए कहा कि हमने मंजीत को डिग्री लाने के लिए विदेश भेजा था, पर क्या मालूम था कि बेटे की डेड बॉडी ही आएगी।
नहीं मिल रही मदद
ऑकलैंड में ही रह रहे नवनीत ने बताया कि मंजीत पर छह माह पहले भी हमला हुआ था, लेकिन वहां की पुलिस ने कुछ नहीं किया। इस मामले में भी अभी पुलिस कुछ कार्रवाई नहीं कर रही है। नवनीत ने बताया कि मंजीत का शव खून से लथपथ समुद्र किनारे मिला था और इससे पहले उसके दो चीनी दोस्त उसे अपने साथ ले गए थे।