Chandigarh: हाईटेक यूटी पुलिस के लिए सिरदर्द बने मोस्टवांटेड, मर्डर से लेकर करोड़ों की धोखाधड़ी में शामिल
यूटी पुलिस के रिकॉर्ड में वर्ष 2011 के धोखाधड़ी से संबंधित मामले में पीओ घोषित आशीष गोयल व उसकी पत्नी सुमिता गोयल को भी मोस्टवांटेड की श्रेणी में रखा है और इन पर भी 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ है।
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चंडीगढ़ की सबसे हाईटेक मानी जाने वाली यूटी पुलिस के लिए कुछ मोस्टवांटेड अपराधी सिरदर्द बने हुए हैं। करीब 40 ऐसे अपराधी है जिन्होंने कोई मर्डर तो नहीं किया लेकिन लोगों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है।
इनमें 30 आरोपी ऐसे है जो कि मोहाली बोर्डर पर हुए हिंसा के मामले में नामजद है और इन पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित है। जबकि, गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स के 4 निदेशकों सहित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में एक महिला पर भी 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस को इनका कोई ठिकाना नहीं मिल रहा है जहां से इन्हें पकड़ा जा सकें।
अगर यूटी पुलिस के रिकॉर्ड पर ही नजर डाली जाए तो इनमें गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स के सतीश गुप्ता निवासी आदर्श नगर डेराबस्सी, प्रदीप गुप्ता आदर्श नगर, रमन गुप्ता आदर्श नगर और अनुपम गुप्ता निवासी एचआईजी फ्लैट, सीनियर सीटिजन सोसायटी सेक्टर-48 सी चंडीगढ़ पर पुलिस द्वारा धोखाधड़ी से संबंधित अलग-अलग थानों में करीब 19 एफआईआर दर्ज की हुई है।
इन चारों आरोपियों को पुलिस ने मोस्टवांटेड की श्रेणी में रखा हुआ है और इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ है। यह चारों आरोपी जीबी गुप्ता ग्रुप के निदेशक है और इनके खिलाफ सीबीआई सहित ईडी में भी मामले विचाराधीन है। अप्रैल 2022 में चंडीगढ़ सेक्टर-34 थाना पुलिस ने गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स के खिलाफ 1500 करोड़ की धोखाधड़ी के मामलों में छह एफआईआर दर्ज की थीं। मामले में जीबीपी के साथ जीएंडजी बिल्डर्स के मैनेजिंग पार्टनर पर भी केस दर्ज हुआ था।
जीरकपुर निवासी देवभूषण गुप्ता ने शिकायत में बताया था कि जीबीपी के डायरेक्टर रमन गुप्ता, प्रदीप गुप्ता व अन्य और जीएंडजी बिल्डर्स के मैनेजिंग पार्टनर नीरज गुप्ता ने करीब 2500 लोगों के साथ अलग-अलग प्रोजेक्ट में 1500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। बाकायदा केस दर्ज होने के कुछ समय बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लान्ड्रिंग मामले में गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ आवास सहित उनके अन्य ठिकानों पर भी छापामारी की थी। इससे जुड़ा मामला सीबीआई और पीएमएलए कोर्ट में भी विचाराधीन है। इनके अलावा मई 2018
में सेक्टर-36 थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला क्रिस्पी खेड़ा निवासी सेक्टर-70 मोहाली भी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ सकी है। उस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है और इसका नाम भी मोस्टवांटेड के लिस्ट में शामिल है।
मोहाली बोर्डर पर हुई हिंसा में नामजद 30 अपराधी मोस्टवांटेड
वहीं फरवरी 2023 को चंडीगढ़-मोहाली बैरियर के पास सेक्टर 52/53 डिवाइडिंग रोड हिंसा की घटना हुई थी। इस मामले में यूटी पुलिस ने हिंसा करने की धाराओं के तहत काफी लोगों के खिलाफ सेक्टर-36 थाने में मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने कैमरे व फुटेज में कैद हुए करीब 30 ऐसे लोगों की पहचान की जिनका हिंसा फैलाने में काफी अहम रोल था। पुलिस ने इन्हें काफी तलाश किया लेकिन इनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने हिंसा फैलाने वाले करीब 30 आरोपियों को मोस्टवांटेड घोषित करते हुए इन पर करीब 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया लेकिन इसके बावजूद इनके खिलाफ कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
इन मोस्टवांटेड आरोपियों पर भी पुलिस ने रखा हुआ है इनाम
इसके अलावा यूटी पुलिस के रिकॉर्ड में वर्ष 2011 के धोखाधड़ी से संबंधित मामले में पीओ घोषित आशीष गोयल व उसकी पत्नी सुमिता गोयल को भी मोस्टवांटेड की श्रेणी में रखा है और इन पर भी 25-25 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ है। इसके अलावा सेक्टर-22 में एक ज्वैलरी शॉप में दुकानदार को गोलियां मारकर लूट की वारदात अंजाम देने वाले अज्ञात युवक पर भी पुलिस ने मोस्टवांटेड का टैग लगाया हुआ है और इस आरोपी का सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद उसका कोई ठिकाना नहीं मिल पाया है। पुलिस ने इस आरोपी की सीसीटीवी फुटेज आसपास के राज्यों में भी भेजी थी ताकि इसकी पहचान की जा सकें लेकिन इसके बावजूद इसका कोई अता पता नहीं चला।
यूटी पुलिस के अलग-अलग मामलों में करीब 3800 पीओ व भगौड़ों सहित कुछ अन्य 35-40 वांटेड आरोपी है। इन वांटेड आरोपियों पर इनाम भी रखा हुआ है और इनकी सूचना देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाता है। इन आरोपियों को दबोचने के लिए अलग से पीओ सेल का भी गठन किया गया है। - कंवरदीप कौर, एसएसपी चंडीगढ़