फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Soldier wife will get pension after 50 years of struggle

Punjab News: 50 साल के लंबे संघर्ष के बाद पूर्व फौजी की विधवा को मिलेगी पेंशन, 18 लाख एकमुश्त देगी सेना

Sat, 18 Feb 2023 12:51 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 18 Feb 2023 12:51 AM IST
सार

कर्नल सोही ने बताया कि गत 22 सालों उनकी संस्था पूर्व फौजियों व उनके परिवारों के हकों के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा ही उनकी संस्था का धर्म है। अब तक 400 से अधिक पूर्व फौजी व उनकी विधवाओं को वह पेंशन दिलवा चुके है।

विज्ञापन
Soldier wife will get pension after 50 years of struggle
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में पूर्व फौजी की विधवा रणजीत कौर (80) को 50 साल के लंबे संघर्ष के बाद परिवारिक पेंशन मिलेगी। इतना ही नहीं उनके बाद अविवाहित बेटी इस पेंशन की हकदार होगी। उन्हें सेना एकमुश्त 18 लाख रुपये की अदायगी करेगी। वहीं हर महीने 16 हजार रुपये पेंशन भी मिलेगी। इसके अलावा सेना की तरफ से पूर्व फौजियों को मिलने वाली सेवाएं भी दी जाएंगी। पूर्व फौजी की विधवा को हक दिलाने में एक्स सर्विसमैन ग्रीवासेंस सेल पंजाब ने अहम भूमिका निभाई।

विज्ञापन


एक्स सर्विसमैन ग्रीवासेंस सेल के प्रधान रिटायर्ड कर्नल एसएस सोही ने बताया कि बुजुर्ग की बेटी सुरिंदर कौर ने साल 2021 में संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि उनके पिता हवलदार प्रेम सिंह पुरी मोरिंडा में रहते थे। मां रणजीत कौर ने पारिवारिक मुश्किलों को देखते हुए 1973 में घर छोड़ दिया था। साथ ही वह मोहाली में आकर अपने पिता हवलदार पूर्ण सिंह के पास रहने लगीं। इसके बाद वह रणजीत कौर से मिलने पहुंचे लेकिन वह कुछ भी बताने में असमर्थ थीं। उनके पास दस्तावेज भी पूरे नहीं थे। 
विज्ञापन


इसके बाद उनकी टीम तथ्य जुटाने मोरिंडा गई। जहां पता चला कि हवलदार प्रेम सिंह की 14 साल पहले मौत हो गई थी। इससे पहले उन्होंने अपनी संपत्ति बेच दी थी। वहीं, गांव के एक केमिस्ट ओम प्रकाश से टीम मिली। इसके बाद उसने उनकी संस्था का दौरा किया। कई जानकारियां दी और एक पैकेट सौंपा। इसमें महिला के पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और आर्मी की बुक थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कर्नल सोही ने बताया कि दस्तावेज उनके हाथ लगने के बाद यह मामला सेना के समक्ष उठा। उनकी किस्मत अच्छी रही कि सेना से सकारात्मक जवाब मिला। इसके बाद उनकी तरफ से बहुत सारे दस्तावेज पूरे किए गए। हालांकि इस प्रक्रिया में काफी समय लग गया। इस दौरान डायरेक्टर सैनिक वेलफेयर पंजाब से संपर्क किया लेकिन कोई सफलता नहीं। 

एक कमरे में रहते थे दोनो
2006 में प्रेम सिंह पुरी ने अपनी मौत से पहले कुछ पैसे छोड़े थे। हालांकि बाद में उनकी संस्था ने भी उनकी वित्तीय मदद की। पेंशन की रकम की अदायगी के लिए बैंक की टीम पहुंची तो भी दिक्कत आई। सेहत ठीक न होने की वजह से उन्होंने रणजीत कौर की पहचान करने से इनकार कर दिया। इसके बाद संस्था ने उक्त मामले की फिर पैरवी की। इसे बाद रणजीत कौर को साल 2007 से 18 लाख रुपये मिलेंगे। 16 हजार रुपये पेंशन, मुफ्त मेडिकल, सीएसडी कैंटीन व एक्स सर्विसमैन की अन्य सुविधा प्राप्त होगी। 

अब तक 400 फौजियों को दिलाया इंसाफ
कर्नल सोही ने बताया कि गत 22 सालों से उनकी संस्था पूर्व फौजियों व उनके परिवारों के हकों के लिए लड़ रही है। उन्होंने कहा कि सेवा ही उनकी संस्था का धर्म है। अब तक 400 से अधिक पूर्व फौजी व उनकी विधवाओं को वह पेंशन दिलवा चुके है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed