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हाईकोर्ट के 45 जजों के घर होंगे रोशन, सोलर प्लांट लगेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 03 May 2017 09:55 AM IST
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जजों के घर पर सोलर प्लांट
- फोटो : अमर उजाला
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क्रेस्ट डिपार्टमेंट पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 45 जजों के घर पर सोलर प्लांट लगाने जा रहा है। इन घरों पर करीब 130 किलोवॉट तक सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इन सोलर प्लांट की मदद से साल भर में 3.90 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। क्रेस्ट डिपार्टमेंट ने न्यू बिल्डिंग बायलॉज में 500 स्क्वायर यार्ड से ऊपर के सभी घरों पर सोलर प्लांट इंस्टाल करना अनिवार्य कर दिया है। क्रेस्ट डिपार्टमेंट की ओर से मंगलवार को टेंडर फाइनल किया गया। क्रेस्ट ने मल्टी ओवरसीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर जारी किया है। करीब 89.40 लाख रुपये से सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को साल 2022 तक सोलर प्लांट के जरिये 100 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य दिया है। अब तक प्रशासन ने कुल 165 बिल्डिंग्स में सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट इंस्टॉल किए हैं। इनसे हर रोज 7.7 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। अब प्राइवेट बिल्डिंग्स के लिए भी इसको प्रमोट किया जा रहा है। अब तक 200 लोगों ने घरों पर कामर्शियल अन्य कैटेगरी की प्लांट लगाने के लिए अप्लाई भी किया है। चंडीगढ़ ने मॉडल सोलर सिटी की तरफ तेजी से बढ़ने के लिए बिल्डिंग बायलॉज में भी सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट लगाने को लेकर बदलाव किए हैं।
इसको लेकर नोटिफिकेशन भी हो चुकी है। इसके मुताबिक चंडीगढ़ में आवासीय, कामर्शियल, इंडस्ट्रियल या इंस्टीट्यूशनल बिल्डिंग बनती है तो उसमें कैटेगरी वाइज सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट लगाना जरूरी होगा। साथ ही अगर पुरानी बिल्डिंग को रेनोवेट किया जाता है तो उसमें भी उसी हिसाब से प्लांट लगाना जरूरी होगा। वहीं पुरानी सभी तरह की बिल्डिंग जो 500 या इससे ज्यादा स्क्वायर फुट एरिया में बनी हैं उनको भी सोलर प्लांट लगाना जरूरी कर दिया गया है।
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केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को साल 2022 तक सोलर प्लांट के जरिये 100 मेगावॉट बिजली उत्पादन का लक्ष्य दिया है। अब तक प्रशासन ने कुल 165 बिल्डिंग्स में सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट इंस्टॉल किए हैं। इनसे हर रोज 7.7 मेगावॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। अब प्राइवेट बिल्डिंग्स के लिए भी इसको प्रमोट किया जा रहा है। अब तक 200 लोगों ने घरों पर कामर्शियल अन्य कैटेगरी की प्लांट लगाने के लिए अप्लाई भी किया है। चंडीगढ़ ने मॉडल सोलर सिटी की तरफ तेजी से बढ़ने के लिए बिल्डिंग बायलॉज में भी सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट लगाने को लेकर बदलाव किए हैं।
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इसको लेकर नोटिफिकेशन भी हो चुकी है। इसके मुताबिक चंडीगढ़ में आवासीय, कामर्शियल, इंडस्ट्रियल या इंस्टीट्यूशनल बिल्डिंग बनती है तो उसमें कैटेगरी वाइज सोलर फोटोवोल्टिक पावर प्लांट लगाना जरूरी होगा। साथ ही अगर पुरानी बिल्डिंग को रेनोवेट किया जाता है तो उसमें भी उसी हिसाब से प्लांट लगाना जरूरी होगा। वहीं पुरानी सभी तरह की बिल्डिंग जो 500 या इससे ज्यादा स्क्वायर फुट एरिया में बनी हैं उनको भी सोलर प्लांट लगाना जरूरी कर दिया गया है।
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