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देश में किसानों और जमीन के हालात सुधारने को अपनाना होगा ये तरीका, देखिए

Fri, 10 Nov 2017 11:00 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 10 Nov 2017 11:00 AM IST
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smart food may improve condition of indian farmers, indian agricultural land
‌farmers
अगर सरकार कृषि प्रधान देश भारत में किसानों और जमीनों के हालात सुधारना चाहती है तो उसे ये तरीका अपनाना होगा, तभी विकास की दिशा में काम होगा। देश में एक और जहां स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से शहरों की सूरत बदलने पर काम चल रहा है, वहीं इसी तर्ज पर अब स्मार्ट फूड -इन इंडिया प्रोजेक्ट से किसान, जमीन और इंसान की सेहत सुधारने की दिशा में भी काम होगा।
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इतना ही नहीं इससे बाजरा, ज्वार और अन्य फलदार फसलों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसमें बाजरे की खेती पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा। इस योजना पर यदि प्रभावशाली ढंग से काम हो जाता है तो न केवल इसका फायदा किसान और इंसान को होगा, बल्कि लगातार पोषक तत्व खो रही मिट्टी और भूजल को भी होगा।
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अर्ध शुष्क इलाकों में कृषि और किसानों को आगे बढ़ाने के इरादे से विभिन्न शोध कार्यों में जुटी हैदराबाद के पाटनचेरु स्थित इंटरनेशनल क्राप रिसर्च इंस्टीट्यूट इस स्मार्ट फूड प्रोजेक्ट पर काम कर रहा  है। इतना ही नहीं यह इंस्टीट्यूट भारत सरकार की और से मिली 3500 एकड़ जमीन पर विभिन्न तरह की रिसर्च का फायदा एशिया और अफ्रीका के 55 देशों के लाखों किसानों तक पहुंचाने के काम में भी वर्ष 1976 से कार्यरत है।
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इस तरह प्रभावशाली बनेगा कांसेप्ट

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farmer
- बाजरा, ज्वार व अन्य फलदार पौधों की खेती करने वाले राज्यों के किसानों को इस प्रोजेक्ट का फायदा और मार्केटिंग के गुर समझाए जाएंगे।
- विभिन्न कृषि संस्थानों व विश्वविद्यालयों के माध्य्म से किसानों को इस प्रोजेक्ट से जोड़ते हुए उन्हें बताया जाएगा कि यह कांसेप्ट उनकी मिट्टी की सेहत और भूजल के लिए कैसे लाभकारी साबित होगा।
- विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाएगा कि बाजरा, ज्वार व अन्य कम पानी वाली फसलें उनकी सेहत के लिहाज से लिए कैसे उनके लिए स्मार्ट फूड है।
- इस कांसेप्ट से जुड़कर किसानों को बताया जाएगा कि उनकी मार्केटिंग ग्रोथ व प्लानिंग कैसे होगी।

 

इस तरह होगा हरियाणा-पंजाब को फायदा

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किसान आंदोलन - फोटो : the week
हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और यूपी बाजरे की खेती में देश के बड़े उत्पादक राज्य हैं। मगर हरियाणा में इस वक्त बाजरे की खरीद को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। विपक्ष का आरोप है कि सूबे में बाजरा उत्पादक किसानों की हालत बहुत खराब है। लेकिन सरकार इस आरोप को सिरे से खारिज करती है। 

मगर सरकार यदि इस प्रोजेक्ट से जुड़कर  किसानों को बाजरे की सरकारी खरीद के अलावा उन्हें स्मार्ट फूड के  तहत मार्केटिंग का अवसर उपलब्ध करवाए तो न केवल विपक्ष को करारा जवाब मिलेगा, बल्कि किसानों की आय भी अपेक्षाकृत बढ़ेगी। उधर, हरियाणा के साथ-साथ पंजाब में भी बाजरा, ज्वार व अन्य फलीदार पौधों की खेती का रकबा भी बढ़ेगा

कई देशों में स्मार्ट फूड का कांसेप्ट पहले से ही अच्छा चल रहा है। मगर भारत में अभी इस पर काम किया जा रहा है। सरकार सहयोग करें तो इससे किसानों की आय में अपेक्षाकृत बढ़ोतरी तय है।
- जोआना कने पोटका, डायरेक्टर, आईसीआरआईएसटी, हैदराबाद
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