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Chandigarh News: छोटी संस्थाएं एकजुट हो मोटे अनाज का करें उत्पादन, सरकार करेगी सहयोग
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चंडीगढ़। दुनिया अब अपनी सेहत को लेकर सचेत हो गई है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी मोटे अनाज (मिलेट) के महत्व को समझते हुए 2023 को मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। इससे भारत और खासतौर पर हरियाणा के किसानों को बहुत लाभ होगा क्योंकि इसकी पैदावार हरियाणा में सबसे ज्यादा हो रही है। हम छोटी-छोटी संस्थाओं से अपील करते हैं कि सभी एक वृहद ब्रांड के साथ मिलकर मोटे अनाज का उत्पादन व्यापक स्तर पर करें। ऐसा करने में केंद्र और राज्य सरकार उनका हर स्तर पर सहयोग करेगी। यह बातें हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने शुक्रवार को सेक्टर 35 स्थित किसान भवन में राइजिंग हरियाणा एक्सपोर्ट मिलेट्स एग्री एक्सपोर्ट के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।उन्होंने कहा कि मैं उन सामाजिक संस्थाओं को धन्यवाद देता हूं जो मोटे अनाज का उत्पादन कर रही हैं। मोटा अनाज की एक तरफ जहां कम सिंचाई से ही बेहतर पैदावार देता है, वहीं पर्यावरण, भूमि, स्वास्थ्य और किसानों के लिए काफी फायदेमंद होता है। बस जरूरत है इसके लिए बाजार विकसित करने की। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों और मोटे अनाज की खेती कर रहे किसानों को किसान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। तीन दिवसीय एक्स-पो में पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली समेत देश के अलग-अलग प्रदेशों के 35 स्टॉल शामिल हैं।
इनसेट-
मोटे अनाज के साथ हस्तनिर्मित सामग्री भी खास
एक्स-पो में मोटे अनाज के उत्पादों के साथ ही हैंडीक्राफ्ट के भी स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें फुलकारी से लेकर अलग-अलग हस्तनिर्मित चीजों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में खेती विरासत मिशन के कार्यकारी निर्देशक उमेंद्र दत्त ने बताया कि मिलेट्स उत्पादन एवं इसके मूल्यवर्धन के लिए शनिवार को अभियांत्रिकी योगदान पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सभी फार्म मशीनरी प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों, भारतीय कृषि अनुसंधान के विभिन्न संस्थानों व विशेषज्ञ मौजूद होंगे। वहीं रविवार को मिलेट्स कुकिंग कंपीटीशन भी आयोजित किया जाएगा जिसमें मोटे अनाज में रुचि रखने वाले शेफ आमंत्रित होंगे।
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मोटे अनाज के साथ हस्तनिर्मित सामग्री भी खास
एक्स-पो में मोटे अनाज के उत्पादों के साथ ही हैंडीक्राफ्ट के भी स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें फुलकारी से लेकर अलग-अलग हस्तनिर्मित चीजों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में खेती विरासत मिशन के कार्यकारी निर्देशक उमेंद्र दत्त ने बताया कि मिलेट्स उत्पादन एवं इसके मूल्यवर्धन के लिए शनिवार को अभियांत्रिकी योगदान पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सभी फार्म मशीनरी प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों, भारतीय कृषि अनुसंधान के विभिन्न संस्थानों व विशेषज्ञ मौजूद होंगे। वहीं रविवार को मिलेट्स कुकिंग कंपीटीशन भी आयोजित किया जाएगा जिसमें मोटे अनाज में रुचि रखने वाले शेफ आमंत्रित होंगे।
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