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Chandigarh News: पेड़ गिरने के हादसे को छह महीना पूरा, हीराक्षी की मौत जिम्मेदार कौन...आज तक नहीं पता चला

Tue, 10 Jan 2023 07:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2023 07:00 AM IST
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Six months have passed since the tree fell, who is responsible for Hirakshi's death... till date it is not known
चंडीगढ़। सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में 250 साल पुराना हेरिटेज पेड़ गिरने से हुए हादसे को छह महीने हो गए, लेकिन अब तक प्रशासन यह नहीं तय कर पाया है कि किसकी लापरवाही से 16 वर्षीय हीराक्षी को जान गंवानी पड़ी। जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई, जिसने अब तक प्रशासन को रिपोर्ट नहीं सौंपी है।
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प्रशासन को आज तक रिपोर्ट का इंतजार है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई शुरू हो पाएगी। विभिन्न विभागों के अधिकारी भी इधर से उधर हो गए, लेकिन जांच अब तक अटकी हुई है। आठ जुलाई को हादसे के बाद प्रशासन के तमाम विभाग सक्रिय हो गए थे। प्रशासन ने उसी दिन मजिस्टीरियल जांच के आदेश दे दिए। पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया, समाज कल्याण विभाग ने चाइल्ड सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए लेकिन समय बीतने के साथ सारे आदेश धुंधले हो चुके हैं। मजिस्टीरियल जांच कुछ ही दिन बाद बंद कर दी गई। पुलिस की जांच भी अधूरी है। चाइल्ड सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन अब तक सार्वजनिक नहीं की गई। 13 जुलाई को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जितेंद्र चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी को हादसे के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
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28 हेरिटेज पेड़ों के लिए बनेगी कमेटी, हर 6 माह में होगी जांच
सूत्रों के अनुसार कमेटी ने अब तक सेक्टर-9 के स्कूल में पेड़ के गिरने के कारणों के साथ अन्य बचे 28 हेरिटेज पेड़ों का रखरखाव कैसे किया जाए, इस पर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। प्रशासन, नगर निगम और वन विभाग को मिलाकर एक टीम के गठन का भी सुझाव दिया गया है, जो हर 6 महीने में बाकी बचे 28 हेरिटेज पेड़ों की सेहत की जांच करेंगे और उसके आधार पर पेड़ का रखरखाव किया जाएगा। पहले प्रशासन की तरफ से बताया गया था कि जांच में इसलिए देरी हुई, क्योंकि हादसे में बुरी तरह से घायल स्कूल की अटेंडेंट शीला बयान देने की हालत में नहीं है और जब तक उनके बयान दर्ज नहीं होंगे, तब तक जांच पूरी नहीं हो पाएगी। बता दें कि शीला पहले किशनगढ़ में रहती थीं, लेकिन हादसे के बाद उन्होंने चंडीगढ़ छोड़ दिया और अपने मायके रोपड़ में रहने लगीं।
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हीराक्षी के परिवार को प्रशासन ने दिया है 20 लाख रुपये का मुआवजा
हादसे के कुछ दिन बाद हीराक्षी के परिजनों से मिलने प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित व अन्य अधिकारी उनके घर पहुंचे थे। हीराक्षी के माता-पिता और दादा के साथ प्रशासक ने काफी देर तक बातचीत की और ढांढस बंधाया। वापस आने के बाद उन्होंने सभी के लिए मुआवजे का एलान किया। फैसला लिया गया कि हीराक्षी के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें 10 लाख रुपये और जिन्हें कम गंभीर चोटें आई हैं उन्हें एक लाख रुपये प्रशासन की तरफ से दिया जाएगा।
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