कोटकपूरा गोलीकांड: एसआईटी ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को किया तलब, 16 जून को होना होगा पेश
कोटकपूरा गोलीकांड की जांच कर रही नई एसआईटी ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल को 16 जून को तलब किया है। उधर, एसआईटी पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुमेध सिंह सैनी समेत तीन पुलिस अधिकारियों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है।
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विस्तार
पंजाब में चल रही सियासी हलचल के बीच कोटकपूरा गोलीकांड मामले में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर जांच की आंच आ गई है। इस मामले में गठित नई एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री को समन भेजकर 16 जून को व्यक्तिगत तलब किया है। हालांकि अभी तक इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
16 जून को सुबह 10:30 बजे पावर हाउस रेस्ट हाउस, फेज 8, मोहाली में पूर्व मुख्यमंत्री से इस मामले में कुछ अहम बिंदुओं पर एसआईटी पूछताछ करेगी। इससे पहले भी पुरानी एसआईटी द्वारा नवंबर, 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री से पूछताछ की जा चुकी है।
बता दें कि इसी साल अप्रैल में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कोटकपूरा गोलीकांड पर पेश की गई एसआईटी की जांच रिपोर्ट को रद्द कर दिया था और नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले की जांच के लिए एडीजीपी एलके यादव के नेतृत्व में नई एसआईटी का गठन किया गया था। इस टीम को छह माह में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। पूछताछ के पीछे का कारण यह है कि अक्तूबर, 2015 में कोटकपूरा गोलीकांड हुआ था, उस समय प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री थे।
इन सवालों के जवाब तलाश रही एसआईटी
- गोली चलाने के किसने दिए थे आदेश?
- क्या पुलिस ने अपने बचाव में चलाई थी गोली?
- गोली चलाने के पीछे कोई राजनीतिक दबाव तो नहीं था?
अब तक इनसे हो चुकी है पूछताछ
कोटकपूरा गोलीकांड मामले एसआईटी अब पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी समेत तीन पुलिस अफसरों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है। एसआईटी ने शुक्रवार को फरीदकोट की अदालत में आवेदन दाखिल कर पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल व पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा का नार्को, लाई डिटेक्टर व ब्रेन मैपिंग टेस्ट करवाने की इजाजत मांगी है। इस आवेदन पर अदालत ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।
यह था मामला
अक्तूबर, 2015 में फरीदकोट में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन अंग बिखरे पाए जाने के बाद कोटकपूरा में सिखों ने विरोध प्रदर्शन किया था। 14 अक्तूबर, 2015 को कोटकपूरा में पुलिस ने प्रदर्शन कर रही भीड़ पर फायरिंग कर दी थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।