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Hindi News ›   Chandigarh ›   Sifat Kaur Simra of Faridkot Punjab won gold in 50m 3p rifle shooting at Asian Games

सिफत कौर: कॉलेज ने परीक्षा में बैठने नहीं दिया तो छोड़ी MBBS की पढ़ाई, अब चीन में सोना जीत दुनिया में छाईं

Wed, 27 Sep 2023 07:34 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 27 Sep 2023 07:34 PM IST
सार

सिफत कौर के पिता किसान हैं। मगर उनके चार से पांच चचेरे भाई-बहन डॉक्टर हैं। सिफत कौर ने एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़ निशानेबाजी को अपनाया और आज दुनिया में देश का नाम रोशन कर दिया।

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Sifat Kaur Simra of Faridkot Punjab won gold in 50m 3p rifle shooting at Asian Games
निशानेबाज सिफत कौर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के फरीदकोट निवासी सिफत कौर समरा ने बुधवार को चीन में चल रही एशियाई खेलों में 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया है। ऐसा करके सिफत ने न सिर्फ अपने माता-पिता व शहर का बल्कि पूरे देश का नाम विश्व में रोशन किया है।

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स्वर्ण पदक जीतने पर उनके घर में खुशी का माहौल है। वहीं बधाईयां देने वालों का तांता लगा है। इस दौरान जहां सिफत कौर के माता-पिता अपनी बेटी पर गौरवान्वित तो वहीं उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे।
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बता दें कि डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली सिफत कौर ने स्कूल में पढ़ते समय शौकिया तौर पर राइफल शूटिंग शुरू की थी। सिफत कौर ने फरीदकोट के बाबा फरीद पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ते हुए अपनी शिक्षिका के कहने पर स्कूल में शूटिंग सीखना शुरू किया और प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगी। हालांकि बाद में ऐसा शौक जगा कि वह धीरे-धीरे जुनून में बदल गया। इसके बाद सिफत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के बाद सिफत कौर का अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन हुआ। 

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कॉलेज ने परीक्षा में बैठने नहीं दिया तो MBBS की पढ़ाई छोड़ी

सिफत कौर पिछले पांच वर्षों से राइफल शूटिंग में देश और पंजाब का नाम रोशन कर रही हैं लेकिन इसी खेल के कारण सिफत कौर को अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई छोड़नी पड़ी। विभिन्न टूर्नामेंटों में भाग लेने की वजह से सिफत को देश-विदेश की यात्रा करनी पड़ती थी। इसका असर उनके कॉलेज उपस्थिति पर पड़ा। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने पिछले वर्ष एमबीबीएस प्रथम वर्ष की परीक्षा में सिफत को बैठने नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई ही छोड़ दी और खेल को चुना।

पिता किसान, भाई भी निशानेबाज

सिफत कौर के पिता किसान हैं। मगर उनके चार से पांच चचेरे भाई-बहन डॉक्टर हैं। सिफत कौर ने एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़ निशानेबाजी को अपनाया और आज दुनिया में देश का नाम रोशन कर दिया। 2021 में नीट के बाद फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में सिफत कौर ने दाखिला लिया था।



सिफत कौर ने पांच साल पहले निशानेबाजी शुरू की थी। सिफत कौर का कहना है कि डॉक्टरी की पढ़ाई और शूटिंग एक साथ नहीं चल सकती थी। उन्हें किसी एक को चुनना था। उन्होंने और उनके माता-पिता ने निशानेबाजी को चुना। सिफत कौर का छोटा भाई भी निशानेबाज है। वह स्कूल नेशनल में पदक जीत चुका है।
 

  • जूनियर विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और कांस्य पदक जीता
  • वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीत चुकीं
  • आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में भी दो कांस्य पदक जीत चुकीं
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