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कालरा का काला सच: हवाला ऑपरेटर चलाता था ड्रग्स रैकेट, पूरा परिवार भी देता था साथ, ऐसे मंगवाता था नशा
Mon, 21 Aug 2023 03:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
बृजेन्द्र गौड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 21 Aug 2023 03:41 PM IST
सार
गिरफ्तार हवाला कारोबारी मनी कालरा कई फर्जी कंपनियों का मास्टरमाइंड है और उसने 350 करोड़ की काली कमाई हवाला के जरिए यूएई भेजी है। मनी पंजाब के बड़े ड्रग्स कारोबारी अक्षय छाबड़ा का साथी है। छाबड़ा को पिछले वर्ष ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पंजाब में कथित रूप से दो हजार किलो हेरोइन सप्लाई करने के मामले में काबू किया था।
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नशा तस्करी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट से जुड़े हवाला ऑपरेटर मनी कालरा की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाली बात सामने आई है। जांच में पता चला है कि मनी कालरा अपने पिता सुरिंदर कालरा और भाई सन्नी कालरा के साथ मिलकर नशे का पूरा नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था। इस परिवार ने कई फर्जी कंपनियां बना रखीं थीं, जिनके जरिए नशा तस्करी की जाती थी। आरोपी जूस और टोमैटो सूप में छुपाकर हेरोइन समेत अन्य नशा विदेश से मंगवाते थे।
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आरोपियों ने अक्तूबर 2020 और जनवरी 2021 में पाकिस्तान के रास्ते अटारी बॉर्डर (अमृतसर) से अनार के जूस की दो कंसाइनमेंट मंगाईं थीं, इस दौरान हेरोइन को पॉलिथीन में छिपाकर भारत लाया गया था। वहीं, 350 किलो मार्फिन की कंसाइनमेंट को टोमेटो सूप के डिब्बों में भरकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से भारत लाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, एनसीबी जल्द ही मनी कालरा को चंडीगढ़ पुलिस से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी।
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कई फर्जी कंपनियों का मास्टरमाइंड है कालरा
गिरफ्तार हवाला कारोबारी मनी कालरा पर आरोप है कि वह कई फर्जी कंपनियों का मास्टरमाइंड है और उसने 350 करोड़ की काली कमाई हवाला के जरिए यूएई भेजी है। जानकारी के मुताबिक, मनी पंजाब के बड़े ड्रग्स कारोबारी अक्षय छाबड़ा का साथी है। छाबड़ा को पिछले वर्ष ही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने पंजाब में कथित रूप से दो हजार किलो हेरोइन सप्लाई करने के मामले में काबू किया था। हेरोइन की यह खेप दुबई के ड्रग्स सप्लायर हाजी यूसुफ से मंगवाई गई थी। छाबड़ा की गिरफ्तारी के बाद से एनसीबी को उसकी तलाश थी। अक्षय छाबड़ा ने गिरफ्तारी के बाद कबूला था कि वर्ष 2020 से 2022 तक उसने लगभग दो हजार किलो हेरोइन हाजी यूसुफ के जरिए यहां मंगवाई थी और 50 से 60 करोड़ रुपये कमाए थे।
गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से लाते थे ड्रग्स
सुरिंदर कालरा इंपैक्स ओवरसीज जर्नल ट्रेडिंग नाम से एक फर्म चलाता था। इसके अलावा कई और फर्जी कंपनियां खोल रखी थीं। इन्ही फर्जी कंपनियों के जरिए कालरा परिवार ड्रग्स व हवाला का कारोबार चला रहा था। जांच में पता चला है कि छाबड़ा ड्रग मनी को हवाला ऑपरेटर सुरिंदर कालरा के जरिए हाजी यूसुफ को भेजता था। हाजी यूसुफ जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) के रास्ते पंजाब में हेरोइन भेजता था।
छाबड़ा का न्यू ग्रेन मार्केट, लुधियाना में एक वेयरहाउस था, जिसमें कंटेनर के जरिए हेरोइन पहुंचता था। पुलिस के मुताबिक हाजी यूसुफ ने मुंद्रा पोर्ट पर जो एक कंटेनर भेजा था, वह अक्तूबर 2022 में किसी वर्मा फर्म ने प्राप्त किया था। इसे हवाला कारोबारी सुरिंदर कालरा ने क्लीयर करवाया था। इसके बाद यह छाबड़ा तक पहुंचा था। हेरोइन को जूस की बोतलों में छिपाया गया था। वहीं, अक्षय छाबड़ा ने खुलासा किया था कि 300 करोड़ रुपये हाजी यूसुफ को सुरिंदर कालरा के जरिए भेजे गए थे। छाबड़ा का एक बार पेमेंट को लेकर सुरिंदर कालरा से विवाद भी हुआ था और डील 10 करोड़ से घट कर 5 करोड़ में तय हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, कालरा हर कंसाइनमेंट का 2 करोड़ रुपये लेता था।
चंडीगढ़ पुलिस ने पकड़ी थी 78 लाख की ड्रग मनी
इससे पहले एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट से जुड़े छह आरोपी पकड़े थे, जिनमें पंजाब पुलिस के एक एएसआई का बेटा भी शामिल था। वहीं फिरोजपुर जेल से यह रैकेट चला रहे एक आरोपी जगजीत उर्फ जग्गा को भी आरोपी बनाया गया था। आरोपियों से 78 लाख रुपये की ड्रग मनी भी पुलिस ने बरामद की थी। वहीं 200 ग्राम हेरोइन एवं 108 ग्राम एंफेटामाइन भी बरामद की गई थी। जुलाई में सेक्टर 45 के शुभम जैन की गिरफ्तारी से इस रैकेट का खुलासा हुआ था। इसके बाद फिरोजपुर के ड्रग सप्लायर पुनीत कुमार को पकड़ .32 बोर की पिस्टल और पांच कारतूस बरामद हुए थे। उससे हुए खुलासे से फिरोजपुर के पवन प्रीत, रविंदर पाल और चंदन को दबोचा गया था। चंदन द्वारा साढ़े 6 लाख की ड्रग मनी मनी कालरा को देने की बात भी सामने आई थी।