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ठेकेदार ने अदालत में कहा एसएचओ राजेश शुक्ला ने मांगी थी रिश्वत
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चंडीगढ़। सेक्टर-34 थाने के पूर्व एसएचओ राजेश शुक्ला से जुड़े दस हजार रुपये की रिश्वत मामले की सुनवाई बुधवार को सीबीआई अदालत में हुई। इस दौरान मामले के शिकायतकर्ता ठेकेदार ललित जोशी ने अदालत में गवाही दी। जोशी ने अपने बयान में कहा कि राजेश शुक्ला ने उनसे रिश्वत मांगी थी। इस गवाही के बाद आरोपी एसएचओ की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं क्योंकि मामले में अभी तक गवाही नहीं हुई थी। कोरोना के कारण मामले के गवाहों के बयान दर्ज होने में देरी हो रही थी।
मामला तीन सितंबर 2014 का है। सीबीआई ने आरोपी इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला, हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार और दिलबाग सिंह को गिरफ्तार किया था। इन पर दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था। ठेकेदार ललित जोशी ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि यह सभी पुलिसकर्मी उसे तंग न करने के एवज में मासिक पांच हजार की रिश्वत की मांग करते थे। राजेश के कहने पर कांस्टेबल मुकेश और दिलबाग रिश्वत के पैसे इकट्ठा करते थे। इस शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया था। चार साल के बाद 2018 में मामले का ट्रायल शुरू हुआ था। इसके लिए सीबीआई ने मजबूत गवाह भी बनाए थे। कोरोना के कारण मामले में गवाही नहीं हो पा रही थी। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 1 के तहत मामला दर्ज किया था।
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मामला तीन सितंबर 2014 का है। सीबीआई ने आरोपी इंस्पेक्टर राजेश शुक्ला, हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार और दिलबाग सिंह को गिरफ्तार किया था। इन पर दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था। ठेकेदार ललित जोशी ने सीबीआई को दी शिकायत में बताया था कि यह सभी पुलिसकर्मी उसे तंग न करने के एवज में मासिक पांच हजार की रिश्वत की मांग करते थे। राजेश के कहने पर कांस्टेबल मुकेश और दिलबाग रिश्वत के पैसे इकट्ठा करते थे। इस शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाकर उन्हें गिरफ्तार किया था। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया था। चार साल के बाद 2018 में मामले का ट्रायल शुरू हुआ था। इसके लिए सीबीआई ने मजबूत गवाह भी बनाए थे। कोरोना के कारण मामले में गवाही नहीं हो पा रही थी। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 13 1 के तहत मामला दर्ज किया था।
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