{"_id":"5d3a136a8ebc3e6cd05abb85","slug":"shivleng-chandigarh-news-pkl3454813150","type":"story","status":"publish","title_hn":"कभी टीन के छत और कच्चे कमरे में विराजित था शिविलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कभी टीन के छत और कच्चे कमरे में विराजित था शिविलिंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। सेक्टर 21 स्थित प्राचीन शिव मंदिर में नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापित है। यह मंदिर कभी टीन की छत और कच्चे कमरे में था। प्राचीन शिव मंदिर कमेटी के प्रधान बाल कृष्ण भूटानी बताते हैं कि उन्होंने इस मंदिर की देखरेख 1974 से शुरू की। धीरे-धीरे इस मंदिर का कायाकल्प हो गया। अब भव्य मंदिर बन गया है। बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
इस मंदिर की खासियत यह है कि यह रिवाल्विंग (घूमने वाला मंदिर) है। पर्व और महीना के अनुसार इस रिवाल्विंग मंदिर में फ्रंट पर प्रतिमाएं होती हैं। सावन में शिव परिवार तो नवरात्र में मां दुर्गा होती हैं। जन्माष्टमी पर राधा कृष्ण का स्वरूप दिखता है। रिवाल्विंग मंदिर में पांच दरबार हैं। इसमें शिव परिवार, माता दुर्गा और संतोषी, राधा कृष्ण, हनुमान जी और रामदरबार हैं।
मंदिर में दो पुजारी और पांच सेवादार हैं। मंदिर में सभी त्योहार मनाए जाते हैं। वर्ष में एक बार जन्माष्टमी के अवसर पर वार्षिक उत्सव होता है। इस अवसर पर एक सप्ताह तक भागवत कथा का आयोजन होता है। मंदिर के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने पांच कनाल जगह अलॉट की थी। सावन में बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के प्रमुख पुजारी विमलेश तिवारी का कहना है कि सावन में बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर स्थित शिवालय में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन में सोमवार को भक्तों की काफी भीड़ उमड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मंदिर की खासियत यह है कि यह रिवाल्विंग (घूमने वाला मंदिर) है। पर्व और महीना के अनुसार इस रिवाल्विंग मंदिर में फ्रंट पर प्रतिमाएं होती हैं। सावन में शिव परिवार तो नवरात्र में मां दुर्गा होती हैं। जन्माष्टमी पर राधा कृष्ण का स्वरूप दिखता है। रिवाल्विंग मंदिर में पांच दरबार हैं। इसमें शिव परिवार, माता दुर्गा और संतोषी, राधा कृष्ण, हनुमान जी और रामदरबार हैं।
विज्ञापन
मंदिर में दो पुजारी और पांच सेवादार हैं। मंदिर में सभी त्योहार मनाए जाते हैं। वर्ष में एक बार जन्माष्टमी के अवसर पर वार्षिक उत्सव होता है। इस अवसर पर एक सप्ताह तक भागवत कथा का आयोजन होता है। मंदिर के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने पांच कनाल जगह अलॉट की थी। सावन में बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के प्रमुख पुजारी विमलेश तिवारी का कहना है कि सावन में बड़ी संख्या में शिवभक्त मंदिर स्थित शिवालय में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। सावन में सोमवार को भक्तों की काफी भीड़ उमड़ती है।
विज्ञापन