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Punjab News: राज्यपाल से मिला शिअद प्रतिनिधिमंडल, सौंपा मंत्री बलकार सिंह का कथित आपत्तिजनक वीडियो

Wed, 24 Jan 2024 07:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 24 Jan 2024 07:38 PM IST
सार

शिअद के प्रतिनिधिमंडल में बिक्रम सिंह मजीठिया और डॉ. दलजीत सिंह चीमा शामिल थे। उन्होंने मंत्री लाल चंद कटारूचक्क और अमन अरोड़ा को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोकने का राज्यपाल से आग्रह किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री बलकार सिंह का कथित आपत्तिजनक वीडियो भी सौंपा। 

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Shiromani Akali Dal delegation met the Governor of Punjab
बिक्रम मजीठिया, दलजीत सिंह चीमा व अन्य शिअद नेता। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिरोमणि अकाली दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को स्थानीय निकाय मंत्री बलकार सिंह का कथित आपत्तिजनक वीडियो सौंपकर तत्काल उनकी बर्खास्तगी की मांग की और साथ ही केंद्रीय एजेंसी से मामले की जांच कराने की अपील की।

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उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि राज्य मंत्रिमंडल में जो भी मंत्री आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं, उनके गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और डॉ. दलजीत सिंह चीमा शामिल थे। उन्होंने राज्यपाल को पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान मंत्री का समर्थन कर रहे हैं और इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। 
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उन्होंने राज्यपाल को यह भी बताया कि पीड़ितों को डराया-धमकाया गया, जिसके कारण वह मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मंत्री की बर्खास्तगी के साथ मामले की स्वतंत्र जांच हो सकती है। अकाली नेताओं ने राज्यपाल को यह भी बताया कि हाल ही में आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक अमरजीत संदोआ के कनाडा से निर्वासन को रोकने के लिए कैसे पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया था। 

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उन्होंने कहा कि संदोआ आप नेता हिम्मत सिंह शेरगिल की शादी में शामिल होने गए थे लेकिन उनको एक पुराने मामले में शिकायत के कारण कनाडाई अधिकारियों ने पूछताछ के लिए रोक लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा स्पीकर कुलतार संधवां ने पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्राप्त करने और संदोआ को कनाडा में जाने की सुविधा प्रदान करने में मदद की। इससे दुनिया भर में प्रदेश के बारे में गलत संदेश गया है। नेताओं ने राज्यपाल से मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि संदोआ को जारी किया गया पुलिस क्लीयरेंस प्रमाण पत्र वापस लिया जाना चाहिए और मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रियों लाल चंद कटारूचक्क और अमन अरोड़ा को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोकने का भी आग्रह किया। राज्यपाल से बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मजीठिया ने कहा कि उन्होंने तीन महीने पहले मुख्यमंत्री को सूचित किया था कि उनके पास मंत्री का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो है और वह इसे उन्हें सौंपना चाहते हैं। बावजूद इसके मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात नहीं की। यहां तक कि मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मेरे खिलाफ बदलाखोरी की कार्रवाई शुरू की गई।

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