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बिजली दरों में कटौती: शिअद ने कहा- यह लोगों के साथ धोखाधड़ी, भाजपा बोली- महज चुनावी स्टंट
Tue, 02 Nov 2021 12:43 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:43 AM IST
सार
दिवाली से ठीक पहले पंजाब सरकार ने लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने तीन रुपये यूनिट बिजली सस्ती कर दी है। सात किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। लेकिन विपक्षी दल शिरोमणि अकाली दल व भाजपा को सरकार का फैसला रास नहीं आया। उन्होंने इसे चुनावी स्टंट बताया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर बिजली टैरिफ में 35 फीसदी की बढ़ोतरी वापस लेने पर पंजाब के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिअद-बसपा गठबंधन की प्रतिबद्धता के अनुसार बिजली दरों में 800 यूनिट प्रति बिल लागू करने के बजाय बिजली उपभोक्ताओं से 3791 करोड़ रुपये अधिक ले रही है।
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अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री ने सस्ती बिजली के फैसले से स्पष्ट कर दिया कि वह केवल चुनावी स्टंट का सहारा ले रहे हैं। चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि लोग उन पर तभी विश्वास करेंगे, जब असल में उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।
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अकाली नेता ने कहा कि लोगों को कांग्रेस पार्टी को उनके पिछले कार्यों से आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने 2017 में सत्ता में आने से पहले सस्ती बिजली उपलब्ध कराने का वादा किया था। हालांकि पिछले करीब पांच साल के दौरान इसने करीब एक दर्जन किश्तों में बिजली की दरों में 35 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इसका मतलब है कि कांग्रेस सरकार ने ज्यादा राजस्व एकत्र किया है। हालांकि दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है। अकेले सरकारी विभागों का पीएसपीसीएल पर 2231 करोड़ रुपया बकाया है, जो यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण अतिरिक्त राजस्व बर्बाद किया गया है।
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सिद्धू ने बयां किए असली इरादे
शिअद प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब भवन में और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की ओर से कांग्रेस भवन में संबोधित अलग-अलग कार्यक्रम कांग्रेस सरकार के असली इरादों का वसीयतनामा है। नवजोत सिद्धू ने कांग्रेस सरकार को यह कहकर बेनकाब कर दिया है कि वह न केवल पिछले दो माह के कार्यकाल के दौरान लोगों का मूर्ख बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री को अपने प्रदेश अध्यक्ष का रुख स्पष्ट करना चाहिए।
बिजली की दरें घटाना चुनावी स्टंट: भाजपा
पंजाब भाजपा महामंत्री डॉ. सुभाष शर्मा ने बिजली दरों में कटौती की घोषणा को चुनावी स्टंट करार दिया हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में पंजाब की कांग्रेस सरकार ने बिजली के बिल पर पंजाबियों को लूटा है। अब सरकार में केवल 2 माह बचे हैं, लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है, पंजाब के लोग जागरूक हैं, वे उनके कदमों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।
पंजाब के कर्मचारियों को 11 प्रतिशत डीए देने के निर्णय पर तंज कस्ते हुए कहा कि पिछले 3 साल से पंजाब के कर्मचारी छठे वेतन आयोग के लिए तरस रहे थे। जबकि केंद्र की मोदी सरकार ने 7वां वेतन आयोग लागू किया है, जो पिछले तीन साल से लागू है। पंजाब की कांग्रेस सरकार आज नींद से जाग गई है। कर्मचारियों को यह वेतन आयोग ब्याज के साथ मिलना चाहिए।