फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Shahkot Bypoll 2018 polling, punjab

शाहकोट उपचुनाव: चिलचिलाती धूप और 43 डिग्री तापमान, फिर भी 76.6 प्रतिशत मतदान

Tue, 29 May 2018 10:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब) Updated Tue, 29 May 2018 10:26 AM IST
विज्ञापन
Shahkot Bypoll 2018 polling, punjab
शाहकोट उपचुनाव
43 डिग्री तापमान और चिलचिलाती धूप पर लोकतंत्र भारी पड़ा। सोमवार को शाहकोट विधानसभा उपचुनाव में गर्मी की परवाह किए बिना लोगों ने जमकर वोटिंग की। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी डा. एम. करुणा राजू ने बताया कि कुल 76.60 फीसदी मतदान हुआ। अब काउंटिंग 31 मई को सुबह 8 बजे से जालंधर में होगी डा. राजू ने बताया कि मतदान की प्रक्रिया के दौरान 13 वीवीपैट मशीनें, एक कंट्रोल यूनिट और 2 बैलेट यूनिटों में तकनीकी खराबी आई, जिन्हें तुरंत बदल दिया गया।
विज्ञापन


इस बार उपचुनाव में कुल 12 उम्मीदवार मैदान में डटे हुए हैं। चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए करीब 2500 कर्मचारियों ने ड्यूटी निभाई। इस दौरान 1044 पंजाब पुलिस और बीएसएफ के जवान भी मुस्तैदी से तैनात रहे। गौरतलब है कि पिछली बार वर्ष 2017 में इस हलके के विधानसभा चुनाव में 78.60 फीसदी मतदान हुआ था। यह सीट अजीत सिंह कोहाड़ के निधन से रिक्त हुई थी।
विज्ञापन


अकाली नेता पर हमला
गांव ऊमरे बिला में एक अकाली नेता पर कांग्रेसी वर्करों द्वारा हमला किए जाने का आरोप लगा। लोगों ने एक आरोपी को काबू कर लिया, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया। घायल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस घटना से कुछ समय के लिए तनाव पैदा हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों ने पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। हालांकि सुरक्षाबलों ने स्थिति पर काबू पा लिया। वहीं पोलिंग स्टेशन नंबर 90-91 में पिस्तौल समेत दाखिल होने के आरोप में भूपिंदर सिंह लाली के खिलाफ लोक प्रतिनिधि एक्ट 1951 और आईपीसी 188 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस सीट पर कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी तथा शिरोमणी अकाली दल के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अजीत सिंह कोहाड़ के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। अजीत सिंह पांच बार से यहां से जीतते आ रहे थे।

शिअद ने उनके बेटे नायब सिंह कोहाड़ को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें यहां सहानुभूति वोट मिलने की भी उम्मीद है। वहीं कांग्रेस ने हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी ने एनआरआई रतन सिंह कक्कड़ कलां को उम्मीदवार बनाया है।



 

akali dal vs congress vs aap

Shahkot Bypoll 2018 polling, punjab
शाहकोट उपचुनाव
कांग्रेस के राणा गुरजीत के लिए नाक का सवाल
सत्ता में होने के कारण कांग्रेस के लिए शाहकोट की जंग जीतना बेहद जरूरी है। क्योंकि  शाहकोट की हार से 2019 के लोक सभा चुनाव के लिए गलत संदेश जाएगा। इसलिए पार्टी ने अकाली किलो को ध्वस्त करने को पूरा जोर लगाया है। यह चुनाव पूर्वमंत्री राणा गुरजीत सिंह की नाक का सवाल बन गया है। क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवार हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया को राणा का करीबी माना जाता है। ऐसे में राणा ने खुद ही कमान संभाल रखी है। वहीं, प्रदेश महासचिव कैप्टन संदीप संधू ने सारी चुनावी रणनीति तय की। राणा और संधू की जोड़ी 2014 में अमृतसर लोकसभा चुनाव जीत चुकी है। कांग्रेसी इस बात से आश्वस्त हैं कि अभी सरकार को पौने चार साल बचे हैं, ऐसे में लोग सत्ताधारी पार्टी के साथ ही जाते हैं। पर इसके बावजूद कांग्रेस ने कोई कसर नहीं रखी। ज्यादातर मंत्रियों, विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों को प्रचार के लिए बुलाया गया। आखिरी दिन सीएम ने रोड शो किया। कांग्रेस विकास के नाम पर चुनाव लड़ रही है।

सुखबीर ने संभाली थी प्रचार की कमान
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने अपना पंथक किला बचाने के लिए प्रचार की कमान खुद संभाली। प्रचार के आखिरी नौ दिन सुखबीर ने हलके में कैंप किया और रोजाना आठ-दस चुनावी सभाएं कीं। आखिरी दिन उन्होंने रोड शो किया। शाहकोट को शिअद का अजेय किला माना जाता है। पिछली पांच बार से अजीत सिंह कोहाड़ यहां से जीतते आ रहे थे। उनके निधन केबाद खाली हुई सीट पर पार्टी ने कोहाड़ के बेटे नायब सिंह कोहाड़ को उम्मीदवार बनाया है। शिअद को यहां सहानुभूति वोट मिलने की भी उम्मीद है। वह किसी भी हालत में अपने गढ़ को खोना नहीं चाहती। इसलिए आखिरी दौर में कांग्रेस के बृज भूपिंदर सिंह लाली, आप के कर्नल सीडी सिंह कंबोज, एचएस वालिया, हंसराज राणा को शामिल कराया गया। पार्टी ने लाडी शेरोवालिया और राणा गुरजीत पर रेत खनन के आरोप लगा कर इसे मुद्दा बनाया है। पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल को छोड़ कर शिअद के सभी नेताओं ने यहां प्रचार किया।

'आप' को पता चलेगी जमीनी हकीकत
2017 केविधानसभा चुनाव में पंजाब की प्रमुख विपक्षी पार्टी बन कर उभरी आम आदमी पार्टी केलिए उसके आगे का सफर बेहद खराब रहा है। स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी की बुरी तरह हार हुई। गुरदासपुर लोकसभा उप चुनाव में भी वह बुरी तरह हारी। शाहकोट उप चुनाव में भगवंत मान और सुखपाल खैरा समेत काफी नेताओं का कहना था कि चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। लेकिन सह-प्रधान डॉ. बलबीर सिंह चाहते थे कि चुनाव लड़ना चाहिए। मनीष सिसोदिया ने इस पर मोहर लगाई, पार्टी ने एनआरआई रतन सिंह कक्कड़ कलां को उम्मीदवार बनाया। मान और खैरा समेत ज्यादातर नेता प्रचार के लिए नहीं गए। सिसोदिया वादा करके नहीं आए, मान ने 25 मई को अलका लांबा के साथ रोड शो किया। आप की सारी कैंपेन स्थानीय वॉलंटियर्स के सहारे ही रही है। पार्टी की नजरें 2019 के लोक सभा चुनाव पर हैं। आप को लगता है कि अगर 2014 में पंजाब से चार सीटें आ सकती हैं तो अब तो और ज्यादा आनी चाहिए क्योंकि वह प्रमुख विपक्षी पार्टी है। इस चुनाव से आप को भी अपनी जमीनी हकीकत पता चल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed