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निकाह को लेकर गुवाहाटी के मौलाना के बयान पर भड़के शाही इमाम, तीखी प्रतिक्रिया
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Mon, 20 Feb 2017 06:23 PM IST
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लुधियाना के शाही इमाम
- फोटो : file photo
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निकाह को लेकर गुवाहाटी के मौलाना मदनी का बयान सुनकर शाही इमाम भड़क गए और उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बड़ी बात कही। गुवाहाटी में मौलाना मदनी के उस बयान पर पंजाब के मुसलमान नाराज हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन घरों में शौचालय नहीं होगा उनका निकाह नहीं पढ़ाया जाएगा।
पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी का तर्क है कि निकाह अल्लाह के नबी हजरत मुहम्मद रसूलल्लाह की सुन्नत है। शरीयत ने निकाह पढ़ाने का हुक्म दिया है। कोई भी विशेष व्यक्ति या मौलवी शरीयत में बदलाव नहीं कर सकता। शाही इमाम ने कहा कि उनको हैरत है कि मौलाना मदनी ने पंजाब के मौलवियों को आधार बनाकर यह बयान दिया है।
मदनी का यह बयान हैरतअंगेज ही नहीं निंदनीय भी है। वह लोकप्रियता के चक्कर में यह भूल गए हैं कि शरीयत को बदलने का अधिकार किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक स्वच्छता की बात है इस्लाम धर्म अपनी स्थापना से ही पार्कों व सफाई को ईमान का हिस्सा बताता आया है। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल पहले से ही काफी हद तक स्वच्छ है। ऐसे में इन को आधार बनाकर गलत बयान जारी किया गया है।
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शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि सभी घरों में शौचालय होना जरूरी है। ऐसे में अगर कोई गरीब परिवार अपने युवक युवतियों का निकाह पढ़ाने मस्जिद आते हैं तो उनका निकाह जरूर पढ़ाया जाएगा। शाही इमाम ने मौलाना मदनी को अपने संदेश में कहा कि धर्मगुरु होने के नाते गैर जिम्मेदारी की बातें न करें।
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पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी का तर्क है कि निकाह अल्लाह के नबी हजरत मुहम्मद रसूलल्लाह की सुन्नत है। शरीयत ने निकाह पढ़ाने का हुक्म दिया है। कोई भी विशेष व्यक्ति या मौलवी शरीयत में बदलाव नहीं कर सकता। शाही इमाम ने कहा कि उनको हैरत है कि मौलाना मदनी ने पंजाब के मौलवियों को आधार बनाकर यह बयान दिया है।
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मदनी का यह बयान हैरतअंगेज ही नहीं निंदनीय भी है। वह लोकप्रियता के चक्कर में यह भूल गए हैं कि शरीयत को बदलने का अधिकार किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक स्वच्छता की बात है इस्लाम धर्म अपनी स्थापना से ही पार्कों व सफाई को ईमान का हिस्सा बताता आया है। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल पहले से ही काफी हद तक स्वच्छ है। ऐसे में इन को आधार बनाकर गलत बयान जारी किया गया है।
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शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि सभी घरों में शौचालय होना जरूरी है। ऐसे में अगर कोई गरीब परिवार अपने युवक युवतियों का निकाह पढ़ाने मस्जिद आते हैं तो उनका निकाह जरूर पढ़ाया जाएगा। शाही इमाम ने मौलाना मदनी को अपने संदेश में कहा कि धर्मगुरु होने के नाते गैर जिम्मेदारी की बातें न करें।