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सीवरेज प्रोजेक्ट से बढ़ी लोगों की मुश्किलें

Sun, 14 Sep 2014 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ यमुना नगर
अमर उजाला ब्यूरो/ यमुना नगर Updated Sun, 14 Sep 2014 01:20 AM IST
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Sewerage project grew difficulties of people

बुड़िया चौक से बुड़िया चौकी तक (करीब सवा किलोमीटर) निर्माणाधीन स्ट्रोम वाटर सीवरेज प्राजेक्ट से लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गईं हैं। बारिश के बाद सड़क पर फैली कीचड़ से जहां राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। वहीं स्थानीय दुकानदारों का धंधा भी चौपट हो रहा है।  सूत्रों का कहना है कि लगातार काम चलने पर भी निर्माण कार्य में डेढ़ माह का वक्त लग सकता है। जबकि संबंधित विभाग के अधिकारी, अन्य विभाग से निर्माण की अनुमति न मिलने की बात कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं।

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जगाधरी के बरसाती पानी से यमुनानगर की प्रोफेसर कालोनी को डूबने से बचाने और बुडिया चौक से चौकी तक होने वाले जलभराव से लोगों को निजात दिलाने के लिए जलापूर्ति एवं जनस्वास्थ्य विभाग स्ट्रोम वाटर सीवरेज प्रोजेक्ट शुरू किया हुआ है। डेढ़ करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट जुलाई महीने में शुरू हुआ था। जो कि अभी तक अधर में पड़ा हुआ है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य शहर के बरसाती पानी को डाइवर्ट करना है। अब फिलहाल यह प्रोजेक्ट क्षेत्रवासियों के जी का जंजाल बना हुआ है।
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वाहनों का निकलना हुआ दूभर
जलापूर्ति एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने नेशनल हाइवे नंबर-73 ए बुडिया चौक के पास करीब 15 फीट गहराई तक सड़क को खोदा हुआ है। इससे वाहनाें का यहां से निकलना दूभर हो गया है। शहर के व्यस्ततम चौक पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। दिन के समय तो चालक जैसे तैसे बच कर निकल जाते हैं। लेकिन रात में स्थिति बद से बदतर हो जाताी है। वाहन चालक रोहित शर्मा, विजय वर्धन तथा योगेश शर्मा का कहना है कि हाइवे पर मिट्टी का ढेर लगा होने तथा सड़क किनारे गड्ढा होने की वजह से हमेशा उसमें गिरने का डर बना रहता है। रात के समय चौक पर लाइट की व्यवस्था न होने की वजह से वाहन चालकों की दिक्कतें बढ़ी हुई है।
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दुकानदार बोले धंधा हो रहा चौपट
स्ट्रोम वाटर सीवरेज प्रोजेक्ट की वजह से बुडिया चौक से चौकी तक के सैकड़ों दुकानदारों का धंधा चौपट हो रहा है। दुकानदार राजेश कुमार, कृष्ण पाल, रामकुमार तथा विनोद कुमार का कहना है कि जुलाई माह से अभी तक पूरी दुकानदारी चौपट हो चुकी है। सड़क पर गड्ढे होने की वजह से ग्राहकों को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पिछले तीन महीने से जारी निर्माण कार्य की वजह से उन्हें लाखों रुपए का फटका लगा चुका है। बरसात के दिनों में स्थिति बद से बदतर हो जाती है। अपनी दुकानों पर पहुुंचने के लिए उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। लेकिन प्रशासन तथा संबंधित विभाग के अधिकारी उनकी मुश्किल कम करने की दिशा में कदम नहीं उठा रहे हैं।

निर्माण कार्य की अनुमति देरी से मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे अधिकारी
जलापूर्ति एवं जनस्वास्थ्य विभाग के जेई अशोक कुमार कहना है कि पिछले सप्ताह ही उन्हें नेशनल हाइवे अथॉरिटी से क्षेत्र में काम करने की अनुमति मिली है। जिसकी एवज में विभाग ने हाइवे अथॉरिटी को 64 लाख रुपये जमा करवाए हैं। इस वजह से काम में देरी हो रही है। वहीं स्थानीय लोेगों का कहना है कि अगर विभाग पहले से अनुमति लेकर रखता तो प्रोजेक्ट का काम जल्द पूरा हो जाता। लेकिन अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया।


अभी डेढ़ महीने कम नहीं होंगी मुश्किलें
सूत्रों का कहना है कि अगर हर रोज काम किया जाए, तो जगाधरी में निर्माणाधीन स्ट्रोम वाटर सीवरेज प्रोजेक्ट को अभी पूरा होने में डेढ़ महीने का समय लग सकता है। लेकिन यह संभव नहीं है। पिछले एक सप्ताह में विभाग ने हाइवे पर करीब 100 मीटर से भी कम काम किया है। जबकि अभी तक 400 मीटर से ज्यादा काम होना बाकि है। सूत्रों का कहना है कि कभी बरसात की वजह से काम रूक जाता है, तो कभी छुट्टी या फिर अन्य विभागीय काम की तलवार लटक जाती है। योजना के मुताबिक इस प्रोजेक्ट को बरसात से पूर्व संपन्न किया जाना था। लेकिन विभाग के अधिकारियों के ढुलमुल रवैये की वजह से यह संभव नहीं हो पाया।

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