{"_id":"ea3d65802f5e37bb3473cb396d8616c6","slug":"seven-year-sentence-on-charges-of-bribery-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्वत के आरोप में सात साल की सजा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिश्वत के आरोप में सात साल की सजा
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
Updated Sat, 11 Oct 2014 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एडिशनल सेशन जज नरेश कटियार की अदालत ने भ्रष्टाचार के आरोप में एक व्यक्ति को सात साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
रिश्वत लेने का यह मामला वर्ष 2010 का है। उस समय पीडब्लूडी बीएंडआर करनाल में बतौर सुपरिंटेंडेंट तैनात इंद्रजीत ग्रोवर ने कांट्रेक्टर लाइसेंस के नाम पर उमेश चहल से सात हजार रुपये की रिश्वत ली थी। अब एडिशनल सेशन जज नरेश कटियार ने इंद्रजीत ग्रोवर को सजा सुना दी है।
भ्रष्टाचार की धारा 7 के तहत 3 साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना व धारा 13 के तहत 4 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोनों सजा साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना न भरने की एवज में एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। विजिलेंस इंस्पेक्टर सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि ऐसे मामलों में भ्रष्टाचारियों को सजा मिलने से भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा सकती है।
विज्ञापन
रिश्वत लेने का यह मामला वर्ष 2010 का है। उस समय पीडब्लूडी बीएंडआर करनाल में बतौर सुपरिंटेंडेंट तैनात इंद्रजीत ग्रोवर ने कांट्रेक्टर लाइसेंस के नाम पर उमेश चहल से सात हजार रुपये की रिश्वत ली थी। अब एडिशनल सेशन जज नरेश कटियार ने इंद्रजीत ग्रोवर को सजा सुना दी है।
भ्रष्टाचार की धारा 7 के तहत 3 साल की सजा और 5 हजार रुपये जुर्माना व धारा 13 के तहत 4 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोनों सजा साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना न भरने की एवज में एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। विजिलेंस इंस्पेक्टर सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि ऐसे मामलों में भ्रष्टाचारियों को सजा मिलने से भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा सकती है।
विज्ञापन