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पांच साल में सात हजार महिलाएं अवैध रूप से पहुंची अमेरिका, 22 हजार लोगों ने किया बार्डर क्रास

Fri, 01 Nov 2019 02:29 AM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 01 Nov 2019 02:29 AM IST
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Seven thousand women reached America illegally in five years
प्रतीकात्मक तस्वीर

अवैध रूप से मैक्सिको से अमेरिका भेजने के गोरखधंधे में पूरे विश्व में पंजाब नंबर वन है। पिछले पांच साल में 22 हजार 371 लोगों ने अवैध रूप से मैक्सिको का बार्डर क्रास कर अमेरिका में एंट्री की। इनमें अधिकतर पंजाबी मूल के थे जिसमें सात हजार महिलाएं थी। जो एजेंटों को 25-25 लाख रुपये देकर गए थे। इनको अमेरिका पहुंचाने में जालंधर के दो बड़े एजेंटों और दोआबा के पांच एजेंटों की भूमिका थी। 

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पिछले दिनों दो युवक मैक्सिको के जंगलों में मौत का ग्रास बन गए। ग्रुप में एक लड़की आठ युवकों के साथ गैर कानूनी ढंग से मैक्सिको के जंगलों के रास्ते अमेरिका जा रही थी। भूख-प्यास और थकान के कारण कपूरथला के बलविंदर सहित 2 युवकों की मौत हो गई। 
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नार्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन के प्रधान सतनाम सिंह चहल कहते हैं कि 2014 से लेकर अभी तक 22 हजार से ज्यादा भारतीयों ने शरण के लिए आवेदन कर रखा है। किसी तरह अमेरिका में दाखिल हो जाने के बावजूद वहां शरण लेने की प्रक्रिया जोखिम भरी, जटिल और काफी लंबी है।

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जालसाज एजेंटों की जांच शुरू

पंजाब की एजेंसियों ने पांच एजेंटों की जांच तेज कर दी है। वहीं आईबी की टीम पूरी रिपोर्ट तैयार कर रही है। जालंधर के इन पांचों एजेंटों ने पिछले 10 साल में अरबों रुपये के वारे न्यारे किए हैं। अवैध रूप से मैक्सिको के जरिए अमेरिका में भेजने की घटनाओं के वीडियो वायरल होने के बाद अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई भी सख्त हुई है, जिस कारण मैक्सिको को 311 भारतीयों को डिपोर्ट करना पड़ा, जिसमें अधिकतर पंजाबी थे।

ऐसे जाते हैं अमेरिका
मैक्सिको में घने जंगल है, जहां पर कई-कई महीने आग लगी रहती है। ट्रेवल एजेंट मैक्सिको पुलिस से मिलीभगत कर युवकों को अमेरिका के बॉर्डर तक पहुंचाते हैं। घुसपैठ के लिए जैसे ही युवक दीवार कूदते हैं, अमेरिकी पुलिस उनको हिरासत में ले लेती है। एजेंट तो उनका पासपोर्ट पहले ही जला देते हैं। पुलिस उन्हें जेल में बंद कर देती है। 

अगले दिन युवक बांड पर छूट जाते हैं। बाद में मामला कोर्ट में चला जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे रहने की इजाजत मिल जाती है। युवाओं को पहले ग्रीस, स्पेन और फिर मैक्सिको के जंगलों में धकेल दिया जाता है। जहां से उनको पैदल अमेरिका का बार्डर क्रास करना होता है।

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