बाबा रामदेव की पुत्र जीवक बीज दवा का सच जान चौंक जाएंगे
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बाबा रामदेव की संस्था की ओर से बेची जाने वाली दवा पुत्र जीवक बीज एक बार फिर से चर्चा में है। हरियाणा सरकार भले ही कुछ दावा करे, लेकिन इस दवा से पीजीआई की रिसर्च पर्दा उठाती है।
रिसर्च में शामिल और पीजीआई के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर अमरजीत सिंह के मुताबिक जब से हरियाणा में अल्ट्रासाउंड सेंटरों में शिकंजा कसा गया है, तब से लोग पुत्र जीवक बीज की ओर मुड़ गए हैं। हरियाणा में अब भी कई जगह प्रेग्नेंसी के दौरान शिवलिंगी और मधुफल की पुड़िया दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिस पुत्र जीवक बीज की इस समय चर्चा है, उसमें शिवलिंगी और मधुफल की मिलावट है। जब इन बीज को लैब में टेस्ट कराया गया तो पता चला कि उनमें स्टेरायड की मात्रा काफी अधिक है।
इसे खाने से बच्चे डिफेक्टिव पैदा हो रहे हैं
इन बीज को लैब में टेस्ट कराया गया तो पता चला कि उनमें स्टेरायड की मात्रा काफी अधिक है। इनके खाने से बच्चे डिफेक्टिव पैदा हो रहे हैं। डिफेक्टिव वे होते हैं, जो ऊपर से तो पुरुष दिखते हैं, लेकिन उनके अंदर बच्चेदानी, ओवरीज और यूटरस जैसे आर्गन मिलते हैं।
पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में आज भी ऐसे कई केस देखे जा रहे हैं। पिछले साल तो हरियाणा सरकार की ओर से कई झोला छाप डाक्टरों पर शिकंजा कसा गया था। इनमें दर्जन डाक्टरों को गिरफ्तार किया गया, जो बेटे होने की दवा के नाम पर लोगों को यह थमा रहे थे।
डा. अमरजीत सिंह ने बताया कि आयुर्वेद की कई दवाओं में शिवलिंगी और मधुफल का जिक्र होता है। हो सकता हो कंपनियों ने नाम चेंज कर दिया हो, लेकिन जब प्रोडेक्ट की डिटेल में जाएंगे तो उसमें भी शिवलिंगी और मधुफल के बारे में जिक्र किया गया होगा। इस बारे में एक और भी रिसर्च चल रही है। जल्द ही उसके भी परिणाम सामने आएंगे।