फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Another Senior Resident Doctor of Chandigarh PGI has resigned Accusing Senior of Harassing her 

पीजीआई की एक और डॉक्टर का इस्तीफा: सीनियर पर लगाया आरोप-गंभीर मरीज की दवा बंद की, अगले दिन हो गई मौत

Thu, 12 Aug 2021 02:09 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 12 Aug 2021 02:09 AM IST
सार

डॉक्टर ने कहा कि सीनियर मनमानी करते हुए टिशू पेपर पर और व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डालकर ड्यूटी तय कर देते हैं। कई बार शारीरिक परेशानी के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। डबल से भी ज्यादा काम एक शिफ्ट में करना पड़ता है।

विज्ञापन
Another Senior Resident Doctor of Chandigarh PGI has resigned Accusing Senior of Harassing her 
चंडीगढ़ पीजीआई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीनियर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए चंडीगढ़ पीजीआई के एक और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। तीन महीने के भीतर पीजीआई में आया यह ऐसा दूसरा मामला है। इस्तीफा देने वाली डॉक्टर ने अपने सीनियर पर कार्यस्थल पर शोषण के साथ मरीजों के इलाज को लेकर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम ने जांच कमेटी गठित कर दी है। चंडीगढ़ के साथ दिल्ली, कोलकाता और देश के अन्य हिस्सों में इस घटना की चर्चा है।

विज्ञापन


वहीं मामले की जानकारी होने पर पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन महिला डॉक्टर का इस्तीफा रुकवाने में जुट गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. उत्तम ठाकुर का कहना है कि इस बार किसी भी सूरत में ये इस्तीफा मंजूर नहीं होने दिया जाएगा। वहीं सीनियर पर लगाए गए महिला डॉक्टर के आरोपों की भी जांच की संस्तुति की जाएगी। मामले में लीपापोती नहीं होने देंगे।
विज्ञापन



पीजीआई के पल्मोनरी मेडिसिन की सीनियर रेजिडेंट व पश्चिम बंगाल निवासी डॉ. अभिनंदया मुखोपाध्याय ने अपना इस्तीफा देने के साथ अपने सीनियर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि बीते 9 जून को कोविड अस्पताल के आईसीयू में ड्यूटी के दौरान सीनियर ने कहा कि उन्हें एक बेड की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने एक बेहद गंभीर मरीज की दवा बिना उसके परिजनों को बताए बंद करने का निर्देश दिया। वह जानते थे कि उस दवा के बंद करने से मरीज की मौत हो जाएगी। फिर भी उन्होंने मुझसे ऐसा करने को कहा, लेकिन मैंने मरीज के परिजनों को बिना बताए ऐसा कुछ भी करने से इनकार कर दिया। महिला डॉक्टर का कहना है कि उनके ड्यूटी पर रहने तक वह मरीज जिंदा था, लेकिन उसके बाद उस मरीज की दवा बंद कर दी गई और अगले ही दिन उस मरीज की मौत हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

ड्यूटी लगाने के नाम पर की जाती है रैगिंग

डॉक्टर अभिनंदया ने बताया कि ड्यूटी के दौरान उनसे कुछ ही महीने पहले आए सीनियर उन्हें तरह-तरह से परेशान करते हैं। यह रैगिंग जैसा है। विभाग की तरफ से बनाए गए रोस्टर को लागू नहीं किया जाता। सीनियर मनमानी करते हुए टिशू पेपर पर और व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डालकर ड्यूटी तय कर देते हैं। कई बार शारीरिक परेशानी के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती। डबल से भी ज्यादा काम एक शिफ्ट में करना पड़ता है।

ड्यूटी के दौरान शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इस संबंध में कई बार प्रमुख को सूचित भी किया। उन्होंने अपने स्तर पर हर संभव मदद करने की कोशिश की, लेकिन वह हर समय मददगार नहीं बन सकते। मनमानी ड्यूटी लगाए जाने पर मेरे द्वारा विरोध करने पर सभी मेरे खिलाफ हो गए। मुझे हर तरह से परेशान करने की कोशिश की जाने लगी, जिसके कारण मैंने अंत में इस्तीफा देना ही उचित समझा।

जांच के नाम पर पीड़ित को किया जाता है गुमराह
उधर, सीनियर द्वारा प्रताड़ित होकर अप्रैल 2021 में पीजीआई से इस्तीफा देने वाले न्यूरो सर्जरी विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. संदीप यादव का कहना है कि जांच के नाम पर कमेटी सिर्फ पीड़ित को गुमराह करने का काम करती है। उनके मामले में जांच कमेटी ने उन्हें कुछ लोगों के ही बयान भेजकर जांच को पूरा करार दे दिया जबकि सीनियर के गलत व्यवहार के कारण उनको अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। संदीप का कहना है कि पीजीआई में रेजिडेंट डॉक्टरों से सीनियर 20-20 घंटे काम करवाते हैं। एक डॉक्टर की बजाय उनके साथ सफाई कर्मचारी जैसा व्यवहार किया जाता है। इस संबंध में शिकायत करने पर पीड़ित को ही दोषी ठहराया जाता है। संदीप ने बताया कि वह पीजीआई में पढ़ने के लिए दूसरे संस्थानों को छोड़कर आए थे, लेकिन सीनियर ने उन्हें पीजीआई में रहने नहीं दिया।

सीनियर रेजिडेंट के इस्तीफे और सीनियर डॉक्टर के खिलाफ दी गई शिकायत मेरे संज्ञान में है। मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। सीनियर पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। मामले की बारीकी से जांच कराई जाएगी। -प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई चंडीगढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed