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Chandigarh: पीजीआई के सीनियर डॉक्टर ने किया आत्महत्या का प्रयास, पत्नी ने देखा तो बची जान

Tue, 04 Oct 2022 02:21 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 04 Oct 2022 02:21 AM IST
सार

सेक्टर-5 न्यू चंडीगढ़ के ब्लॉक सी निवासी डॉ. प्रदीप रेड्डी हेमेटोलॉजी विभाग में सीनियर रेजिडेंट (तीसरे सेमेस्टर) हैं। उन्होंने रविवार की रात करीब एक बजे पत्नी की साड़ी से घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की।

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Senior resident of PGI attempts suicide, admitted to ICU
pgi chandigarh

विस्तार

चंडीगढ़ पीजीआई के हेमेटोलॉजी विभाग के सीनियर रेजिडेंट (एसआर) ने रविवार देर रात फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। गनीमत रही कि समय रहते पत्नी ने देख लिया और उनकी जान बच गई। आनन-फानन रात डेढ़ बजे पत्नी उन्हें लेकर पीजीआई पहुंचीं जहां उनको भर्ती कर लिया गया। फिलहाल वह पीजीआई के आईसीयू में हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। उधर, पीजीआई प्रशासन ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है। सूत्रों का कहना है कि आत्महत्या के प्रयास के पीछे पारिवारिक कलह है। 

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सेक्टर-5 न्यू चंडीगढ़ के ब्लॉक सी निवासी डॉ. प्रदीप रेड्डी हेमेटोलॉजी विभाग में सीनियर रेजिडेंट (तीसरे सेमेस्टर) हैं। उन्होंने रविवार की रात करीब एक बजे पत्नी की साड़ी से घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। उन्हें ऐसा करते पत्नी ने देख लिया और तत्काल उन्हें नीचे उतारा। इसके बाद अचेत अवस्था में उनको लेकर वह तत्काल पीजीआई पहुंचीं। आत्महत्या के प्रयास में डॉक्टर की रीढ़ की हड्डी के साथ शरीर में कई जगह चोटें आईं हैं। इमरजेंसी से उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। साथ ही उनके परिजनों को मामले की सूचना दी गई। इसके बाद घर के अन्य सदस्य सोमवार दोपहर में पीजीआई पहुंच गए। 
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डॉक्टर रेड्डी के सिर और गले का सीटी स्कैन किया गया जिसकी रिपोर्ट सामान्य है। फिलहाल उनको आईसीयू में रखा गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डॉक्टर को मनोचिकित्सा विभाग के अंतर्गत भी ऑब्जरवेशन में रखने का निर्देश दिया गया है क्योंकि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

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कहीं घटना के पीछे काम का दबाव तो नहीं

इस घटना की जानकारी होने पर पीजीआई में इस बात की भी चर्चा रही कि रेजिडेंट डॉक्टर ने काम के दबाव के कारण तो यह कदम नहीं उठाया। डॉक्टरों व कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले भी काम के दबाव के कारण ऐसी कई घटनाएं संस्थान में हो चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद पीजीआई प्रशासन चेत नहीं रहा।

पिछले साल हुईं थीं ये घटनाएं

  • 2021 अप्रैल में पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के सीनियर रेजिडेंट ने काम के दबाव और रेजिडेंट पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया था।
  • 6 अगस्त 2021 को पीजीआई के पल्मोनरी विभाग की ही एक सीनियर रेजिडेंट ने अपने सीनियरों पर मानसिक शोषण का आरोप लगाते हुए संस्थान से इस्तीफा दिया था।
  • 17 नवंबर 2021 को एक सीनियर रेजिडेंट ने पीजीआई में ही आत्महत्या का प्रयास किया था।
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