फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Send children to school without fear, forget to go to Corona

बिना डर के बच्चों को भेजें स्कूल, कोरोना को जाएं भूल

Sun, 26 Sep 2021 02:14 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 26 Sep 2021 02:14 AM IST
विज्ञापन
Send children to school without fear, forget to go to Corona
चंडीगढ़। भारतीय बाल अकादमी का दावा है कि स्कूल जाने से बच्चों में कोरोना नहीं फैलेगा। इसलिए अभिभावक बिना डर के अपने बच्चों को स्कू ल भेजें। विश्व के 150 देश में बच्चे स्कूल जा रहे हैं। यह बातें अकादमी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पीयूष गुप्ता ने शहर के होटल में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नॉर्थ जोन पेडिकॉन- 2021 में दूसरे दिन शनिवार को कही।
विज्ञापन

उनका कहना है कि कोरोना के कारण घर में रहने की आदत होने से बच्चों में तमाम शारीरिक और मानसिक विकार उत्पन्न हो रहे हैं। इससे बचाव के लिए बच्चों को स्कूल भेजना बेहद जरूरी है। इसके लिए कोरोना के टीके लगने का इंतजार करना ठीक नहीं है। अब तक के परिणाम इस बात को साबित कर रहे हैं कि पहली और दूसरी लहर में काफी बच्चे संक्रमित हो चुके हैं, ऐसे में उनमें एंटीबॉडीज बन चुकी है जो संक्रमण से बचाने में मददगार साबित होगी। इसके साथ ही आनुवांशिक सुरक्षा कवच भी इसमें सहायक सिद्ध हो रहा है। इस दौरान डॉ. गौरव, डॉ. अरुण बंसल और डॉ. गुंजन ने भी जानकारी दी।
विज्ञापन

बॉक्स
घर में रहकर बच्चे हो रहे बीमार
डॉ. पीयुष ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय जरनल में भी यह बात प्रकाशित की जा चुकी है कि कोरोना के कारण सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव घरों में बंद रहने से बच्चों पर पड़ा है। बच्चे मोटापा, विकास में बाधा, मानसिक तनाव, अकेलेपन, दृष्टिदोष और श्रवण दोष के साथ ही प्रतियोगिता से पीछे हटने वाले बनते जा रहे हैं। जंक और फास्ट फूड की अधिकता, क्रियाशीलता की कमी, सोशल साइट पर ज्यादा सक्रिय रहने से उनमें शारीरिक और मानसिक विकार तेजी से बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स-
बच्चों के विकास के लिए विशेष अभियान का शुभारंभ
इस अवसर पर बच्चों के संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास के लिए अकादमी ने नरचरिंग केयर फॉर अर्ली चाइल्ड हुड डेवलपमेंट अभियान का शुभारंभ किया। इसके तहत जन्म से 3 साल तक के बच्चों के लिए अभिभावकों को प्रशिक्षित करने का संकल्प लिया गया। अकादमी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. संगीता यादव ने बताया कि इसके जरिए देशभर के बालरोग विशेषज्ञ अभिभावकों से संपर्क कर उनके बच्चों के संपूर्ण विकास से जुड़ी जानकारी देंगे। इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी अकादमी क ी वेबसाइट www.iapindia.org से जानकारी ली जा सकती है।

इनसेट
इन विषयों पर हुआ मंथन
कार्यक्रम में टीकाकरण, बाल चिकित्सा संक्रामक रोग, पोषण, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, न्यूरोडेवलपमेंटल विकार, बाल चिकित्सा गहन देखभाल, बाल चिकित्सा कोविड-19, तर्कसंगत एंटीबायोटिक उपयोग, सामाजिक और किशोर बाल रोग, नवजात देखभाल, श्वसन सहित बाल स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।
इनसेट
ध्यान रखने योग्य बातें
- राष्ट्रीय स्तर की बजाय राज्य स्तर पर संक्रमण की स्थिति का आंकलन हो
- सामाजिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजेशन का पालन सुनिश्चित हो
-उस क्षेत्र की कम से कम 60 प्रतिशत आबादी को कोरोना का टीका लग चुका हो
-स्कूल खुलने के 15 दिन के दौरान स्थिति की समीक्षा की जाए
-संक्रमण दर बढ़ने पर जिला स्तर पर स्कूल बंद करने या जारी रखने का निर्णय हो
- बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभियान चलाया जाए
- किसी भी तरह की परेशानी होने पर अभिभावक बच्चों को स्कूल न भेजें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed