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उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के मुताबिक हो सकते हैं सीनेट चुनाव
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के मुताबिक हो सकते हैं। बताया जाता है कि दो से तीन दिन में चांसलर कार्यालय से समिति की सिफारिशों को मंजूरी मिल जाएगी। उसी मंजूरी को पीयू हाईकोर्ट में प्रस्तुत कर सकती है।
पीयू के सीनेट चुनाव नहीं हो पा रहे हैं। लगभग एक साल से इसका प्रस्ताव अटका हुआ है। कार्यक्रम इसका जारी होता है, लेकिन कोई न कोई बाधा सामने आ जाती है। इस चुनाव के आयोजन के लिए पूर्व सीनेटरों ने प्रदर्शन भी किया। छात्रों ने भी खूब हंगामा किया, लेकिन चुनाव नहीं हो पाए। मामला हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने एक बार चुनाव करवाने के आदेश दिए तो पीयू ने यह कहते हुए राहत ले ली कि अभी कोरोना का प्रकोप अधिक है। अब अगली सुनवाई आठ जुलाई को होगी।
सूत्रों का कहना है कि पीयू के पास अब कोई चारा नहीं है। उसे चुनाव करवाने ही होंगे। ऐसे में पीयू शासन सुधार को बनाई गई उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट सामने आ गई, जो मंजूरी के लिए चांसलर को भेज दी गई। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट को चांसलर कार्यालय से दो-तीन दिन में मंजूरी मिल सकती है। उसी के आधार पर फिर चुनाव होंगे।
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सीनेट में प्रस्तुत की जाएं सभी सिफारिशें
पुटा के सचिव अमरजीत सिंह नौरा ने कहा है कि उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशें सीनेट में लाई जानी चाहिए। वहां सभी सदस्य इन पर चर्चा करें। पूरी रिपोर्ट जब सामने आएगी, उसके बाद ही पुटा अपना मत सामने लाएगी। हालांकि पीयू एक्ट के मुताबिक कोई चीज पीयू में लागू होती है, तो उसे सीनेट से गुजरना पड़ता है।
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पीयू के सीनेट चुनाव नहीं हो पा रहे हैं। लगभग एक साल से इसका प्रस्ताव अटका हुआ है। कार्यक्रम इसका जारी होता है, लेकिन कोई न कोई बाधा सामने आ जाती है। इस चुनाव के आयोजन के लिए पूर्व सीनेटरों ने प्रदर्शन भी किया। छात्रों ने भी खूब हंगामा किया, लेकिन चुनाव नहीं हो पाए। मामला हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने एक बार चुनाव करवाने के आदेश दिए तो पीयू ने यह कहते हुए राहत ले ली कि अभी कोरोना का प्रकोप अधिक है। अब अगली सुनवाई आठ जुलाई को होगी।
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सूत्रों का कहना है कि पीयू के पास अब कोई चारा नहीं है। उसे चुनाव करवाने ही होंगे। ऐसे में पीयू शासन सुधार को बनाई गई उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट सामने आ गई, जो मंजूरी के लिए चांसलर को भेज दी गई। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट को चांसलर कार्यालय से दो-तीन दिन में मंजूरी मिल सकती है। उसी के आधार पर फिर चुनाव होंगे।
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सीनेट में प्रस्तुत की जाएं सभी सिफारिशें
पुटा के सचिव अमरजीत सिंह नौरा ने कहा है कि उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशें सीनेट में लाई जानी चाहिए। वहां सभी सदस्य इन पर चर्चा करें। पूरी रिपोर्ट जब सामने आएगी, उसके बाद ही पुटा अपना मत सामने लाएगी। हालांकि पीयू एक्ट के मुताबिक कोई चीज पीयू में लागू होती है, तो उसे सीनेट से गुजरना पड़ता है।