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Hindi News ›   Chandigarh ›   Selja Kumari Appointed New Haryana Congress President, Haryana Assembly Elections 2019

विस चुनावः हरियाणा कांग्रेस में फेरबदल, सैलजा बनीं प्रदेशाध्यक्ष, हुड्डा चुनाव समिति के चेयरमैन

Thu, 05 Sep 2019 02:05 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 05 Sep 2019 02:05 AM IST
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Selja Kumari Appointed New Haryana Congress President, Haryana Assembly Elections 2019
कुमारी शैलजा - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से अशोक तंवर और कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से किरण चौधरी की छुट्टी कर दी गई है। राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा को हरियाणा कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व सीएम हुड्डा को चुनाव प्रबंधन समिति का चेयरमैन नियुक्त करने के साथ ही सीएलपी लीडर व नेता विपक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। 

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कांग्रेस महासचिव व हरियाणा प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने एआईसीसी मुख्यालय दिल्ली में कांग्रेस महासचिव, संगठन केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में इसकी घोषणा की। कांग्रेस आलाकमान की घोषणा के साथ ही प्रदेश में चुनावी कमान हुड्डा और सैलजा के हाथ में आ गई है। चुनाव पूर्व सीएम हुड्डा की अगुवाई में ही लड़े जाएंगे, जबकि सैलजा संगठन का जिम्मा संभालेंगी।
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 दोनों नेताओं पर कार्यकर्ताओं में नया जोश उत्पन्न करने और चुनाव के लिए सभी गुटों को एकजुट करने का भी जिम्मा रहेगा। चूंकि, प्रदेश में कांग्रेस छह गुटों में बंटी हुई है। भाजपा को विधानसभा में कांग्र्रेस एकजुट होकर ही कड़ी टक्कर दे सकती है।

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हुड्डा को कमान मिलने से तेरह समर्थक विधायकों और अनेक पूर्व विधायकों, मंत्रियों में नए रक्त का संचार होगा। हुड्डा कैंप जहां चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकेगा, वहीं खुद हुड्डा के सामने भी विधानसभा चुनाव में खुद को साबित कर कांग्रेस को दोबारा सत्ता में लाने की बड़ी चुनौती है। चूंकि, भाजपा का चुनाव प्रचार कांग्रेस से कहीं आगे निकल चुका है।
 
भाजपा 75 प्लस का लक्ष्य लेकर मैदान में उतर चुकी है, जबकि कांग्रेस चुनावी तैयारियों में पिछड़ी हुई है। धरातल पर संगठन कमजोर है। बीते लोकसभा चुनाव में दस की दस सीटें हारने के पीछे संगठन का न होना भी बड़ा कारण रहा था।

ऐसे में अब सैलजा को चुनाव से एकदम पहले संगठन को चुस्त-दुरुस्त कर कार्यकर्ताओं को फील्ड में उतारना होगा तो हुड्डा को जीत के लिए चुनावी बिसात बिछानी होगी। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद हुड्डा विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर हाईकमान के सामने अपना कद बरकरार रखने की कोशिश करेंगे।

एकजुट होकर चुनाव लड़ भाजपा को सत्ता से करेंगे बाहर : आजाद

प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने हुड्डा और सैलजा के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव जीतने का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर लड़ेगी और भाजपा को सत्ता से बाहर किया जाएगा। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह महत्वपूर्ण बदलाव है। आज जो नियुक्ति हुई हैं, ये भविष्य में कांग्रेस बनाने और चुनाव लड़ाने के लिए हैं।

सैलजा कांग्रेस पार्टी को मजबूत करेंगी तो हुड्डा चुनाव प्रबंधन करेंगे और चुनाव लड़ाएंगे। दोनों को जो जिम्मेदारियां दी हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि दोनों ये काम करने के लिए सक्षम हैं। कांग्रेस बहुत बड़ी पार्टी है, इसमें सबकी भूमिका का उपयोग होगा, चाहे वो भूतपूर्व पीसीसी प्रेसीडेंट हों या सीएलपी लीडर हों, अपने समय में उन्होंने अच्छा काम किया, अच्छी भूमिका निभाई। सबका सहयोग लिया जाएगा। यहां किसी को कमी महसूस नहीं होने देंगे। जहां जिसका उपयोग होगा, जरूर करेंगे।

सैलजा के पिता भी रह चुके प्रदेशाध्यक्ष
कुमारी सैलजा केंद्रीय मंत्री रही हैं। कई विभाग उन्होंने संभाले हैं, पूर्व पीएम नरसिम्हा राव के जमाने से लेकर और यूपीए-एक और यूपीए-दो तक। उनके पिता चौधरी दलबीर सिंह भी केंद्रीय मंत्री और पीसीसी के अध्यक्ष रहे हैं। सैलजा का जन्म 24 सितंबर 1962 को गांव प्रभुवाला जिला हिसार में हुआ। 10 अप्रैल 2014 से हरियाणा से राज्यसभा सांसद हैं।

प्रमुख दलित नेता रहे चौधरी दलबीर सिंह की सुपुत्री सैलजा की मुख्य शिक्षा-दीक्षा नई दिल्ली के जीसस ऐंड मेरी स्कूल में हुई। पंजाब विश्वविद्यालय से एमफिल (दर्शनशास्त्र में परास्नातक) हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनने से की। वह दो बार सिरसा व दो बार अंबाला से सांसद रही हैं। बीते लोकसभा चुनाव में अंबाला से मैदान में उतरी थीं, लेकिन जीत नहीं पाईं।

हुड्डा को विरासत में मिली राजनीति
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा 2005 से 2014 तक सीएम रहे। तीन दफा चौधरी देवीलाल को हराकर लोकसभा पहुंचे। पुश्तैनी कांग्रेसी हैं, उनके पिता चौधरी रणबीर सिंह पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरु के जमाने में यूनाईटेड पंजाब के सिंचाई मंत्री रहे हैं। उनके पिता महात्मा गांधी के जमाने में डिस्ट्रिक्ट प्रेजिडेंट रहे। उनकी चौथी पीढ़ी राजनीति में है। कांग्रेस हाईकमान ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महत्वपूर्ण पद सौंपे हैं।

पार्टी के फैसले का सम्मान : हुड्डा
पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने जो निर्णय लिया है, उसका सम्मान करता हूं। जो जिम्मेदारी मिली है, उसे निभाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी का जिम्मेदारी सौंपने के लिए धन्यवाद। 

तंवर बोले-मुझे पद से हटाने वाला कोई नहीं, इसके तीन घंटे बाद ही हाथ से निकल गई प्रदेश की कमान
जाखौली गांव में अपने गुट के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित सभा में पहुंचे अशोक तंवर ने पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा और पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया पर जमकर हमला बोला। तंवर ने कहा कि जयतीर्थ पांच साल से मुझे पद से हटवाने में लगे थे, लेकिन पहले उन्होंने अपनी अंगुली तुड़वाई तो अब इस्तीफा देना पड़ा।

इसी तरह पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी मुझे हटवाने के लिए खूब जोर लगा रहे हैं, मगर मुझे कोई हटाने वाला नहीं है। मगर इस बयान के तीन घंटे बाद ही तंवर को दिल्ली से पद से हटाने और उनकी जगह सैलजा को प्रदेश संगठन की कमान मिलने की खबर मिली।

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