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Hindi News ›   Chandigarh ›   Security monitoring of wild animals will increase in Sukhna Wildlife Sanctuary.

Chandigarh News: सुखना वन्य जीव अभयारण्य में जंगली जीवों की सुरक्षा निगरानी बढ़ेगी

Fri, 22 Nov 2024 03:51 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2024 03:51 AM IST
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Security monitoring of wild animals will increase in Sukhna Wildlife Sanctuary.
चंडीगढ़। सुखना वन्य जीव अभयारण्य में दिसंबर अंत तक कई नए अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाने की तैयारी चल रही है। ये उपकरण जंगली जीवों की सुरक्षा, निगरानी और संरक्षण में मदद करेंगे। इन उपकरणों में गन, प्रोटेक्टिव सूट, पिंजरे, मेडिकल उपकरण, ड्रोन, वाइल्डलाइफ एंबुलेंस, कैमरा, ब्लो पाइप किट, हेड गियर, टॉर्च आदि शामिल हैं। इससे वन्य जीवों पर सही ढंग से निगरानी हो सकेगी।
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अभयारण्य में जानवरों की गणना करने के लिए विशेष तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें जानवरों के मल, पैरों के निशान और कैमरों की मदद से संख्या का अनुमान लगाया जाता है। वन्य जीव विभाग का कहना है कि आधुनिक उपकरणों के लगने से जानवरों की गणना करना बहुत आसान हो जाएगा। ड्रोन और कैमरे जैसे अत्याधुनिक उपकरणों से अभयारण्य में जानवरों की गतिविधियों की निगरानी हो सकेगी। इससे न जानवरों की गणना के साथ अवांछित गतिविधि पर भी तत्काल ध्यान दिया जा सकेगा।
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अभयारण्य में बड़ी संख्या में वन्य जीवों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें बिग कैट्स, सांबर, पोक्युपाइन, नील गाय, अजगर और मंगूज आदि प्रजातियां शामिल हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर सुखना वन्य जीव अभयारण्य प्रशासन गंभीर है। आधुनिक उपकरणों से वन्य जीवों की निगरानी और संरक्षण के प्रयास को और मजबूत किया जाएगा।
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तेंदुए के पैरों के निशान मिले
नेपली कांसल फॉरेस्ट में इलाके में बीते 17 नवंबर को लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक तेंदुआ पानी के स्रोत के पास आता दिखाई दे रहा है। यहां पर पहले भी तेंदुए के पैरों के निशान मिल चुके हैं। अभयारण्य में तेंदुए की मौजूदगी दर्शाती है कि यहा का हैबिटेट उसके अनुकूल है। साल 2021 में हुई गणना में सांभरों की गिनती राजाजी टाइगर रिजर्व के बराबर पाई गई थी। वन विभाग के उप वन संरक्षक (डीसीएफ) नवनीत श्रीवास्तव के अनुसार तेंदुए की उपस्थिति अभयारण्य का पर्यावरण और वन्य जीवों के लिए वातावरण के बेहतर होने का प्रमाण देती है।
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