कालका-पिंजौर में 24 घंटे में दूसरी मौत: डॉक्टर बोले- सर्कुलेटरी शॉक, परिजन बोले- गलत इंजेक्शन से बिगड़ी हालत
मृतक की पहचान घाटीवाला निवासी शुभम के रूप में हुई है। डॉक्टरों के अनुसार यह मौत सर्कुलेटरी शॉक से हुई है। परिजनों का आरोप है कि शुभम को गलत टीका लगाने की वजह से मौत हुई है।
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सेनेटरी इंस्पेक्टर की मौत के 24 घंटे के अंदर ही पिंजौर के एक अन्य 18 वर्षीय डेंगू संक्रमित युवक ने भी दम तोड़ दिया है। डॉक्टरों ने इसको सर्कुलेटरी शॉक बताया है। डेंगू और डेंगू संक्रमित से तीसरी मौत और बुखार से 12 मौतें होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। रविवार को जिले में 23 और नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इस प्रकार जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या 280 पहुंच गई है।
सेनेटरी इंस्पेक्टर की मौत के बाद कालका एसडीएच (सब डिवीजनल अस्पताल) और पिंजौर पॉलीक्लीनिक में नई ब्लड टेस्टिंग लैब और डेंगू एलिसा रीडर टेस्ट की व्यवस्था कर दी गई है। इससे अब मरीजों को सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रविवार को विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने भी दौरा कर हालातों का जायजा लिया।
इसके अलावा हरियाणा स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वीना सिंह ने भी देर रात मरीजों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। बीमारी से जो भी मौत हो रही हैं, उसकी जांच के लिए डॉक्टरों को डेथ आडिट पर बैठा दिया है। जांच के बाद मौतों का कारण पता चलेगा। डेंगू संक्रमित होने के बाद उपचार के दौरान चंडीगढ़ के जीएमसीएच में पिंजौर के 18 वर्षीय युवक की रविवार की अल सुबह करीब तीन बजे मौत हो गई।
मृतक की पहचान घाटीवाला निवासी शुभम के रूप में हुई है। डॉक्टरों के अनुसार यह मौत सर्कुलेटरी शॉक से हुई है। परिजनों का आरोप है कि शुभम को गलत टीका लगाने की वजह से मौत हुई है। मृतक के भाई सन्नी ने बताया कि 9 सितंबर को शुभम को बुखार था। पिंजौर के निजी लैब में उसका टेस्ट करवाया गया।
वहां डेंगू की पुष्टि हुई। उस समय उसके प्लेटलेट्स करीब 90 हजार थे। उसने बताया कि अचानक शुभम की तबीयत खराब होने के बाद उसे कालका एसडीएच ले जाया गया। जहां पर उसे ड्रीप लगाई गई और दो इंजेक्शन लगाकर उसको घर भेज दिया गया। जैसे ही शुभम घर पहुंचा, उसका पूरा शरीर कांपने लगा और उसे दस्त लग गए।
जैसे-तैसे उसको कालका अस्पताल ले गए। जहां उसकी स्थिति नाजुक होने के बाद उसे सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। पंचकूला में ग्लूकोज लगाकर उसे चंडीगढ़ सेक्टर-32 रेफर कर दिया गया। रविवार की अल सुबह करीब तीन बजे शुभम ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि कालका एसडीएच में शुभम को जो इंजेक्शन लगे थे, उसकी वजह से उसकी ज्यादा तबीयत खराब हुई।
23 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि
जिले में डेंगू के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। रविवार को डेंगू की 23 नए मरीजों में पुष्टि हुई है। इसे लेकर जिले में डेंगू का आंकड़ा 280 पहुंच गया है। इसकी पुष्टि पंचकूला की सिविल सर्जन मुक्ता कुमार ने की है। विभाग की तरफ से डेंगू जांच के लिए 3063 सैंपल एकत्रित किए गए थे। इसमें से 129836 घरों का डोर टू डोर सर्वे किया गया है। इनमें रविवार को 113 लोगों को नोटिस दिया गया था। इसके अलावा रविवार को 153 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी। सीएमओ मुक्ता कुमार ने जिले के लोगों से अपील की है कि अगर किसी को बुखार है तो वह अपना टेस्ट जरूर कराएं।
कालका-पिंजौर में एक घंटे में मिलेगी रिपोर्ट
अब पिंजौर और कालका के लोगों को डेंगू की जांच के लिए नागरिक अस्पताल और निजी लैबों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब यह सुविधा कालका के सीएससी सेंटर और पिंजौर स्थित पॉलीक्लिनिक में मिलेगी। मरीजों की सुविधा के लिए नई ब्लड टेस्टिंग लैब और डेंगू एलिसा रीडर टेस्ट की व्यवस्था यहां कर दी गई है।
रविवार को विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने इन सेवाओं का शुभारंभ किया। अब मरीजों को एक घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। बता दें कि जिले में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले पिंजौर और कालका से आए हैं। अब तक 280 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें करीब 240 मरीज पिंजौर और कालका के शामिल हैं। सब डिवीजन एरिया में डेंगू टेस्ट की जांच के लिए सरकारी अस्पताल में एक भी लैब नहीं था। इस वजह से लोगों को या तो निजी लैबों का सहारा लेना पड़ता था या फिर पंचकूला के नागरिक अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही थी।
24 घंटे पेयजल की सप्लाई मिले तो डेंगू के लारवा नहीं पनपेंगे
जिले में डेंगू से भले ही दो लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन अब तक कालका में 24 घंटे पेयजल की सप्लाई बहाल नहीं हुई है। इस कारण कालका में लोगों को पेयजल एकत्रित करके रखना पड़ता है। इसमें डेंगू के लारवा पनपते हैं। स्टोर पानी में लारवा पैदा होने के कारण डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम सहित विभिन्न विभागों की बैठक की गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। यहां पानी की सप्लाई दिन में सुबह और शाम होने के कारण लोग पानी को कंटेनर में पानी स्टोर करके रखते हैं।
पंचकूला सहित कालका, पिंजौर में पानी सप्लाई को लेकर जल्द ही संबंधित विभागों के साथ बैठक करेंगे। पानी की सप्लाई को बढ़ाने के लिए जल्द ही फैसला लिया जाएगा। महावीर कौशिक, उपायुक्त, पंचकूला प्रशासन।
मामला संज्ञान में आ गया है, इसकी जांच करवाई जाएगी। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. राजीव नरवाल, सीनियर मेडिकल ऑफिसर कालका।