{"_id":"67311959fd710ad37705c256","slug":"scrapping-and-recycling-of-old-vehicles-will-happen-in-haryana-haryana-news-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-559448-2024-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा: प्रदेश में पुराने वाहनों की होगी स्क्रैपिंग और री-साइक्लिंग, जानिए इससे क्या होगा फायदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा: प्रदेश में पुराने वाहनों की होगी स्क्रैपिंग और री-साइक्लिंग, जानिए इससे क्या होगा फायदा
Mon, 11 Nov 2024 10:22 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2024 10:22 AM IST
सार
हरियाणा में पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग और री-साइक्लिंग होगी। प्रदेश में स्थापित की जाने वाली नई उद्योग इकाइयों को पूंजी अनुदान या राज्य जीएसटी में प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
विज्ञापन
पुराने वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हरियाणा सरकार ने राज्य में पंजीकृत वाहन स्क्रैपेज एवं री-साइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति-2024 अधिसूचित की है। इससे राज्य में पुराने वाहनों के स्क्रैपिंग और री-साइक्लिंग सुविधा उपलब्ध होगी और जगह-जगह कबाड़ में तब्दील हो चुके वाहनों के पुर्जों का दोबारा उपयोग हो सकेगा। इससे राज्य में ईको पर्यावरण में भी सुधार होगा। इस नीति को सरकार उद्योग का दर्जा देगी।
हरियाणा में स्थापित की जाने वाली नई उद्योग इकाइयों को पूंजी अनुदान या राज्य जीएसटी में प्रतिपूर्ति दी जाएगी। नीति के तहत उद्योग एवं वाणिज्य विभाग हरियाणा राज्य औद्योगिक विभाग के माध्यम से 10 वर्ष की लीज पर देने का माॅड्यूल तैयार करेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एनजीटी द्वारा पुराने डीजल वाहनों की 10 व पेट्रोल वाहनों की 15 वर्ष तक पासिंग सीमा अवधि तय करने बाद कंडम वाहनों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और इसको देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
सरकार देगी 20 करोड़ तक वित्तीय सहायता
सरकार स्टार्टअप, महिला उद्यमी और अनुसूचित जाति श्रेणी के उम्मीदवारों को उद्यम पूंजी निधि स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाएगी। अवसंचरण विकसित करने के लिए 20 करोड़ तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें भूमि को छोड़कर संर्पूण परियोजना की 10 प्रतिशत लागत और औद्योगिक श्रेणी के डी ब्लाॅक में शत प्रतिशत और बी व सी श्रेणी के ब्लाॅक में 75 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति की जाएगी। उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जो 5 करोड़ रुपये तक का होगा। इसके अलावा राज्य के युवाओं के कौशल एवं रोजगार उपलब्ध कराने वाले 10 ऐसे उद्योगों को 50 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
सरकार की इस पहल से वाहनों के पुर्जों की री-साइक्लिंग होने से दोबारा से इस्तेमाल संभव हो सकेगा। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाव होगा और अर्थ व्यवस्था भी मजबूत होगी। इसके अलावा वाहन मालिकों को भी आर्थिक लाभ होगा और जनता को सड़कों, गलियों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कंडम वाहनों की पार्किंग से निजात मिलेगी। -राव नरबीर सिंह, उद्योग मंत्री, हरियाणा
विज्ञापन
हरियाणा में स्थापित की जाने वाली नई उद्योग इकाइयों को पूंजी अनुदान या राज्य जीएसटी में प्रतिपूर्ति दी जाएगी। नीति के तहत उद्योग एवं वाणिज्य विभाग हरियाणा राज्य औद्योगिक विभाग के माध्यम से 10 वर्ष की लीज पर देने का माॅड्यूल तैयार करेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एनजीटी द्वारा पुराने डीजल वाहनों की 10 व पेट्रोल वाहनों की 15 वर्ष तक पासिंग सीमा अवधि तय करने बाद कंडम वाहनों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और इसको देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
विज्ञापन
सरकार देगी 20 करोड़ तक वित्तीय सहायता
सरकार स्टार्टअप, महिला उद्यमी और अनुसूचित जाति श्रेणी के उम्मीदवारों को उद्यम पूंजी निधि स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाएगी। अवसंचरण विकसित करने के लिए 20 करोड़ तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें भूमि को छोड़कर संर्पूण परियोजना की 10 प्रतिशत लागत और औद्योगिक श्रेणी के डी ब्लाॅक में शत प्रतिशत और बी व सी श्रेणी के ब्लाॅक में 75 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति की जाएगी। उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जो 5 करोड़ रुपये तक का होगा। इसके अलावा राज्य के युवाओं के कौशल एवं रोजगार उपलब्ध कराने वाले 10 ऐसे उद्योगों को 50 लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
सरकार की इस पहल से वाहनों के पुर्जों की री-साइक्लिंग होने से दोबारा से इस्तेमाल संभव हो सकेगा। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाव होगा और अर्थ व्यवस्था भी मजबूत होगी। इसके अलावा वाहन मालिकों को भी आर्थिक लाभ होगा और जनता को सड़कों, गलियों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर कंडम वाहनों की पार्किंग से निजात मिलेगी। -राव नरबीर सिंह, उद्योग मंत्री, हरियाणा